कैशलैस इलाज की तैयारी तेज, कर्मचारियों ने कहा- पेंशनरों को भी योजना से जोड़िए
छत्तीसगढ़ के करीब पांच लाख शासकीय कर्मचारियों के लिए प्रस्तावित कैशलैस चिकित्सा सुविधा योजना अब अंतिम रूप लेने की ओर बढ़ रही है। मंत्रालय महानदी भवन में स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया की अध्यक्षता में 11 कर्मचारी संगठनों के साथ लंबी बैठक हुई। सरकार ने योजना का डिजिटल प्रेजेंटेशन दिया और कर्मचारियों से सीधे सुझाव भी लिए।
इलाज होगा पूरी तरह कैशलैस
बैठक में स्वास्थ्य विभाग ने साफ किया कि नई योजना पूरी तरह कैशलैस होगी। इलाज के लिए मरीज को जेब से पैसा नहीं देना पड़ेगा। सबसे अहम बात यह रही कि उपचार खर्च की कोई अधिकतम सीमा तय नहीं करने का प्रस्ताव रखा गया। यानी गंभीर बीमारी के इलाज में भी आर्थिक सीमा बाधा नहीं बनेगी।
कर्मचारियों ने रखीं बड़ी मांगें
बैठक में कर्मचारी संगठनों ने योजना को और बेहतर बनाने की मांग उठाई। उनका कहना था कि प्रक्रिया आसान हो, अस्पतालों में भटकना न पड़े और इलाज जल्दी मिले। साथ ही ज्यादा से ज्यादा सरकारी और निजी अस्पतालों को योजना से जोड़ा जाए, ताकि कर्मचारियों को अपने जिले में ही बेहतर इलाज मिल सके।
फेडरेशन ने याद दिलाया पुराना पत्र
छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने बताया कि मुख्य सचिव को पत्र लिखकर योजना लागू करने से पहले कर्मचारी संगठनों से चर्चा करने की मांग की गई थी। अब सरकार ने बैठक बुलाकर उस मांग को स्वीकार कर लिया है। फेडरेशन ने इसे सकारात्मक पहल बताया।
पेंशनरों को भी मिले अधिकार
बैठक में सबसे अहम सुझाव यह आया कि योजना सिर्फ कार्यरत कर्मचारियों तक सीमित न रहे। पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों को भी इसका लाभ दिया जाए। कर्मचारी संगठनों का तर्क था कि इलाज की सबसे ज्यादा जरूरत बुजुर्ग कर्मचारियों और उनके परिवारों को होती है। इसलिए उन्हें योजना से बाहर रखना उचित नहीं होगा।
कई सुझाव पहले ही मान चुकी सरकार
फेडरेशन का दावा है कि योजना को लेकर पहले दिए गए कई सुझावों को सरकार ने मसौदे में पहले ही शामिल कर लिया है। इससे उम्मीद बढ़ी है कि बाकी सुझावों पर भी गंभीरता से विचार होगा। कर्मचारी संगठनों ने कहा कि सरकार यदि सभी पक्षों को साथ लेकर योजना लागू करती है तो यह प्रदेश के कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत साबित होगी।
अब फैसले का इंतजार
बैठक के बाद संकेत साफ हैं कि सरकार जल्द कैशलैस चिकित्सा योजना को अंतिम मंजूरी दे सकती है। यदि कर्मचारी संगठनों के प्रमुख सुझाव शामिल होते हैं तो यह योजना सिर्फ इलाज की सुविधा नहीं, बल्कि सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए बड़ी सामाजिक सुरक्षा भी बनेगी। अब निगाहें शासन के अंतिम फैसले पर टिकी हैं।
FAQ
- छत्तीसगढ़ की कैशलैस चिकित्सा योजना क्या है?
यह छत्तीसगढ़ सरकार की प्रस्तावित स्वास्थ्य योजना है, जिसके तहत शासकीय कर्मचारियों को सूचीबद्ध अस्पतालों में बिना जेब से पैसा खर्च किए कैशलैस इलाज की सुविधा मिलेगी। - कैशलैस चिकित्सा योजना कब लागू होगी?
योजना अभी अंतिम चरण में है। सरकार ने कर्मचारी संगठनों से सुझाव लेने के बाद इसे अंतिम रूप देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मंजूरी मिलने के बाद इसके लागू होने की घोषणा की जाएगी।
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