सांसद बृजमोहन अग्रवाल को संसद की विशेषाधिकार समिति में मिली महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

Rajesh Lahoti | Mar 03, 2026, 21:35 IST
Photograph: (the sootr)
भाजपा सांसद बृजमोहन अग्रवाल को लोकसभा की विशेषाधिकार समिति का सदस्य बनाया गया है। छत्तीसगढ़ की राजनीति के लिए यह एक बहुत गर्व और बड़ी उपलब्धि है।

News in Short

  • बृजमोहन अग्रवाल को संसद की विशेषाधिकार समिति में सदस्य बनाया गया।
  • यह नियुक्ति छत्तीसगढ़ की राजनीतिक सक्रियता को बढ़ावा देती है।
  • समिति सांसदों के विशेष अधिकारों का उल्लंघन होने पर जांच करती है।
  • बृजमोहन अग्रवाल की प्रशासनिक अनुभव ने उनकी नियुक्ति को और मजबूत किया।
  • सांसद ने जिम्मेदारी निभाने का आभार व्यक्त करते हुए पारदर्शिता की बात की।

News in Detail

RAIPUR. छत्तीसगढ़ की सियासत से दिल्ली के सत्ता गलियारों तक अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने वाले रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल को अब संसद में महत्वपूर्ण भूमिका सौंपी गई है। लोकसभा अध्यक्ष की टीम के तहत उन्हें संसद की विशेषाधिकार समिति का सदस्य बनाया गया है। इसे न सिर्फ उनकी राजनीतिक सक्रियता का सम्मान माना जा रहा है, बल्कि छत्तीसगढ़ के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।



96696175-c9a


क्या है समिति की भूमिका

संसद की विशेषाधिकार समिति संवैधानिक तंत्र है, जो लोकसभा और राज्यसभा के सदस्यों को मिले विशेष अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करता है। यदि किसी सांसद के विशेषाधिकार का उल्लंघन होता है, तो यह समिति मामले की जांच करके अपनी अनुशंसा सदन के समक्ष रखती है। संसदीय गरिमा और विधायी परंपराओं को बनाए रखने में इस समिति की भूमिका काफ़ी महत्वपूर्ण मानी जाती है। समिति की कमान वरिष्ठ सांसद रविशंकर प्रसाद को सौंपी गई है, जो इसके अध्यक्ष होंगे।



क्यों महत्वपूर्ण है यह जिम्मेदारी

बृजमोहन अग्रवाल राज्य सरकार में मंत्री रहते हुए प्रशासनिक अनुभव और संगठनात्मक क्षमता का परिचय दे चुके हैं। संसद में भी वे सक्रिय भागीदारी के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में विशेषाधिकार समिति में उनकी नियुक्ति संसदीय कार्यप्रणाली में उनकी विश्वसनीयता को दर्शाती है।



राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह भूमिका उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक प्रभावशाली बनाएगी। साथ ही छत्तीसगढ़ के मुद्दों को मजबूती से उठाने का अवसर भी देगी।



क्या बोले बृजमोहन अग्रवाल

अपनी नियुक्ति पर सांसद ने शीर्ष नेतृत्व का आभार जताते हुए कहा कि वे पूर्ण निष्ठा, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ समिति के दायित्वों का निर्वहन करेंगे। उन्होंने कहा कि संसद की गरिमा और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।



कुल मिलाकर इस निर्णय से दिल्ली की संसदीय राजनीति में छत्तीसगढ़ की उपस्थिति और मजबूत होगी। बृजमोहन अग्रवाल की यह नई भूमिका आने वाले समय में राज्य के लिए कितनी प्रभावी साबित होती है, इस पर सभी की नजर रहेगी।



यह खबरें भी पढ़ें..



छत्तीसगढ़ में हुआ भ्रष्टाचार का सहकार, कोऑपरेटिव बैंकों में 500 करोड़ का भ्रष्टाचार, EOW खोलेगी एक एक बैंक की फाइल



छत्तीसगढ़-राजस्थान के बाद अब एमपी में भी RSS पर बनी फिल्म शतक टैक्स फ्री



छत्तीसगढ़ में 4 मार्च को रहेगी होली की छुट्टी, नया आदेश जारी नहीं



रायपुर पासपोर्ट कार्यालय को 12 बम से उड़ाने की धमकी, बम स्क्वॉड ने ली चप्पे-चप्पे की तलाशी



Tags:
  • छत्तीसगढ़
  • लोकसभा
  • बृजमोहन अग्रवाल
  • रविशंकर प्रसाद
  • दिल्ली
  • संसद की विशेषाधिकार समिति
  • राज्य सरकार