MBBS सीटों की बंपर बढ़ोतरी : छत्तीसगढ़ में अब कुल 2600 सीटें

Umeshwari Baghel | Jul 14, 2026, 15:49 IST
छत्तीसगढ़ में MBBS सीटें बढ़कर 2600 हुईं
छत्तीसगढ़ में NMC ने 5 नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों को मंजूरी दी है। कवर्धा, जांजगीर-चांपा, मनेंद्रगढ़, गीदम और कुनकुरी में 250 नई MBBS सीटें शुरू होंगी। इसके साथ ही प्रदेश में सरकारी मेडिकल कॉलेजों की संख्या 15 और कुल MBBS सीटें 2600 हो गई हैं।

समझें क्या है पूरा मामला

Raipur। छत्तीसगढ़ में चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। प्रदेश में पहली बार एक साथ 5 नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों को नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) से मान्यता मिली है। नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 से इन कॉलेजों में एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू होगी।



कवर्धा, जांजगीर-चांपा, मनेंद्रगढ़, गीदम और कुनकुरी में बनने वाले नए मेडिकल कॉलेजों में 50-50 एमबीबीएस सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा। इससे प्रदेश में एक साथ 250 नई मेडिकल सीटें बढ़ गई हैं।



छत्तीसगढ़ में अब 15 सरकारी मेडिकल कॉलेज

एनएमसी की मंजूरी के बाद छत्तीसगढ़ में सरकारी मेडिकल कॉलेजों की संख्या 10 से बढ़कर 15 हो गई है। इससे प्रदेश के अलग-अलग संभागों में मेडिकल शिक्षा का विस्तार होगा और छात्रों को अपने क्षेत्र के करीब ही चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।



सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस सीटों की संख्या अब बढ़कर 1680 हो गई है। वहीं सरकारी और निजी कॉलेजों को मिलाकर प्रदेश में कुल एमबीबीएस सीटें 2330 से बढ़कर 2600 हो गई हैं।



नीट यूजी छात्रों को मिलेगा फायदा

एमबीबीएस सीटों की संख्या बढ़ने से नीट यूजी परीक्षा देने वाले छात्रों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। सीटें बढ़ने से प्रवेश का कटऑफ कम हो सकता है और अधिक विद्यार्थियों को मेडिकल कॉलेजों में दाखिला मिल सकेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, सीटों में बढ़ोतरी से प्रदेश के छात्रों को सबसे ज्यादा लाभ मिलेगा। पहले सीमित सीटों के कारण कई योग्य विद्यार्थी प्रवेश से वंचित रह जाते थे।



रायपुर मेडिकल कॉलेज में भी बढ़ीं 20 सीटें

प्रदेश के सबसे पुराने चिकित्सा संस्थानों में शामिल पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर में भी एमबीबीएस सीटों की संख्या बढ़ाई गई है। 63 साल पुराने इस मेडिकल कॉलेज में 20 सीटों की वृद्धि हुई है। इसके बाद रायपुर मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस सीटों की संख्या बढ़कर 250 हो गई है।



जून में खारिज हुए थे नए कॉलेजों के आवेदन

इन पांच नए मेडिकल कॉलेजों की मंजूरी का रास्ता आसान नहीं था। जून महीने में एनएमसी ने कुछ कमियों के कारण इन कॉलेजों के आवेदनों को खारिज कर दिया था। इसके बाद चिकित्सा शिक्षा विभाग और राज्य सरकार ने कमियों को दूर करने के लिए तेजी से काम किया। जरूरी संसाधनों और व्यवस्थाओं को पूरा करने के बाद दोबारा आवेदन किया गया। जांच के बाद एनएमसी ने सभी मानकों को पूरा पाए जाने पर इन कॉलेजों को मंजूरी दे दी।



पुराने सरकारी मेडिकल कॉलेजों का भी हुआ रिन्युअल

एनएमसी ने प्रदेश के पुराने 10 सरकारी मेडिकल कॉलेजों की 1450 एमबीबीएस सीटों का रिन्युअल भी नए सत्र के लिए कर दिया है। इसके अलावा एक नए निजी मेडिकल कॉलेज को भी मान्यता मिली है। इसमें 150 एमबीबीएस सीटों पर विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जा सकेगा।



निजी मेडिकल कॉलेजों में भी बढ़ सकती हैं सीटें

प्रदेश के चार अन्य निजी मेडिकल कॉलेजों की सीटों के रिन्युअल की प्रक्रिया अभी जारी है। आने वाले दिनों में इन कॉलेजों में भी सीटों की संख्या बढ़ने की संभावना है। अनुमान लगाया जा रहा है कि निजी मेडिकल कॉलेजों में करीब 200 अतिरिक्त एमबीबीएस सीटें और बढ़ सकती हैं। इससे प्रदेश में मेडिकल शिक्षा का दायरा और बड़ा होगा।



बस्तर संभाग में बढ़ेगा मेडिकल शिक्षा का नेटवर्क

नए मेडिकल कॉलेजों से सबसे बड़ा बदलाव बस्तर संभाग में देखने को मिलेगा। वर्ष 2020 तक पूरे संभाग में केवल जगदलपुर मेडिकल कॉलेज ही था। इसके बाद वर्ष 2021-22 में कांकेर मेडिकल कॉलेज की शुरुआत हुई। अब गीदम मेडिकल कॉलेज शुरू होने के बाद बस्तर संभाग में सरकारी मेडिकल कॉलेजों की संख्या तीन हो जाएगी। इससे बस्तर क्षेत्र के विद्यार्थियों को मेडिकल शिक्षा के लिए दूसरे शहरों में जाने की जरूरत कम होगी।



नए मेडिकल कॉलेजों के सामने रहेंगी चुनौतियां

नए मेडिकल कॉलेजों की शुरुआत के साथ सरकार के सामने व्यवस्थाओं को मजबूत करने की चुनौती भी रहेगी। इन कॉलेजों में प्रथम वर्ष के छात्रों के लिए योग्य फैकल्टी की नियुक्ति करनी होगी। इसके अलावा डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के लिए आवास व्यवस्था भी तैयार करनी होगी। छात्रों के लिए आधुनिक हॉस्टल, अस्पतालों में पर्याप्त सुविधाएं और क्लीनिकल ट्रेनिंग की व्यवस्था करना भी जरूरी होगा।



मुख्यमंत्री ने पीएम और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री का जताया आभार

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नए मेडिकल कॉलेजों की मंजूरी को छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है।उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा मजबूत छत्तीसगढ़ की नींव हैं। सरकार का लक्ष्य ऐसा स्वास्थ्य तंत्र तैयार करना है, जिससे प्रदेश के युवाओं को डॉक्टर बनने के ज्यादा अवसर मिल सकें। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा का आभार व्यक्त किया।



छत्तीसगढ़ में मेडिकल कॉलेजों की नई स्थिति

प्रदेश में अब सरकारी और निजी मिलाकर कुल 20 मेडिकल कॉलेज हो गए हैं। सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 1680 एमबीबीएस सीटें हैं, जबकि निजी कॉलेजों में करीब 900 सीटें उपलब्ध हैं। मेडिकल शिक्षा के विस्तार से प्रदेश में डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने में मदद मिलेगी। साथ ही आने वाले वर्षों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में भी इसका फायदा मिलेगा।



महत्वपूर्ण तथ्य

छत्तीसगढ़ में पहली बार एक साथ 5 नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों को NMC की मंजूरी मिली है।



नए मेडिकल कॉलेज कवर्धा, जांजगीर-चांपा, मनेंद्रगढ़, गीदम और कुनकुरी में शुरू होंगे।



इन कॉलेजों में 50-50 MBBS सीटों के साथ कुल 250 नई सीटें बढ़ेंगी।



प्रदेश में कुल MBBS सीटें 2330 से बढ़कर 2600 हो गई हैं।



सरकारी मेडिकल कॉलेजों की संख्या 10 से बढ़कर 15 हो गई है।



रायपुर मेडिकल कॉलेज में भी 20 सीटों की बढ़ोतरी हुई है।



बस्तर संभाग में अब जगदलपुर, कांकेर और गीदम सहित 3 सरकारी मेडिकल कॉलेज होंगे।



नए कॉलेजों में फैकल्टी, हॉस्टल और पैरामेडिकल स्टाफ की व्यवस्था बड़ी चुनौती रहेगी।



FAQ

  1. छत्तीसगढ़ में कितने नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों को NMC की मंजूरी मिली है?
    छत्तीसगढ़ में 5 नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों को नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) की मंजूरी मिली है। ये कॉलेज कवर्धा, जांजगीर-चांपा, मनेंद्रगढ़, गीदम और कुनकुरी में शुरू होंगे।
  2. नए मेडिकल कॉलेजों से कितनी MBBS सीटें बढ़ेंगी?
    इन 5 नए मेडिकल कॉलेजों में 50-50 सीटों के हिसाब से कुल 250 नई MBBS सीटें बढ़ेंगी। इसके बाद प्रदेश में कुल MBBS सीटों की संख्या 2600 हो गई है।
  3. नए मेडिकल कॉलेजों का छात्रों को क्या फायदा मिलेगा?
    MBBS सीटें बढ़ने से नीट यूजी छात्रों को प्रवेश के ज्यादा अवसर मिलेंगे। इससे मेडिकल शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों या बड़े शहरों पर निर्भरता भी कम होगी।


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