छत्तीसगढ़ में काले कागज से नोट बनाने का झांसा देकर ठगी, 3 आरोपी गिरफ्तार
समझें क्या है पूरा मामला
- काले कागज से नोट बनाने का झांसा, 3 गिरफ्तार
- 50 हजार दो, 2.50 लाख लो... ठगी का खुलासा
- केमिकल से करेंसी बनाने वाला गिरोह पुलिस के हत्थे चढ़े
- नकली नोट गैंग का खुलासा, मास्टरमाइंड भी पकड़ा गया
- CG में नोट डबल करने का लालच देकर करते थे ठगी
जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में काले कागज को केमिकल से असली नोट में बदलने का झांसा देकर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से केमिकल, काले रंग के कागज और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक आरोपी लोगों को विश्वास दिलाते थे कि उनके पास ऐसा विशेष केमिकल है, जिससे काले कागज को भारतीय करेंसी में बदला जा सकता है। इसी लालच में फंसाकर वे लोगों से बड़ी रकम ऐंठने की कोशिश करते थे।
50 हजार के बदले 2.50 लाख देने का झांसा
मामला नवागढ़ क्षेत्र का है। पुलिस को शिकायत मिली कि एक व्यक्ति को आरोपियों ने 50 हजार रुपए के बदले 2.50 लाख रुपए के नोट बनाने का लालच दिया था।
आरोपियों ने खुद को केमिकल विशेषज्ञ बताया और दावा किया कि उनके पास ऐसा काला कागज है, जिसे खास प्रक्रिया से असली नोट में बदला जा सकता है। पीड़ित उनकी बातों में आ गया और 6 अगस्त को गोविंदा पुल के पास उनसे मिलने पहुंचा।
वहां तीन आरोपी मौजूद थे। उन्होंने कथित काले कागज और केमिकल के बदले 50 हजार रुपए की मांग की। बातचीत के दौरान पीड़ित को शक हुआ और उसने आरोपियों से सवाल करना शुरू कर दिया। इसके बाद तीनों मौके से भाग निकले। पीड़ित ने इसकी शिकायत नवागढ़ थाने में दर्ज कराई।
साइबर टीम की मदद से पकड़े गए आरोपी
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर साइबर थाना जांजगीर और नवागढ़ पुलिस की टीम ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(2) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया है।
मास्टरमाइंड पर पहले भी दर्ज हैं नकली नोट के केस
पुलिस के अनुसार इस पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड शिव प्रसाद मनहर है। उसके खिलाफ पहले भी नकली नोट से जुड़े मामले दर्ज हो चुके हैं। पुलिस ने बताया कि शिव प्रसाद मनहर पर जैजैपुर थाने में 24 लाख रुपए के नकली नोट और रायपुर के गंज थाना क्षेत्र में 85 लाख रुपए के नकली नोट से जुड़े मामले सामने आ चुके हैं। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है कि इस गिरोह ने इससे पहले कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं।
आरोपियों के पास से मिला सामान पुलिस ने कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से: सफेद केमिकल पाउडर, केमिकल लगा हुआ काले रंग का कागज, नोट जैसा दिखने वाले छह कागज, तीन मोबाइल फोन, जब्त किए हैं।
सोशल मीडिया और कॉल के जरिए बनाते थे शिकार
जांच में सामने आया है कि आरोपी मोबाइल कॉल और सोशल मीडिया के जरिए लोगों से संपर्क करते थे। वे खुद को केमिकल विशेषज्ञ बताकर लोगों को जल्दी पैसा कमाने का लालच देते थे।
आरोपी दावा करते थे कि थोड़े पैसे लगाकर कई गुना रकम बनाई जा सकती है। पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में लोग लालच में आकर ठगी का शिकार हो जाते हैं।
गिरफ्तार आरोपी
पुलिस ने जिन तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान इस प्रकार है:
तेरस राम महिपाल (34 वर्ष) -तालदेवरी, थाना बिर्रा
रामरतन साहू (35 वर्ष) -करौबाडीह, थाना जैजैपुर
शिव प्रसाद मनहर (36 वर्ष) -करौबाडीह, थाना जैजैपुर
तीनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और पुराने मामलों की जानकारी जुटाने में लगी है।
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