फ्लाइट में लगा डर तो 18 साल के छात्र ने बना डाली AI तकनीक, जीता 83 लाख की स्कॉलरशिप
Kaushiki | Sept 17, 2026, 13:33 IST
aditya-sengupta
18 साल के आदित्य सेनगुप्ता ने AI आधारित ForeCAT सिस्टम बनाया। यह हवा के अदृश्य झटकों का पूर्वानुमान लगाता है। इसके लिए उन्हें 83 लाख की स्कॉलरशिप मिली।
18 साल के भारतीय मूल के छात्र आदित्य सेनगुप्ता ने एक खास AI सिस्टम बनाया है। इसका नाम ForeCAT है। इसके लिए उन्हें अमेरिका का डेविडसन फेलो लॉरेट सम्मान मिला है। साथ ही उन्हें एक लाख डॉलर (करीब 83 लाख रुपए) की स्कॉलरशिप दी गई।
यह सिस्टम आसमान में अदृश्य हवा के झटकों का पहले से अंदाजा लगा सकता है। एक डरावनी फ्लाइट के अनुभव से उन्हें यह आइडिया मिला। इस आविष्कार के लिए उन्हें अमेरिका में डेविडसन फेलो लॉरेट सम्मान और एक लाख डॉलर की स्कॉलरशिप मिली है। आइए इसके बारे में जानें...
हवाई सफर के दौरान अचानक झटके लगना किसी को भी डरा सकते हैं। आदित्य के साथ भी ऐसा ही हुआ था। लेकिन उन्होंने इस डर को शोध में बदल दिया। उनके मन में सवाल उठा कि इतने खतरनाक झटकों का पहले पता क्यों नहीं चलता।
इसी सवाल ने उन्हें एक नई राह पर चला दिया। हाई स्कूल में रहते हुए उन्होंने खुद से पढ़ाई शुरू की। उनके पास कोई बड़ी लैब नहीं थी। फिर भी उन्होंने वायुमंडलीय विज्ञान, टर्बुलेंस फिजिक्स और मशीन लर्निंग सीखी।
ज्यादातर हवाई झटकों की वजह बादल होते हैं। पायलट बादल देखकर रास्ता बदल सकते हैं। लेकिन क्लियर-एयर टर्बुलेंस (CAT – Clear Air Turbulence) अलग है। यह बिना किसी चेतावनी के अचानक आता है।
इसी वजह से यह ज्यादा खतरनाक माना जाता है। ForeCAT सिस्टम एक AI बेस्ड सिस्टम है जो क्लियर-एयर टर्बुलेंस का पूर्वानुमान लगाता है। इसे आदित्य सेनगुप्ता ने बनाया है। यह न्यूरल नेटवर्क और एटमोस्फियरिक फिजिक्स को जोड़ता है।
आदित्य के सिस्टम में न्यूरल नेटवर्क के साथ वायुमंडलीय भौतिकी के नियम भी जोड़े गए हैं। यह हवा की छिपी तरंगों को पहचानता है। फिर उनकी तीव्रता का अंदाजा लगाता है।
रिसर्च डेटा के मुताबिक इस सिस्टम ने 95% सटीकता दिखाई है। यह मौजूदा तरीकों से कहीं बेहतर है। मई 2024 में सिंगापुर एयरलाइंस की फ्लाइट में भीषण टर्बुलेंस हुआ था। इस सिस्टम ने उस घटना का 87% सटीकता के साथ पूर्वानुमान लगाया।
आदित्य बताते हैं कि विज्ञान का रास्ता सीधा नहीं होता। शुरुआत में कई मॉडल काम नहीं कर पाए। लगातार कोशिशों के बाद उन्होंने सफल एल्गोरिदम तैयार किया।
क्लाइमेट चेंज के कारण एटमोस्फियरिक हलचलें बढ़ रही हैं। इससे आने वाले समय में टर्बुलेंस का खतरा और बढ़ सकता है। ऐसे में ForeCAT जैसे सिस्टम की अहमियत भी बढ़ेगी। वे अब कंप्यूटर साइंस और AI के जरिए मानव जीवन को सुरक्षित बनाने के लिए आगे की पढ़ाई करेंगे।
आदित्य पहले भी उपलब्धियां हासिल कर चुके हैं। वे VEX रोबोटिक्स वर्ल्ड चैंपियनशिप में अपनी टीम के साथ दुनिया में दूसरे स्थान पर रह चुके हैं। वे रीजेनरॉन साइंस टैलेंट सर्च स्कॉलर भी चुने गए हैं।
अब आदित्य कंप्यूटर साइंस और नेचुरल साइंसेज की पढ़ाई आगे बढ़ाना चाहते हैं। उनका मकसद फिजिक्स और AI की मदद से बड़ी समस्याओं का हल ढूंढना है। Scholarship
इस तकनीक को आगे चलकर एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC – Air Traffic Control) से जोड़ा जा सकता है। इसे फ्लाइट प्लानिंग सॉफ्टवेयर का हिस्सा भी बनाया जा सकता है। इससे पायलटों को खतरनाक क्षेत्र में जाने से पहले ही रूट बदलने का समय मिलेगा।
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यह सिस्टम आसमान में अदृश्य हवा के झटकों का पहले से अंदाजा लगा सकता है। एक डरावनी फ्लाइट के अनुभव से उन्हें यह आइडिया मिला। इस आविष्कार के लिए उन्हें अमेरिका में डेविडसन फेलो लॉरेट सम्मान और एक लाख डॉलर की स्कॉलरशिप मिली है। आइए इसके बारे में जानें...
एक डरावने सफर ने बदली सोच
इसी सवाल ने उन्हें एक नई राह पर चला दिया। हाई स्कूल में रहते हुए उन्होंने खुद से पढ़ाई शुरू की। उनके पास कोई बड़ी लैब नहीं थी। फिर भी उन्होंने वायुमंडलीय विज्ञान, टर्बुलेंस फिजिक्स और मशीन लर्निंग सीखी।
इनविजिबल थ्रेट है टर्बुलेंस
इसी वजह से यह ज्यादा खतरनाक माना जाता है। ForeCAT सिस्टम एक AI बेस्ड सिस्टम है जो क्लियर-एयर टर्बुलेंस का पूर्वानुमान लगाता है। इसे आदित्य सेनगुप्ता ने बनाया है। यह न्यूरल नेटवर्क और एटमोस्फियरिक फिजिक्स को जोड़ता है।
ForeCAT सिस्टम कैसे करता है काम
रिसर्च डेटा के मुताबिक इस सिस्टम ने 95% सटीकता दिखाई है। यह मौजूदा तरीकों से कहीं बेहतर है। मई 2024 में सिंगापुर एयरलाइंस की फ्लाइट में भीषण टर्बुलेंस हुआ था। इस सिस्टम ने उस घटना का 87% सटीकता के साथ पूर्वानुमान लगाया।
कई मॉडल फेल होने के बाद मिली सफलता
क्लाइमेट चेंज के कारण एटमोस्फियरिक हलचलें बढ़ रही हैं। इससे आने वाले समय में टर्बुलेंस का खतरा और बढ़ सकता है। ऐसे में ForeCAT जैसे सिस्टम की अहमियत भी बढ़ेगी। वे अब कंप्यूटर साइंस और AI के जरिए मानव जीवन को सुरक्षित बनाने के लिए आगे की पढ़ाई करेंगे।
रोबोटिक्स में भी बना चुके हैं पहचान
अब आदित्य कंप्यूटर साइंस और नेचुरल साइंसेज की पढ़ाई आगे बढ़ाना चाहते हैं। उनका मकसद फिजिक्स और AI की मदद से बड़ी समस्याओं का हल ढूंढना है। Scholarship
इस तकनीक को आगे चलकर एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC – Air Traffic Control) से जोड़ा जा सकता है। इसे फ्लाइट प्लानिंग सॉफ्टवेयर का हिस्सा भी बनाया जा सकता है। इससे पायलटों को खतरनाक क्षेत्र में जाने से पहले ही रूट बदलने का समय मिलेगा।
ये खबरें भी पढ़ें...
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