99 सरकारी दफ्तरों ने नहीं दिया एडवांस, प्रीपेड मीटर योजना फिर टली

Aishwarya Dwivedi | Aug 05, 2026, 11:07 IST
बिलासपुर में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने का काम टाल दिया गया
बिलासपुर संभाग में सरकारी दफ्तरों पर 800 करोड़ रुपए का बिजली बिल बकाया है। 99 विभागों द्वारा एडवांस न जमा करने से स्मार्ट प्रीपेड मीटर योजना तीसरी बार टल गई है।

समझें क्या है पूरा मामला

बिलासपुर में सरकारी दफ्तरों के स्मार्ट मीटर एक अगस्त से प्रीपेड नहीं हो सके। बिजली कंपनी ने 100 दफ्तरों को तीन महीने के बिल के बराबर राशि जमा करने को कहा था। इसमें से सिर्फ क्रेडा विभाग ने ही एडवांस राशि जमा कराई। बाकी 99 विभागों ने न तो पैसे दिए और न ही पत्र का जवाब दिया। सहयोग न मिलने से यह योजना तीसरी बार टल गई है।



प्रीपेड मीटर पर लगा ब्रेक

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर संभाग में बिजली कंपनी को बड़ा झटका लगा है। सरकारी दफ्तरों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने की योजना रुक गई है। यह योजना लगातार तीसरी बार टली है। विभागों से सहयोग न मिलने के कारण ऐसा हुआ है। बिजली कंपनी ने 100 सरकारी दफ्तरों को नोटिस भेजा था। उनसे तीन महीने के औसत बिल के बराबर एडवांस मांगा गया था। तय समय सीमा एक अगस्त रखी गई थी। केवल क्रेडा (CREDA – Chhattisgarh Renewable Energy Development Agency) विभाग ने एडवांस राशि जमा की। बाकी 99 दफ्तरों ने कोई जवाब नहीं दिया।



बकाया बिल का आंकड़ा

बिलासपुर संभाग में कुल 20 हजार 577 सरकारी बिजली कनेक्शन हैं। इन पर एक साल का 800.02 करोड़ रुपए बकाया है। इसमें से 757.40 करोड़ रुपए केवल 10 बड़े विभागों पर बकाया हैं। ग्राम पंचायतें सबसे बड़ी बकायेदार हैं। उन पर 291.47 करोड़ रुपए बाकी हैं। नगर निगमों पर 258.70 करोड़ रुपए का बिल बकाया है। नगर पालिका पर 74.55 करोड़ रुपए का बकाया है। स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग पर भी करोड़ों रुपए बाकी हैं।



प्रीपेड मीटर योजना स्थगित


केंद्रीय अनुदान पर असर

केंद्र सरकार की शर्तों के अनुसार दफ्तरों को प्रीपेड करना जरूरी था। ऐसा न होने से केंद्रीय अनुदान अटक गया है। राज्य को मिलने वाली अनुदान राशि का एक-तिहाई हिस्सा रुक गया है। पहले भी यह योजना दो बार टल चुकी है। तब उच्च स्तर पर सहमति नहीं बन सकी थी। इस बार विभागों की अनदेखी से काम रुक गया।



आम जनता का विरोध

घरों में स्मार्ट मीटर लगाने का विरोध हो रहा है। लोगों का आरोप है कि बिल तीन से चार गुना बढ़ गया है। अब तक शहर में 1.05 लाख मीटर लग चुके हैं। करीब 40 हजार मीटर अभी बाकी हैं। 50 से ज्यादा लोगों ने लैब जांच कराई है। हालांकि सभी मीटर सही पाए गए हैं।



FAQ

  1. बिलासपुर में प्रीपेड मीटर योजना क्यों टली?
    उत्तर: 99 सरकारी विभागों ने नियम के अनुसार एडवांस राशि जमा नहीं की। बिजली कंपनी को सहयोग न मिलने से यह योजना तीसरी बार टली।
  2. बिलासपुर के सरकारी विभागों पर कितना बिजली बिल बकाया है?
    उत्तर: संभाग के 20,577 सरकारी कनेक्शनों पर कुल 800.02 करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया है। इसमें सबसे बड़ा बकायेदार ग्राम पंचायत है।
  3. क्या आम घरों के स्मार्ट मीटर की जांच में कोई खराबी मिली?
    उत्तर: 50 से अधिक उपभोक्ताओं ने 500 रुपये शुल्क देकर लैब जांच कराई। जांच में सभी स्मार्ट मीटर तकनीकी रूप से सही पाए गए।

यह खबरें भी पढ़ें...

स्मार्ट मीटर वापस लेने छत्तीसगढ़ में आंदोलन, 1 अगस्त से कांग्रेस का हल्ला बोल



1500 का बिल सीधे 7000 पार : स्मार्ट मीटर के खिलाफ लोगों में भारी आक्रोश



स्मार्ट मीटर से आसान हुआ बिजली का हिसाब, अब उपभोक्ता खुद कर रहे खपत की निगरानी और बचत



छत्तीसगढ़ स्मार्ट मीटर विवाद: क्रेडा अध्यक्ष ने कहा- राजनीतिक लाभ के लिए गुमराह कर रही कांग्रेस



Tags:
  • छत्तीसगढ़
  • केंद्र सरकार
  • शिक्षा विभाग
  • स्मार्ट मीटर
  • स्मार्ट प्रीपेड मीटर
  • बिलासपुर संभाग