द सूत्र की खबर का बड़ा असर : छत्तीसगढ़ में फसल बीमा की डेडलाइन बढ़ी

VINAY VERMA | Aug 09, 2026, 18:53 IST
फसल बीमा की तारीख बढ़ी
छत्तीसगढ़ के किसानों को बड़ी राहत मिली है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना खरीफ 2026 की अंतिम तारीख बढ़ाकर 14 अगस्त कर दी गई है। पहले 31 जुलाई आखिरी तारीख थी। अब किसान धान और मक्का फसलों का बीमा करा सकेंगे।

समझें क्या है पूरा मामला

छत्तीसगढ़ के लाखों किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में खरीफ 2026 की बीमा तारीख बढ़ा दी गई है। अब किसान 14 अगस्त 2026 तक अपनी अधिसूचित फसलों का बीमा करा सकेंगे। पहले आखिरी तारीख 31 जुलाई थी।



द सूत्र ने उठाई आवाज

31 जुलाई की डेडलाइन निकलने के बाद भी बड़ी संख्या में किसान फसल बीमा से वंचित थे। किसानों की परेशानी सामने आने के बाद द सूत्र ने कृषि मंत्री और कृषि सचिव से चर्चा की। किसानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी को कार्रवाई के निर्देश दिए।



केंद्र को भेजा गया पत्र

कृषि मंत्री के निर्देश के बाद कृषि सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने केंद्र सरकार को पत्र भेजकर फसल बीमा की तारीख बढ़ाने का अनुरोध किया। इसके बाद कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने किसानों के नामांकन में आ रही व्यावहारिक दिक्कतों को देखते हुए तारीख बढ़ाने का फैसला लिया।



केंद्र की मंजूरी, तारीख बढ़ी

राज्य सरकार के अनुरोध और बीमा कंपनियों की सहमति के बाद केंद्र ने खरीफ 2026 के लिए बीमा की अंतिम तारीख 14 अगस्त कर दी। यानी जिन किसानों का 31 जुलाई तक बीमा नहीं हो पाया था, उन्हें करीब दो सप्ताह का अतिरिक्त समय मिल गया।



धान-मक्का पर बीमा

खरीफ 2026 में राज्य में अधिसूचित फसलों में सिंचित धान, असिंचित धान और मक्का शामिल हैं। किसान तय प्रीमियम जमा कर इन फसलों का बीमा करा सकते हैं। यह मौका खासकर उन किसानों के लिए अहम है, जो किसी वजह से पिछली डेडलाइन में पंजीयन नहीं करा पाए।



किसान कितना प्रीमियम देंगे

सिंचित धान के लिए किसान का प्रीमियम 1,320 रुपए प्रति हेक्टेयर है। असिंचित धान के लिए 946 रुपए और मक्का के लिए 792 रुपए प्रति हेक्टेयर प्रीमियम तय है। पात्र किसानों को केंद्र और राज्य सरकार के नियमों के मुताबिक प्रीमियम अनुदान का लाभ मिलेगा।



बीमा के लिए ये विकल्प

कृषि विभाग ने बीमा को लेकर प्रचार तेज कर दिया है। किसान सेवा सहकारी समितियों, बैंक शाखाओं, सेवा सेतु केंद्रों और अधिकृत बीमा कंपनियों के माध्यम से बीमा करा सकते हैं। सभी विकासखंडों में किसानों को इसकी जानकारी दी जा रही है।



14 अगस्त आखिरी मौका

कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे नई तारीख का इंतजार न करें। समय रहते फसल का बीमा करा लें। 14 अगस्त 2026 के बाद खरीफ फसल बीमा के लिए यह अतिरिक्त मौका खत्म हो जाएगा।



ऋणी-अऋणी दोनों को फायदा

14 अगस्त तक बीमा कराने वाले पात्र ऋणी और अऋणी किसान निर्धारित नियमों के तहत प्रीमियम अनुदान का लाभ ले सकेंगे। तारीख बढ़ने से उन किसानों को राहत मिली है, जो तकनीकी, बैंकिंग या अन्य व्यावहारिक परेशानियों के कारण समय पर बीमा नहीं करा सके थे।



IMP FACTS



नई अंतिम तारीख: 14 अगस्त 2026



पुरानी अंतिम तारीख: 31 जुलाई 2026



राज्य: छत्तीसगढ़



योजना: प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY)



खरीफ फसलें: सिंचित धान, असिंचित धान और मक्का



सिंचित धान प्रीमियम: 1,320 प्रति हेक्टेयर



असिंचित धान प्रीमियम: 946 प्रति हेक्टेयर



मक्का प्रीमियम: 792 प्रति हेक्टेयर



बीमा कराने के माध्यम: सहकारी समिति, बैंक शाखा, सेवा सेतु केंद्र और अधिकृत बीमा कंपनियां



लाभार्थी: पात्र ऋणी और अऋणी किसान



तारीख बढ़ाने का कारण: बड़ी संख्या में किसान समय पर बीमा नहीं करा पाए थे।



FAQ

  1. छत्तीसगढ़ में खरीफ फसल बीमा कराने की आखिरी तारीख क्या है?
    किसान अब 14 अगस्त 2026 तक खरीफ फसलों का बीमा करा सकते हैं।
  2. खरीफ 2026 में किन फसलों का बीमा कराया जा सकता है?
    अधिसूचित फसलों में सिंचित धान, असिंचित धान और मक्का शामिल हैं।
  3. किसान फसल बीमा कहां से करा सकते हैं?
    किसान सेवा सहकारी समितियों, बैंक शाखाओं, सेवा सेतु केंद्रों और अधिकृत बीमा कंपनियों से बीमा करा सकते हैं।

ये खबरें भी पढ़े...

दुनिया की पहली अजीब फसल बीमा योजना, शामिल नहीं होने के लिए देना होता है आवेदन



कृषि विभाग में ACB कार्रवाई पर किरोड़ी का बड़ा दांव, खुद मांगी CBI जांच



किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी: आज सीएम ट्रांसफर करेंगे फसल बीमा योजना की राशि



परिवहन अधिसूचना मामले में हाईकोर्ट सख्त, राज्य सरकार को अंतिम अवसर



Tags:
  • छत्तीसगढ़
  • प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
  • डेडलाइन
  • राज्य सरकार
  • फसल बीमा