कैग का बड़ा खुलासा : बिलासपुर रेल जोन में गंदा पानी, रेल मंत्रालय में हड़कंप
समझें क्या है पूरा मामला
- कैग की नई रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है।
- दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की व्यवस्था पर सवाल उठे हैं।
- पेयजल गुणवत्ता के मामले में बिलासपुर जोन सबसे नीचे है।
- न्यूनतम आवश्यक सुविधाओं में भी इसका प्रदर्शन बेहद खराब पाया गया।
- रिपोर्ट के बाद रेल मंत्रालय ने जांच के आदेश दिए हैं।
कैग रिपोर्ट में रेलवे की पोल खुली
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन की पोल खुल गई है। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट सामने आई है। यह रिपोर्ट रविवार को जारी की गई थी। इसमें देश के 16 रेल जोनों की जांच की गई।
जांच में बिलासपुर जोन का प्रदर्शन बेहद खराब रहा। कैग ने कुल 512 रेलवे स्टेशनों का ऑडिट किया। इन स्टेशनों पर पीने के पानी के मानक जांचे गए। जांच में पानी की गुणवत्ता काफी खराब पाई गई।
पानी की गुणवत्ता में बिलासपुर फेल
रिपोर्ट में कमियों के आधार पर स्कोर तय हुआ। दक्षिण मध्य रेलवे का कमी स्कोर 17.53 रहा। यह सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला जोन बना। दूसरे स्थान पर उत्तर मध्य रेलवे रहा। इसका कमी स्कोर 27.78 दर्ज किया गया।
दूसरी ओर बिलासपुर जोन का स्कोर 93.35 रहा। यह 16 जोनों में सबसे खराब प्रदर्शन है। इसके बाद दक्षिण रेलवे का स्थान रहा।
दक्षिण रेलवे का कमी स्कोर 76.90 पाया गया।
यात्री सुविधाओं में भी पिछड़ा जोन
स्टेशनों पर मिलने वाली सुविधाओं की भी जांच हुई। न्यूनतम सुविधाओं में एसइसीआर का स्कोर 106.6 रहा। यह स्कोर भी सभी जोनों में सबसे अधिक है। अधिक स्कोर खराब स्थिति को दर्शाता है।
इस मामले में भी बिलासपुर जोन 16वें स्थान पर रहा। एसइआर 29.1 स्कोर के साथ पहले स्थान पर रहा। पश्चिम रेलवे दूसरे और पूर्वोत्तर रेलवे तीसरे स्थान पर रहा। इन जोनों में यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं।
दिव्यांग सुविधाओं में बेहतर काम
इस रिपोर्ट में एक राहत की खबर भी है। दिव्यांगजनों की सुविधाओं में बिलासपुर जोन आगे रहा। इस श्रेणी में जोन को दूसरा स्थान मिला है। बिलासपुर जोन का कमी स्कोर 20.97 दर्ज किया गया। पूर्व रेलवे 4.72 स्कोर के साथ पहले स्थान पर रहा। पश्चिम मध्य रेलवे इस सूची में तीसरे स्थान पर है।
रेल मंत्रालय में मचा हड़कंप
रिपोर्ट सार्वजनिक होते ही रेल मंत्रालय हरकत में आया। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बैठक बुलाई। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लंबी समीक्षा की। पानी की स्थिति सुधारने के लिए कड़े निर्देश दिए।
अब 20 हजार जगहों पर नए फिल्टरेशन सिस्टम लगेंगे। वाटर कूलरों के पास टैंक टू टैप सिस्टम लगेगा। पानी की पुरानी टंकियों को भी बदला जाएगा। बोर्ड स्तर से इसकी निगरानी की जाएगी।
अधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देश
रेल मंत्रालय ने तीन प्रमुख निर्देश जारी किए हैं। पहला, पानी के स्रोतों की नियमित जांच होगी। दूसरा, पूरी व्यवस्था की केंद्रीकृत निगरानी की जाएगी। तीसरा, स्टोरेज टंकियों की समय पर सफाई होगी। इन नियमों का सख्ती से पालन करना होगा।
FAQ
- कैग की हालिया रिपोर्ट में बिलासपुर (SECR) जोन की क्या स्थिति पाई गई है?
उ. नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) द्वारा देश के 16 रेल जोनों के 512 स्टेशनों पर किए गए ऑडिट में बिलासपुर जोन (दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे) का प्रदर्शन बेहद चिंताजनक रहा है। पेयजल की खराब गुणवत्ता (93.35 कमी स्कोर) और स्टेशनों पर न्यूनतम आवश्यक सुविधाओं के अभाव (106.6 कमी स्कोर) के मामले में बिलासपुर जोन पूरे देश में सबसे आखिरी यानी 16वें स्थान पर आया है। - बिलासपुर जोन को कैग रिपोर्ट की किस श्रेणी में सफलता या बेहतर स्थान मिला है?
उ. इस पूरी रिपोर्ट में बिलासपुर जोन के लिए राहत की बात केवल दिव्यांगजनों को मिलने वाली सुविधाओं के क्षेत्र में रही है। दिव्यांग सुविधाओं के मामले में बिलासपुर जोन ने 20.97 कमी स्कोर के साथ पूरे देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। इस श्रेणी में पूर्व रेलवे (Score: 4.72) प्रथम स्थान पर और पश्चिम मध्य रेलवे तीसरे स्थान पर रहा है। - पेयजल गुणवत्ता और यात्री सुविधाओं में देश के कौन-से रेल जोन सबसे बेहतर साबित हुए हैं?
उ. कैग की रिपोर्ट के अनुसार पेयजल की गुणवत्ता के मामले में दक्षिण मध्य रेलवे 17.53 कमी स्कोर के साथ देश में सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला जोन बना है, जबकि उत्तर मध्य रेलवे दूसरे स्थान पर रहा। वहीं स्टेशनों पर मिलने वाली न्यूनतम यात्री सुविधाओं के मामले में दक्षिण पूर्व रेलवे (SER) 29.1 कमी स्कोर के साथ पहले स्थान पर रहा है, जिसके बाद पश्चिम रेलवे और पूर्वोत्तर रेलवे का स्थान है।
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