इंडस्ट्रियल एरिया में पाइपलाइन फटने से केमिकल फैला, न सायरन बजा, न दमकल को दी सूचना

Aishwarya Dwivedi | Apr 01, 2026, 12:27 IST
CG Bhilai Chemical Spills After Pipeline Bursts Industrial Area
भिलाई के हथखोज इंडस्ट्रियल एरिया में केएसएस हाइड्रोकार्बन फैक्ट्री में पाइपलाइन फटने से केमिकल का रिसाव हुआ, जिससे धुआं फैल गया। कंपनी ने सायरन नहीं बजाया और न ही फायर ब्रिगेड को सूचित किया।

NEWS IN SHORT

  • भिलाई की केएसएस हाइड्रोकार्बन फैक्ट्री में पाइपलाइन फटने से फैला केमिकल धुआं
  • हादसे के बाद कंपनी ने न तो सायरन बजाया, न ही फायर ब्रिगेड को सूचना दी
  • मजदूरों और बच्चों को सांस लेने में कठिनाई, कई को उल्टियां भी हुईं
  • पड़ोसी फैक्ट्री के मालिक ने कंपनी के रवैये पर उठाए सवाल
  • दमकल अधिकारी ने कहा, जांच के बाद होगी कड़ी कार्रवाई

NEWS IN DETAIL

छत्तीसगढ़ भिलाई के हथखोज इंडस्ट्रियल एरिया स्थित केएसएस हाइड्रोकार्बन फैक्ट्री में मंगलवार शाम को एक बड़ा हादसा हुआ। फैक्ट्री में पिच ऑयल की लोडिंग के दौरान अचानक पाइपलाइन फटने से गर्म केमिकल फैल गया। केमिकल के जमीन पर फैलते ही वह हवा के संपर्क में आते ही धुएं में बदल गया और आसपास के इलाके में फैल गया। हालांकि, इस दौरान कंपनी प्रबंधन ने न तो सायरन बजाया और न ही फायर ब्रिगेड को सूचना दी, जिससे घटनास्थल पर गंभीर लापरवाही दिखी।



आसपास की फैक्ट्रियों के लिए समस्या

हादसे के बाद फैक्ट्री से निकला धुआं आसपास की फैक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूरों के लिए समस्या बन गया। मजदूरों को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी, वहीं कई बच्चों को उल्टियां होने की शिकायत भी आई। घटना के बाद, दमकल अधिकारी ने कहा कि जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।



स्थानीय लोगों ने दी दमकल विभाग को सुचना

घटना शाम करीब 4.30 से 5 बजे के बीच हुई, जब पाइपलाइन फटी और गर्म केमिकल फैक्ट्री में फैलने लगा। कंपनी कर्मचारियों ने तुरंत केमिकल के फैलने को रोकने के लिए चारों तरफ रेत की मेड़ बना दी, लेकिन धुएं पर कोई नियंत्रण नहीं पाया जा सका। हादसे की सूचना फैक्ट्री प्रबंधन ने नहीं, बल्कि आसपास के स्थानीय लोगों ने दमकल विभाग को दी। इसके बाद, फायर ब्रिगेड की टीम रात करीब 8.30 बजे घटनास्थल पर पहुंची, तब तक धुआं पूरे हथखोज इंडस्ट्रियल इलाके में फैल चुका था।



मजदूरों को सांस लेने में तकलीफ

इस हादसे के कारण पास की एक अन्य फैक्ट्री के मालिक संतोष कुमार ने बताया कि उनकी फैक्ट्री में काम कर रहे मजदूरों को सांस लेने में तकलीफ हुई, जिसके बाद वे खांसी और सांस लेने में दिक्कत के कारण काम छोड़कर घर चले गए। संतोष कुमार ने कहा कि यदि कंपनी समय पर सायरन बजाती या सूचना देती, तो मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सकता था और उनकी काम में कोई नुकसान नहीं होता।



पिच ऑयल का हुआ रिसाव

दमकल विभाग (fire department chattisgarh) के अधिकारी नागेंद्र सिंह ने बताया कि फैक्ट्री में लोडिंग के दौरान पिच ऑयल का रिसाव हुआ था, जो ओडिशा और गुजरात भेजा जाता है। उन्होंने कहा कि कंपनी के संचालकों का कहना था कि आग नहीं लगी थी, इसीलिए फायर ब्रिगेड को नहीं बुलाया गया। उनका कहना था कि उनके पास सुरक्षा इंतजाम थे, लेकिन केमिकल पर पानी डालना संभव नहीं था।



नियमों की अनदेखी

कानूनी दृष्टिकोण से भी इस घटना में नियमों की अनदेखी की गई। कारखाना अधिनियम के तहत, किसी भी रिसाव या हादसे के दौरान सबसे पहले सायरन बजाना जरूरी होता है, जिससे आसपास के लोग अलर्ट हो सकें और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। इस घटना में इन नियमों की अनदेखी की गई, जिससे आसपास के इलाके में लोग परेशान हो गए। इस लापरवाही से साफ है कि कंपनी प्रबंधन ने सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया।



निष्कर्ष

इस हादसे ने स्पष्ट किया कि कंपनी प्रबंधन ने सुरक्षा नियमों की अनदेखी की, जिससे मजदूरों और नागरिकों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ा। भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल की आवश्यकता है।



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