अब बिना कलेक्टर की इजाजत नहीं मिलेगी छुट्टी, 1 मई से शुरू हो रहा जनगणना 2027 का महाभियान
छत्तीसगढ़ में सरकारी कर्मचारियों के लिए आने वाला महीना नो लीव जोन होने वाला है। गृह विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। बहुत जरुरी होने पर अधिकारी-कर्मचारियों को कलेक्टर के सामने पेश होना पड़ेगा। बता दें कि प्रदेश में 1 मई से जनगणना होने वाली है। इस कारण शासन ने साफ कर दिया है कि अब जनगणना कार्य में लगे किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को छुट्टी मिलना मुश्किल होगी।
हेडक्वार्टर छोड़ने पर भी पाबंदी
गृह विभाग द्वारा जारी ताजा आदेश ने सचिवालय से लेकर जिला कार्यालयों तक हड़कंप मचा दिया है। उप सचिव श्रीकांत वर्मा के साइन से जारी इस पत्र में स्पष्ट निर्देश हैं कि 1 मई से 30 मई, 2026 तक जनगणना के पहले चरण में मकानों का सूचीकरण और गणना का काम युद्ध स्तर पर चलेगा। ऐसे में न तो छुट्टी मिलेगी और न ही बिना अनुमति कोई कर्मचारी अधिकारी मुख्यालय छोड़ सकेगा। यानि ड्यूटी के बाद भी शहर में ही मौजूद रहना होगा।
पुरानी छुट्टियां भी रद्द
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि अगर किसी कर्मचारी या अधिकारी की छुट्टी पहले से मंजूर हो चुकी है। ऐसे में जिला जनगणना शाखा के माध्यम से फिर से कलेक्टर से अप्रूवल लेना होगा। बिना दोबारा मंजूरी के पुरानी छुट्टियां मान्य नहीं होंगी। उसे रद्द माना जाएगा।
1 मई से 30 मई तक अग्निपरीक्षा
भारत सरकार के महारजिस्ट्रार कार्यालय के निर्देशानुसार, जनगणना 2027 का यह पहला चरण बेहद महत्वपूर्ण है। इसमें मकानों की नंबरिंग और सूचीकरण का काम होना है। शासन ने इसे सर्वाेच्च प्राथमिकता की श्रेणी में रखा है। गृह विभाग ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि इस कार्य में लगे कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाए।
नियम तोड़ा तो होगी कार्रवाई
आदेश में सिर्फ नियम नहीं बताए गए हैं, बल्कि चेतावनी भी दी गई है। सभी कार्यालय प्रमुखों को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराया गया है। साफ कहा गया है कि यदि आदेश के उल्लंघन की स्थिति बनती है, तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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