कभी थी बंदूक, अब हाथ में तिरंगा, पूर्व माओवादी बीजेपी की यात्रा में होंगे शामिल

Arun Tiwari | Aug 08, 2026, 13:35 IST
BJP की यात्रा तिरंगा यात्रा
छत्तीसगढ़ में बीजेपी 11 से 15 अगस्त तक तिरंगा यात्रा का बड़ा अभियान चलाएगी। बस्तर में आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौट चुके 2 हजार से अधिक पूर्व माओवादी भी यात्रा में शामिल होंगे।

Raipur. छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी इस बार स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर तिरंगा यात्रा को बड़े अभियान के रूप में आयोजित करने जा रही है। 11 से 15 अगस्त तक चलने वाले इस अभियान में आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौट चुके माओवादी भी शामिल होंगे।



बीजेपी का दावा है कि प्रदेश में आत्मसमर्पण करने वाले 2 हजार से अधिक पूर्व माओवादी तिरंगा यात्रा में भाग लेकर शांति और लोकतंत्र का संदेश देंगे।



11अगस्त से तिरंगा यात्रा:

बीजेपी प्रदेश नेतृत्व के मुताबिक 11 अगस्त से प्रदेशभर में तिरंगा यात्रा शुरू होगी। पार्टी के युवा मोर्चा के नेतृत्व में यह अभियान गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा। विशेष रूप से उन इलाकों पर ध्यान दिया जाएगा, जो लंबे समय तक नक्सल हिंसा से प्रभावित रहे हैं।



450 से अधिक मंडल और स्थानीय निकाय होंगे शामिल:

बीजेपी के अनुसार प्रदेश के सभी 450 से अधिक मंडल, ग्राम पंचायत, निकाय और विकासखंड मुख्यालयों में तिरंगा यात्राएं निकाली जाएंगी। अभियान की औपचारिक शुरुआत 10 अगस्त को राजधानी रायपुर से होगी। इसके बाद 10 अगस्त से 15 अगस्त तक अलग-अलग स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।



नेताओं का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य सिर्फ राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान व्यक्त करना नहीं, बल्कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लोकतंत्र, राष्ट्रभक्ति और शांति का संदेश पहुंचाना भी है।



बस्तर में आत्मसमर्पित माओवादी बनेंगे अभियान का हिस्सा:

बस्तर में तिरंगा यात्रा को खास तौर पर प्रभावी बनाने की तैयारी है। यहां आत्मसमर्पण कर चुके माओवादी तिरंगा यात्रा में शामिल होंगे। बीजेपी का मानना है कि कभी हिंसा के रास्ते पर रहे लोगों का लोकतांत्रिक व्यवस्था में लौटकर तिरंगा थामना नक्सल उन्मूलन अभियान की सफलता का महत्वपूर्ण संदेश देगा।



इन पूर्व माओवादियों को यात्रा में सम्मानित भी किया जाएगा। पार्टी कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह उन लोगों के लिए प्रेरणा बनेगा, जो अभी भी हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं।



15 अगस्त को बस्तर में विशेष कार्यक्रम

स्वतंत्रता दिवस के दिन बस्तर संभाग में 500 से अधिक स्कूलों, प्रमुख चौक-चौराहों और सामुदायिक भवनों का नामकरण स्वतंत्रता सेनानियों और महापुरुषों के नाम पर किए जाने की योजना है। इसके साथ ही पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से नक्सल उन्मूलन अभियान में बलिदान देने वाले जवानों के परिजनों का सम्मान किया जाएगा।



कई गांवों में पहली बार तिरंगा:

नेताओं के मुताबिक बस्तर में पहली बार बड़ी संख्या में गांवों में तिरंगा फहराया जाएगा। इसका उद्देश्य उन क्षेत्रों में राष्ट्रीय एकता और लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति विश्वास को और मजबूत करना है। बस्तर के संवेदनशील और दुर्गम क्षेत्रों तक तिरंगा यात्रा का संदेश पहुंचाने के लिए बाइक रैलियां भी निकाली जाएंगी। इन रैलियों के जरिए राष्ट्रीय मुख्यधारा से जुड़ने और लोकतंत्र में विश्वास रखने का संदेश दिया जाएगा।



बीजेपी के मुताबिक, तिरंगा यात्रा के जरिए आत्मसमर्पित माओवादियों को सम्मान देना केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि हिंसा से लोकतंत्र की ओर लौटने की कहानी को समाज के सामने रखने का प्रयास है। पार्टी का लक्ष्य है कि स्वतंत्रता दिवस का यह अभियान प्रदेशभर में राष्ट्रीय एकता, शांति और लोकतंत्र का संदेश मजबूत करे।



FAQ

  1. छत्तीसगढ़ में बीजेपी की तिरंगा यात्रा कब निकलेगी?
    छत्तीसगढ़ में बीजेपी की तिरंगा यात्रा 11 से 15 अगस्त तक आयोजित की जाएगी। अभियान की शुरुआत 10 अगस्त को रायपुर से करने की योजना है।
  2. बस्तर में तिरंगा यात्रा का आयोजन कैसे होगा?
    बस्तर के नक्सल प्रभावित और दुर्गम इलाकों में तिरंगा यात्रा के साथ बाइक रैलियां भी निकाली जाएंगी। आत्मसमर्पित पूर्व माओवादी इसमें शामिल होकर शांति और लोकतंत्र का संदेश देंगे।


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