छत्तीसगढ़ स्मार्ट मीटर विवाद: क्रेडा अध्यक्ष ने कहा- राजनीतिक लाभ के लिए गुमराह कर रही कांग्रेस
The Sootr | Jul 22, 2026, 14:40 IST
सीजी में स्मार्ट मीटर पर कांग्रेस फैला रही भ्रम
छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर को लेकर कांग्रेस के विरोध पर क्रेडा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी ने जवाब दिया है। उनका कहना है कि यह योजना कांग्रेस सरकार के समय ही शुरू हुई थी। बिजली बिल बढ़ने की वजह गर्मी में ज्यादा खपत को बताया गया है।
समझें क्या है पूरा मामला...
- छत्तीसगढ़ मेंस्मार्ट मीटर को लेकर कांग्रेस और सरकार आमने-सामने आ गए हैं।
- क्रेडा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी ने कांग्रेस केआरोपों कोखारिज किया है।
- उनका कहना है कि स्मार्ट मीटर योजना कांग्रेस सरकार के समय ही शुरू हुई थी।
- बिजली बिल बढ़ने की वजह गर्मी औरज्यादा खपतबताई गई है।
- सवन्नी नेउपभोक्ताओं को सोलरयोजना अपनाने कीसलाह भी दी।
सवन्नी ने कहा कि स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को सुविधा और पारदर्शिता देने वाली व्यवस्था है। उन्होंने कांग्रेस पर सीधा आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पार्टी जनता में झूठा भ्रम फैला रही है। उन्होंने दावा किया कि इससे कांग्रेस राजनीतिक फायदा लेना चाहती है।
स्मार्ट मीटर योजना की शुरुआत किसने की
उन्होंने बताया कि जून 2023 में कांग्रेस सरकार के दौरान ही कंपनियों का चयन हुआ था। यह चयन अंबिकापुर, बिलासपुर, रायगढ़ और रायपुर क्षेत्र के लिए किया गया था। अक्टूबर 2023 में दुर्ग, राजनांदगांव और जगदलपुर क्षेत्र के लिए भी एजेंसियां तय हुईं थी। सवन्नी ने कहा कि आज जिस योजना का कांग्रेस विरोध कर रही है, उसे उसी पार्टी की सरकार ने आगे बढ़ाया था।
उन्होंने यह भी बताया कि केरल, हिमाचल प्रदेश और झारखंड में भी कांग्रेस और यूपीए की सरकारें स्मार्ट मीटर लगा रही हैं। कर्नाटक में भी यह व्यवस्था शुरू हो रही है। इसलिए उनका कहना है कि छत्तीसगढ़ में विरोध सिर्फ राजनीतिक कारणों से हो रहा है।
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बिजली बिल बढ़ने की असली वजह
उन्होंनेमुख्यमंत्री ऊर्जाराहतअभियान केबारे में भीबताया है। इसयोजना केतहत 400यूनिट तक खपतकरने वालेउपभोक्ताओं को 200यूनिट तक आधे बिलकी छूट मिलती है।वहीं, यदि खपत 400यूनिट से ज्यादा होजाती है, तो यह छूट खुद खत्म होजाती है। इससे बिलज्यादा दिखने लगता है।
सवन्नी ने बतायाकि यदि कोई उपभोक्तालगातार तीन महीने तय क्षमता सेज्यादा लोड लेता है, तो नियम के तहत एकबार शुल्क लिया जाता है। यहशुल्क 800 रुपए प्रति किलोवाट की दर सेलिया जाता है। इसके बादउपभोक्ता का स्वीकृत लोडबढ़ा दिया जाता है।
उन्होंने यहभी दलील दी कि जिन घरों में अभी भीपुराने इलेक्ट्रॉनिक मीटर लगेहैं, वहां भी गर्मी में बिल बढ़ेहैं। इससे साबित होता है किबिल बढ़ने की वजह ज्यादा बिजलीखपत है, स्मार्ट मीटर नहीं।उन्होंने भरोसा दिलाया कि अगस्त से मौसमसामान्य होने पर बिल खुद कमहो जाएंगे।
रीडिंग को लेकर संदेह पर क्या कहा
इससे उपभोक्ता अपनीखपत पर नजर रख सकतेहैं। वे खपत को 400यूनिट के भीतर रखकर हाफबिजली योजना का फायदाभी ले सकते हैं। शिकायतया जानकारी के लिए टोलफ्री नंबर 1912 जारी कियागया है।
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सोलर योजना से मिल रही राहत
नेट मीटरिंग व्यवस्था केतहत अतिरिक्त बिजली ग्रिडमें चली जाती है। इसकाफायदा उपभोक्ता के अगले बिलमें मिल जाता है। सवन्नीने बताया कि प्रदेश मेंअब तक 1.87 लाख से ज्यादाउपभोक्ता इस योजना के लिए आवेदनकर चुके हैं। 80 हजार सेज्यादा घरों की छतों पर सोलरप्लांट लग भी चुके हैं। इससेकई परिवारों का बिजली बिलपूरी तरह शून्य हो गया है।
उन्होंने अंत में कहा किस्मार्ट मीटर और सोलर ऊर्जाजैसी सुविधाएं उपभोक्ताओं के फायदेके लिए हैं। उनकी सलाह है किलोग अफवाहों पर भरोसा करनेके बजाय सही जानकारी पर ध्यानदें।
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