आरटीई एडमिशन छत्तीसगढ़ : RTE सीटों पर मनमानी की तो मान्यता होगी रद्द, हाईकोर्ट की नाराजगी के बाद सरकार का अल्टीमेटम
Raipur : छत्तीसगढ़ में आर.टी.ई. के तहत दाखिला न देने वाले निजी स्कूलों को सरकार ने चेतावनी दी है। जारी आदेश में कहा है कि आर्थिक कमजोर बच्चों के लिए 25 प्रतिशत आरक्षित करना होगा।
इन सीटों पर गरीब बच्चों को प्रवेश नहीं दिया तो स्कूल की मान्यता रद्द कर दी जाएगी। राज्य सरकार ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि आर.टी.ई. कानून कोई विकल्प नहीं, बल्कि अनिवार्य व्यवस्था है। इसे हर निजी विद्यालय को मानना ही होगा।
हाईकोर्ट के नाराजगी के बाद आदेश
बता दे की 2 दिन पहले ही आरटीई को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने टिप्पणी की थी। छत्तीसगढ़ सरकार से इस संबंध में सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए थे।
साथ में यह भी पूछा था कि गरीब बच्चों के एडमिशन के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है। इसके बाद राज्य सरकार ने निजी स्कूलों को अल्टीमेटम जारी किया है।
25 प्रतिशत सीटें आरक्षित, कोई बहाना नहीं चलेगा
यह निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत जरूरी है। प्रदेश के सभी निजी स्कूलों में नर्सरी या कक्षा 1 में 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित करना अनिवार्य है। इन सीटों पर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को एडमिशन दिया जाता है।
सरकार दे रही पैसा, फिर भी टालमटोल क्यों?
राज्य सरकार निजी स्कूलों को प्रति छात्र के हिसाब से प्रतिपूर्ति राशि भी देती है। यह राशि सरकारी स्कूल में प्रति बच्चे के खर्च या निजी स्कूल की फीस, जो भी कम हो, उसके आधार पर तय होती है।
यानी स्कूलों को आर्थिक नुकसान का बहाना भी नहीं बनाना चाहिए। इसके बावजूद कई स्कूल नियमों से बचने की कोशिश करते हैं, जिस पर अब सख्ती तय है।
अन्य राज्यों से बेहतर या बराबर भुगतान
छत्तीसगढ़ में प्रतिपूर्ति राशि को लेकर भी सरकार ने अपनी स्थिति साफ की है। यहां कक्षा 1 से 5 तक 7 हजार रुपए और कक्षा 6 से 8 तक 11 हजार 400 रुपए सालाना दिए जाते हैं।
यह पैसा मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों से ज्यादा या उनके बराबर है। यानी भुगतान को लेकर बहस की गुंजाइश भी कम है।
3.63 लाख बच्चे ले रहे फायदा, प्रक्रिया जारी
प्रदेश में इस समय 6 हजार 8 सौ 62 निजी स्कूलों में 3 लाख 63 हजार से ज्यादा बच्चे आर.टी.ई. के तहत पढ़ाई कर रहे हैं। इस साल भी करीब 22 हजार सीटों पर दाखिले की प्रक्रिया जारी है। सरकार का दावा है कि बड़ी संख्या में बच्चों को इस योजना से फायदा मिल रहा है और इसे और मजबूत किया जा रहा है।
नियम तोड़ोगे तो सीधी कार्रवाई
शिक्षा विभाग ने साफ कर दिया है कि जो स्कूल आर.टी.ई. के तहत प्रवेश देने से मना करेंगे या प्रक्रिया में अड़चन डालेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
इसमें मान्यता रद्द करने तक का प्रावधान शामिल है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि किसी भी अफवाह या भ्रामक जानकारी पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक जानकारी को ही सही मानें।
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