छत्तीसगढ़ में बसों के लिए 15 दिन का अल्टीमेटम, बिना VLTD वाली बसें होंगी जब्त!
समझें क्या है पूरा मामला
छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग ने यात्री बसों में वाहन लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस यानी VLTD (VLTD - Vehicle Location Tracking Device) लगाना अनिवार्य कर दिया है। बस संचालकों को 15 दिन की डेडलाइन दी गई है। प्रदेश में 15 हजार से ज्यादा पंजीकृत बसों में से करीब 5 हजार यानी 33 फीसदी बसों में अभी तक यह सिस्टम नहीं लगा। डेडलाइन में चूक होने पर मोटरयान अधिनियम 1988 के तहत कार्रवाई होगी।
परिवहन विभाग ने की समीक्षा बैठक
परिवहन सचिव एवं परिवहन आयुक्त एस. प्रकाश ने इंद्रावती भवन स्थित परिवहन कार्यालय में बस संचालकों और अधिकृत VLT वेंडरों के साथ बैठक की।
बैठक में बसों में लगी ट्रैकिंग डिवाइस की अद्यतन स्थिति की समीक्षा हुई। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि जिन बसों में ट्रैकिंग सिस्टम नहीं लगा, उनमें अगले 15 दिनों में अनिवार्य रूप से लगाया जाए।
जिन बसों में उपकरण लगा है लेकिन तकनीकी कारणों से सक्रिय नहीं है, उसे भी तत्काल चालू कराया जाए।
33% बसें अभी भी ट्रैकिंग से बाहर
परिवहन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में 15 हजार से ज्यादा यात्री और स्कूल बसें पंजीकृत हैं। इनमें से करीब 10 हजार बसों में ही VLTD डिवाइस लगी है।
बाकी करीब 5 हजार बसें यानी कुल पंजीकृत बसों का 33 फीसदी इस सुरक्षा प्रणाली से वंचित हैं।
विभाग पहले भी कई बार निर्देश दे चुका है, लेकिन पालन नहीं हुआ। अब 15 दिन की अंतिम डेडलाइन तय करते हुए सख्त चेतावनी दी गई है।
VLTD कैसे काम करता है
VLTD यानी वाहन लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस सैटेलाइट आधारित प्रणाली है। यह बस की रियल टाइम लोकेशन, गति, मार्ग और ठहराव की जानकारी नियंत्रण केंद्र तक पहुंचाता है।
दुर्घटना, आपात स्थिति या निर्धारित मार्ग से भटकने पर तत्काल जानकारी मिल जाती है। यात्री 'संगवारी' ऐप के जरिए बस की वास्तविक समय की लोकेशन देख सकते हैं।
महिलाओं, बच्चों और अन्य यात्रियों की सुरक्षा के लिए यह डिवाइस बेहद जरूरी मानी जाती है।
कंट्रोल रूम से होगी लाइव मॉनिटरिंग
अधिकारियों ने बताया कि राज्य मुख्यालय में स्थित कमांड एवं कंट्रोल सेंटर से सभी यात्री बसों की गतिविधियों की निगरानी होगी। सैटेलाइट ट्रैकिंग से पता चलेगा कि बस निर्धारित मार्ग पर चल रही है या नहीं।
सभी जिलों में स्मार्ट कैमरों से निगरानी
अतिरिक्त परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर ने बताया कि राज्य के सभी जिलों में स्वचालित नंबर प्लेट पहचान कैमरे यानी ANPR (ANPR - Automatic Number Plate Recognition) और इंटेलीजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम यानी ITMS (ITMS - Intelligent Traffic Management System) स्थापित किए जा रहे हैं।
इससे यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों की तत्काल पहचान और कार्रवाई संभव होगी।
FAQ
- VLT ट्रैकिंग डिवाइस क्या होती है?
यह सैटेलाइट आधारित डिवाइस है जो बस की रियल टाइम लोकेशन, गति और मार्ग की जानकारी कंट्रोल रूम को देती है। आपात स्थिति में तत्काल जानकारी मिलती है। यात्री संगवारी ऐप से बस की लाइव लोकेशन देख सकते हैं। - CG में बसों में VLTD ट्रैकिंग सिस्टम लगाने की डेडलाइन क्या है?
परिवहन विभाग ने 15 दिन की डेडलाइन दी है। इस अवधि में ट्रैकिंग सिस्टम नहीं लगाने पर मोटरयान अधिनियम 1988 के तहत कार्रवाई होगी। प्रदेश की 33% यानी करीब 5000 बसों में अभी तक यह सिस्टम नहीं लगा।
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