दिव्यांग आरक्षण पर मंत्री राजवाड़े का चौंकाने वाला बयान, भूपेश बोले- होली का नशा अभी उतरा नहीं
NEWS IN SHORT
- छत्तीसगढ़ विधानसभा में दिव्यांगजनों की पदोन्नति में आरक्षण को लेकर तीखी बहस
- भाजपा विधायक ने प्रश्नकाल में सरकार से आरक्षण और पदोन्नति पर सवाल पूछे
- मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि दिव्यांगजनों के लिए 3% आरक्षण का प्रावधान, लेकिन अब तक पदोन्नति नहीं
- पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंत्री के जवाब पर तंज कसते हुए ‘होली का नशा’ वाली टिप्पणी की
- दंतेवाड़ा में 5203 कुपोषित बच्चों का मुद्दा भी प्रश्नकाल में उठा।
NEWS IN DETAIL
दिव्यांगजनों की पदोन्नति पर सदन में बहस
छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में सोमवार को प्रश्नकाल के दौरान दिव्यांग कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण देने के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली।
भाजपा विधायक प्रमोद मिंज ने यह सवाल उठाया कि राज्य में दिव्यांग कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण देने के लिए क्या प्रावधान हैं और अब तक सरकार ने इस दिशा में क्या कदम उठाए हैं।
मंत्री ने बताया – 3% आरक्षण का प्रावधान
प्रश्न के जवाब में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि राज्य में दिव्यांगजनों के लिए पदोन्नति में 3 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है।
हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि अब तक इस प्रावधान के तहत किसी भी कर्मचारी की पदोन्नति नहीं हुई है।
केंद्र के नियमों का हवाला देकर उठाए सवाल
विधायक प्रमोद मिंज ने कहा कि केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार पदोन्नति में 4 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है और सुप्रीम कोर्ट ने भी इसी तरह के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि विभाग की ओर से यह कहा जा रहा है कि पदोन्नति के लिए आवेदन नहीं आए, जबकि यह सही नहीं है। उन्होंने सरकार से पूछा कि पदोन्नति कब तक की जाएगी और इसकी समयसीमा क्या होगी।
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भूपेश बघेल का तंज – ‘होली का नशा अभी उतरा नहीं’
मंत्री के जवाब पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सवाल उठाते हुए कहा कि यह कैसे संभव है कि कोई अधिकारी पदोन्नति लेना ही नहीं चाहता।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “ऐसा लगता है कि होली का नशा अभी उतरा नहीं है, उसी का असर सदन में दिखाई दे रहा है।”
दंतेवाड़ा में कुपोषण का मुद्दा भी उठा
प्रश्नकाल के दौरान विधायक चैतराम अटामी ने दंतेवाड़ा जिले में कुपोषण की स्थिति को लेकर सवाल उठाया।
इस पर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि जिले में 5203 बच्चों को कुपोषित श्रेणी में चिन्हित किया गया है। उन्होंने कहा कि बच्चों को पोषण आहार, टीकाकरण और स्वास्थ्य जांच जैसी योजनाओं के जरिए सहायता दी जा रही है।
Knowledge
- भारत में दिव्यांगजनों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए Rights of Persons with Disabilities Act, 2016 लागू है।
- इस कानून के तहत सरकारी नौकरियों में कम से कम 4% आरक्षण का प्रावधान किया गया है।
- कई राज्यों में पदोन्नति में आरक्षण को लेकर अलग-अलग नियम लागू हैं।
- कुपोषण से निपटने के लिए सरकार आंगनबाड़ी और पोषण अभियान जैसी योजनाएं चलाती है।
- दंतेवाड़ा जैसे आदिवासी बहुल जिलों में कुपोषण एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती माना जाता है।
आगे क्या
सरकार को अब दिव्यांग कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया और आरक्षण से जुड़े नियमों को लेकर स्पष्ट नीति और समयसीमा तय करनी पड़ सकती है। साथ ही कुपोषण के मुद्दे पर भी योजनाओं की निगरानी बढ़ाने की जरूरत होगी।
निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ विधानसभा में दिव्यांगजनों की पदोन्नति और कुपोषण जैसे मुद्दों पर हुई बहस ने प्रशासनिक नीतियों और योजनाओं पर कई सवाल खड़े किए हैं। सरकार के जवाब और विपक्ष के आरोपों के बीच यह मुद्दा आने वाले दिनों में भी चर्चा का विषय बना रह सकता है।