छत्तीसगढ़ के गांवों में 1 जुलाई से शुरू होगा जी-राम-जी योजना
NEWS IN SHORT
- 1 जुलाई से छत्तीसगढ़ में जी-राम मिशन की शुरुआत
- मनरेगा की जगह अब मिलेगा 125 दिन रोजगार की गारंटी
- काम न मिलने पर मिलेगा बेरोजगारी भत्ता
- पुराने मनरेगा कार्ड से भी मिलेगा काम
- जल सुरक्षा, सड़क निर्माण और आजीविका पर होगा फोकस
NEWS IN DETAIL
Raipur। छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में रोजगार को लेकर एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। आने वाली 1 जुलाई से राज्य में विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (VB-GRAM-G) लागू कर दिया जाएगा। इस नए मिशन के शुरू होते ही बरसों से चल रहा मनरेगा (MGNREGA) खत्म हो जाएगा और उसकी जगह अब यह नई व्यवस्था काम करेगी।
मनरेगा कार्ड से भी मिलेगा काम
सबसे राहत की बात उन मजदूरों के लिए है जिनके पास पुराना जॉब कार्ड है। जब तक नए मिशन के तहत ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड बनकर तैयार नहीं हो जाते, तब तक पुराने मनरेगा जॉब कार्ड ही मान्य होंगे। अगर किसी के पास कार्ड नहीं है, तो वे सीधे अपनी ग्राम पंचायत में जाकर पंजीकरण करा सकते हैं। सरकार ने साफ कर दिया है कि सिर्फ e-KYC पेंडिंग होने की वजह से किसी भी मजदूर को काम देने से मना नहीं किया जाएगा।
सालाना 125 दिन का मिलेगा रोजगार
नए नियम के लागू होने के बाद अब मजदूरों को साल में 125 दिन का गारंटी के साथ रोजगार मिलेगा। केंद्र सरकार की अधिसूचना के अनुसार, जिस दिन से यह नया अधिनियम लागू होगा, उसी दिन से महात्मा गांधी नरेगा समाप्त मान लिया जाएगा। यह बदलाव मजदूरों की आर्थिक स्थिति को और मजबूत करने के लिए किया गया है।
काम मांगने पर नहीं मिला, तो सरकार देगी भत्ता
इस मिशन में मजदूरों के हक का पूरा ख्याल रखा गया है। नियम के मुताबिक, अगर कोई मजदूर काम मांगता है और तय समय के भीतर उसे काम नहीं मिलता, तो वह बेरोजगारी भत्ता पाने का हकदार होगा। मजदूरी का पैसा सीधे बैंक या डाकघर के खाते में ऑनलाइन भेजा जाएगा। सरकार की कोशिश है कि भुगतान हफ्ते भर में या ज्यादा से ज्यादा 15 दिनों के भीतर हो जाए। अगर पेमेंट में देरी हुई, तो मजदूरों को उसका मुआवजा भी मिलेगा।
इन कामों पर रहेगा खास फोकस
मिशन के तहत गांवों में ऐसे काम कराए जाएंगे जिससे गांव का ढांचा मजबूत हो:
पानी की सुरक्षा: जल संरक्षण और चेक डैम जैसे काम।
गांव का विकास: सड़कें और बुनियादी सुविधाएं।
कमाई के साधन: आजीविका से जुड़ी शेड या अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर।
मौसम से बचाव: बाढ़ या सूखे जैसे हालात से निपटने के लिए जरूरी निर्माण।
पारदर्शिता के लिए बने नए नियम
इस पूरे मिशन को सही ढंग से चलाने के लिए सरकार ने शिकायत निवारण, प्रशासनिक खर्च और मजदूरी भुगतान को लेकर कड़े नियम बनाए हैं, ताकि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी न हो और पात्र लोगों को ही इसका लाभ मिले।
FAQ अक्सर पूछे जानें वाले सवाल
- 1. जी-राम मिशन कब से लागू होगा?
1 जुलाई से जी-राम मिशन लागू होगा। - 2. मनरेगा की जगह क्या होगा?
मनरेगा की जगह जी-राम मिशन काम करेगा। - 3. क्या मनरेगा जॉब कार्ड से काम मिलेगा?
हां, पुराने जॉब कार्ड से काम मिलेगा, जब तक नया कार्ड नहीं आता। - 4. यदि काम नहीं मिलता, तो क्या मिलेगा?
अगर काम नहीं मिलता तो बेरोजगारी भत्ता मिलेगा। - 5. इस मिशन के तहत क्या काम होंगे?
जल सुरक्षा, सड़क निर्माण, और आजीविका से जुड़े काम होंगे।
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