अप्रैल 2026 से बदलेंगे नियम ; अधूरे आई-गॉट कोर्स बन सकते हैं वेतन और पदोन्नति में बाधा
NEWS IN SHORT
- कर्मचारियों को वेतन प्राप्त करने के लिए तीन कोर्स पूरे करना जरूरी होगा।
- कोर्स पूरा करने का असर कर्मचारियों की पदोन्नति पर पड़ेगा।
- प्रत्येक कोर्स के बाद डिजिटल प्रमाण पत्र मिलेगा, जो विकास का प्रमाण होगा।
- विभागों को कर्मचारियों का रजिस्ट्रेशन और कोर्स विवरण 15 दिनों में भेजना होगा।
- एपीएआर में तीन कोर्स की अनिवार्यता जोड़ने से कार्यकुशलता का आंकलन होगा।
NEWS IN DETAIL
छत्तीसगढ़ में आई-गॉट (इंटीग्रेटेड गवर्नमेंट ऑनलाइन ट्रेनिंग) प्लेटफॉर्म ने सरकारी कर्मचारियों के लिए अनिवार्य तीन कोर्स की नीति लागू की है। इस बदलाव का सीधा असर कर्मचारियों के वेतन, पदोन्नति और अन्य लाभों पर पड़ने वाला है।
वेतन आहरण के लिए कोर्स की अनिवार्यता
अब से हर सरकारी कर्मचारी को अपनी महीने की वेतन प्राप्ति के लिए कम से कम तीन कोर्स पूरे करने होंगे। यह बदलाव अप्रैल 2026-27 से लागू होगा। इसका मतलब है कि अगर आपने तीन कोर्स पूरे नहीं किए, तो आपका वेतन डीडीओ द्वारा वेतन प्रमाणपत्र की जांच के बाद ही जारी होगा।
कोर्स का असर पदोन्नति पर
iGOT प्लेटफॉर्म पर अनिवार्य कोर्स पूरा करने का असर कर्मचारी के पदोन्नति पर भी पड़ेगा। जिन कर्मचारियों ने निर्धारित कोर्स पूरे नहीं किए होंगे, उनकी पदोन्नति की प्रक्रिया में रुकावट आ सकती है। यह प्लेटफॉर्म अब एपीएआर (वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदन) में भी जुड़ा हुआ है, जिससे पदोन्नति और अन्य लाभ भी प्रभावित होंगे।
डिजिटल प्रमाण पत्र का महत्व
हर कोर्स के अंत में कर्मचारी को डिजिटल प्रमाण पत्र प्राप्त होगा, जो उसकी क्षमता और प्रशिक्षण का प्रमाण होगा। यह प्रमाण पत्र कर्मचारियों के रिकॉर्ड में दर्ज होगा और यह उनके प्रोफाइल का अहम हिस्सा बनेगा। यह भी सुनिश्चित करेगा कि कर्मचारियों ने आवश्यक कौशल प्राप्त किए हैं, जो उनके कार्यक्षेत्र में सुधार और विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं।
विभागों पर जिम्मेदारी
सरकारी विभागों को अब 15 दिनों के भीतर अपने कर्मचारियों का रजिस्ट्रेशन और कोर्स पूरा करने का विवरण आई-गॉट प्लेटफॉर्म पर भेजना होगा। विभागीय प्रमुखों को जल्द से जल्द अपने कर्मचारियों को इस प्लेटफॉर्म से जोड़ने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, ताकि सभी कर्मचारी इस नई नीति के तहत समय पर अपनी ट्रेनिंग पूरी कर सकें।
पदोन्नति के लिए एपीएआर में बदलाव
वर्ष 2026-27 से एपीएआर में तीन कोर्स की अनिवार्यता जोड़ी जाएगी। यह बदलाव सरकारी कर्मचारियों की कार्यकुशलता को आंकने के लिए महत्वपूर्ण होगा। विभागीय अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके कर्मचारी प्लेटफॉर्म पर अनिवार्य कोर्स पूरे करें, ताकि वे अपनी पदोन्नति और अन्य लाभों के पात्र बने।
निष्कर्ष
आई-गॉट प्लेटफॉर्म पर कोर्स की अनिवार्यता से सरकारी कर्मचारियों के विकास और प्रशिक्षण में सुधार होगा। हालांकि, इसका सीधा असर उनके वेतन और पदोन्नति पर भी पड़ेगा। यह बदलाव कर्मचारियों को समय पर अपनी ट्रेनिंग पूरी करने और अपने करियर में प्रगति की दिशा में काम करने के लिए प्रेरित करेगा।
यह खबरें भी पढ़ें...
दैनिक वेतनभोगियों के नियमितीकरण का रास्ता साफ! हाईकोर्ट ने सरकार को दिया आदेश
छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारियों को बड़ी सौगात: अब ई-कोष से मिलेगा 50% तक एडवांस वेतन
MP में वेतनवृद्धि पर शिक्षकों को झटका, हाईकोर्ट ने खारिज किया दावा, कोर्ट बोला भले ही सरकार से...