छत्तीसगढ़ में बायोलॉजी छात्र भी बन सकेंगे इंजीनियर, उम्र की सीमा खत्म

Aishwarya Dwivedi | May 15, 2026, 17:13 IST
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अब छत्तीसगढ़ में बायोलॉजी के छात्र भी बीटेक कर सकेंगे। प्रवेश नियमों में बदलाव के साथ उम्र की बाध्यता और बाहरी राज्यों का कोटा खत्म कर दिया गया है, जिससे प्रवेश प्रक्रिया आसान होगी।

NEWS IN SHORT

  • बायोलॉजी छात्र अब कंप्यूटर साइंस और सिविल में बीटेक कर सकेंगे।
  • इंजीनियरिंग प्रवेश के लिए अधिकतम आयु सीमा को समाप्त किया गया।
  • बाहरी राज्यों के छात्रों के लिए 10% कोटा खत्म हुआ।
  • दस्तावेज सत्यापन अब सीधे कॉलेज स्तर पर ही संपन्न होगा।
  • प्रदेश की 11 हजार 414 सीटों पर अगस्त से काउंसलिंग शुरू होगी।

NEWS IN DETAIL

छत्तीसगढ़ में तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में इस शैक्षणिक सत्र से एक ऐतिहासिक परिवर्तन होने जा रहा है। तकनीकी शिक्षा विभाग (DTE) ने इंजीनियरिंग प्रवेश नियमों में बड़े संशोधन किए हैं। जिससे अब इंजीनियर बनने की राह केवल गणित (Maths) के छात्रों तक सीमित नहीं रहेगी। अब 12वीं में जीव विज्ञान (Biology) पढ़ने वाले विद्यार्थी भी बीटेक (B.Tech) में दाखिला ले सकेंगे। इसके साथ ही, विभाग ने प्रवेश के लिए उम्र की बाध्यता को भी पूरी तरह खत्म कर दिया है।



विषयों की बाध्यता खत्म

नए नियमों के अनुसार, अब इंजीनियरिंग में प्रवेश के लिए केवल गणित और भौतिकी (Physics) की अनिवार्यता नहीं रहेगी। छात्र अब निर्धारित 14 विषयों की सूची में से किन्हीं भी तीन विषयों के साथ 12वीं उत्तीर्ण होने पर प्रवेश के पात्र होंगे।



इन विषयों में फिजिक्स, मैथ्स, केमिस्ट्री के साथ-साथ कंप्यूटर साइंस, आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, बायोलॉजी, एग्रीकल्चर, जैव प्रौद्योगिकी, बिजनेस स्टडीज और एंटप्रेन्योरशिप जैसे विषय शामिल हैं। इस बदलाव से अब बायोलॉजी के छात्र भी कंप्यूटर साइंस, सिविल और मैकेनिकल जैसी कोर ब्रांच में अपनी किस्मत आजमा सकेंगे।



दुर्ग जिला रहा दूसरे स्थान पर

गुरुवार को व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) द्वारा आयोजित प्री-इंजीनियरिंग टेस्ट (PET) शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। प्रदेश भर के 33 जिलों से कुल 19 हजार 896 परीक्षार्थी शामिल हुए।



दुर्ग जिले में सात केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की गई, जहाँ 2362 पंजीकृत छात्रों में से 1951 ने परीक्षा दी। छात्र संख्या के मामले में दुर्ग जिला पूरे प्रदेश में दूसरे स्थान पर रहा। प्रदेश के 26 इंजीनियरिंग कॉलेजों की कुल 11 हजार 414 सीटों पर इस परीक्षा के माध्यम से प्रवेश दिया जाएगा।



बाहरी छात्रों के लिए कोटा समाप्त और आसान हुई काउंसलिंग

निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों को राहत देते हुए डीटीई ने बाहरी राज्यों के छात्रों के लिए निर्धारित 10 प्रतिशत कोटे की सीमा को समाप्त कर दिया है। अब रिक्त सीटों पर किसी भी राज्य का छात्र प्रवेश ले सकेगा।



इसके अतिरिक्त, काउंसलिंग प्रक्रिया को सरल बनाते हुए 'दस्तावेज सत्यापन केंद्र' (DVC) की व्यवस्था खत्म कर दी गई है। अब छात्रों को सत्यापन के लिए भटकना नहीं पड़ेगा; कॉलेज स्तर पर ही दस्तावेजों की जांच होगी और अंतिम मुहर विश्वविद्यालय द्वारा नामांकन के समय लगाई जाएगी।



व्यापमं के समन्वयक डॉ. अभिनेश सुराना ने बताया कि सभी केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा और सघन जांच के बाद ही छात्रों को प्रवेश दिया गया। अगस्त माह में काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है, जो नए भारत के निर्माण में विविध शैक्षणिक पृष्ठभूमि वाले इंजीनियरों की भागीदारी सुनिश्चित करेगी।



निष्कर्ष

छत्तीसगढ़ सरकार का यह निर्णय शिक्षा प्रणाली को लचीला और समावेशी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उम्र की सीमा हटाने और बायोलॉजी छात्रों को अनुमति देने से तकनीकी कौशल का विस्तार होगा। इससे न केवल इंजीनियरिंग कॉलेजों की रिक्त सीटें भरेंगी, बल्कि छात्रों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।



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