आंगनबाड़ी साड़ी घोटाला; प्रदेश भर से घटिया यूनिफॉर्म वापस मंगाने के आदेश जारी
News in short
- कई जिलों में घटिया साड़ी वितरण की पुष्टि
- जांच में गुणवत्ता मानकों के उल्लंघन सामने आए
- मंत्री ने दोषपूर्ण साड़ियों को वापस मंगाया
- खादी बोर्ड के माध्यम से साड़ी वितरण हुआ
- समय सीमा में जानकारी देना जिलों के लिए जरूरी
News in detail
छत्तीसगढ़ में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को वितरित साड़ियों की गुणवत्ता को लेकर बड़ा मामला सामने आया था। जिसकी जांच की गई उसके बाद महिला एवं बाल विकास विभाग ने प्रदेश भारती साड़ियां वापस मांगने के आदेश जारी किए हैं।
जांच में हुई पुष्टि, मंत्री ने दिए आदेश
प्रदेश के सभी जिलों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं को यूनिफॉर्म के रूप में साड़ियां नि:शुल्क वितरित की गई थीं। हालांकि, इस बार कई जिलों से शिकायतें मिलीं कि वितरित साड़ियों की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं है। कहीं साड़ियों की लंबाई कम पाई गई, तो कहीं उनकी बुनाई खराब निकली।
मामले की गंभीरता को देखते हुए संचालनालय स्तर पर जांच कराई गई। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि कुछ जिलों में गुणवत्ताहीन साड़ियों का वितरण हुआ है। इसके बाद विभागीय मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने दोषपूर्ण साड़ियों को वापस मंगवाने के आदेश दिए।
संचालक ने अधिकारियों को लिखा पत्र
महिला एवं बाल विकास विभाग की संचालक रेणुका श्रीवास्तव ने सभी जिला परियोजना अधिकारियों को पत्र लिखकर निर्देश दिए हैं कि खराब साड़ियों को तुरंत वापस एकत्र किया जाए। साथ ही एक सप्ताह के भीतर इसकी विस्तृत जानकारी विभाग को भेजने को कहा गया है।
खादी बोर्ड के माध्यम से हुआ वितरण
जानकारी के मुताबिक, साड़ियों का वितरण छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के माध्यम से किया गया था। वर्ष 2025-26 के तहत निर्धारित संख्या में साड़ियां बांटी गईं, लेकिन कई जगहों पर गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो गए।
जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में गुणवत्ता मानकों के विपरीत साड़ियों की पुष्टि की है। इसके बाद संबंधित एजेंसी को निर्देश दिए गए हैं कि सभी दोषपूर्ण साड़ियों को बदलकर मानक के अनुरूप नई साड़ियां उपलब्ध कराई जाएं।
जिलों को साड़ियां एकत्र करने के निर्देश
जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारियों और बाल विकास परियोजना अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में वितरित खराब साड़ियों को एकत्र कर सुरक्षित रखें और उनकी संख्या की जानकारी जल्द से जल्द भेजें।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन जिलों से निर्धारित समय सीमा में जानकारी प्राप्त होगी, उन्हीं जिलों में साड़ियों को बदलने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। समय पर जानकारी नहीं देने वाले जिलों के संबंध में यह माना जाएगा कि वहां कोई शिकायत नहीं है।
निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ में आंगनवाड़ी के कार्यकर्ताओं को वितरित साड़ियों की गुणवत्ता में खामियां सामने आने के बाद विभाग ने सख्त कदम उठाए हैं। जांच में दोषपूर्ण साड़ियों की पुष्टि हुई है, जिन्हें वापस मंगाकर बदला जाएगा। समय सीमा में जानकारी देने वाले जिलों को प्राथमिकता दी जाएगी और गुणवत्ता सुनिश्चित की जाएगी।
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