CG-PSC सिविल जज परीक्षा ; सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बदली चयन सूची
NEWS IN SHORT
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जारी हुआ संशोधित परीक्षा परिणाम।
आयुष यार्डी ने कानूनी लड़ाई जीत पक्का किया 44वां स्थान।
एक अभ्यर्थी के लिए 4 मई को हुआ विशेष साक्षात्कार।
कुल 57 पदों की सूची में 16 महिला उम्मीदवार चयनित।
परिणाम सुप्रीम कोर्ट में लंबित अन्य याचिका के फैसले के अधीन।
NEWS IN DETAIL
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CG PSC) द्वारा आयोजित सिविल जज (कनिष्ठ श्रेणी) परीक्षा-2024 के परिणामों में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। उच्चतम न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) के हस्तक्षेप के बाद आयोग को अपनी चयन सूची में संशोधन करना पड़ा है। इस पूरी प्रक्रिया का सबसे प्रेरणादायक पहलू अभ्यर्थी आयुष यार्डी की कानूनी जीत रही, जिन्होंने अपने अधिकारों के लिए लंबी लड़ाई लड़ी।
एक अभ्यर्थी के लिए हुआ विशेष साक्षात्कार
छत्तीसगढ़ पीएससी ने सोमवार, 4 मई 2026 को एक अभूतपूर्व कदम उठाते हुए केवल एक अभ्यर्थी, आयुष यार्डी के लिए विशेष साक्षात्कार (Interview) आयोजित किया। दरअसल, आयुष को पूर्व में साक्षात्कार के लिए नहीं बुलाया गया था, जिसके खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दायर की थी।
शीर्ष अदालत ने 23 अप्रैल 2026 को उनके पक्ष में आदेश पारित किया। कोर्ट के इसी निर्देश का पालन करते हुए आयोग ने आयुष का इंटरव्यू लिया और पूर्व में घोषित 183 अभ्यर्थियों की मेरिट लिस्ट को अपडेट कर 184 अभ्यर्थियों की नई सूची तैयार की।
परिणामों का विश्लेषण
संशोधित परिणाम जारी होने के बाद आयुष यार्डी न केवल सफल घोषित किए गए, बल्कि उन्होंने दिव्यांग कोटे से मेरिट लिस्ट में 44वां स्थान हासिल कर अपनी योग्यता साबित की। आयोग ने अब कुल 57 पदों के लिए अंतिम चयन सूची और इतने ही उम्मीदवारों की प्रतीक्षा सूची (Waiting List) जारी कर दी है।
महिला चयन और वर्गवार विवरण
57 पदों की इस सूची में नारी शक्ति का दबदबा कायम रहा। कुल 16 महिला उम्मीदवारों का चयन हुआ है, जिनका वर्गवार विवरण इस प्रकार है
अनारक्षित: 7 महिलाएं (कुल 24 पद)
अनुसूचित जनजाति (ST): 5 महिलाएं (कुल 18 पद)
अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC): 2 महिलाएं (कुल 8 पद)
अनुसूचित जाति (SC): 2 महिलाएं (कुल 7 पद)
दिव्यांग कोटा: कुल 2 पद आरक्षित थे।
परीक्षा की समयसीमा (Timeline)
यह भर्ती प्रक्रिया दिसंबर 2024 में विज्ञापन जारी होने के साथ शुरू हुई थी। 21 दिसंबर 2025 को लिखित परीक्षा आयोजित की गई और ठीक एक महीने बाद 22 जनवरी 2026 को नतीजे आए। फरवरी में पहले दौर के इंटरव्यू के बाद सूची जारी हुई थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश ने मई 2026 में अंतिम परिणाम की तस्वीर बदल दी।
भविष्य की कानूनी स्थिति
हालांकि आयोग ने सूची जारी कर दी है, लेकिन यह स्पष्ट किया गया है कि यह परिणाम अभी भी सुप्रीम कोर्ट में लंबित एक अन्य 'विशेष अनुमति याचिका' (SLP) के अंतिम फैसले के अधीन रहेगा। वर्तमान में, आयुष यार्डी की यह सफलता उन सभी उम्मीदवारों के लिए एक मिसाल है जो न्याय के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
निष्कर्ष
आयुष यार्डी की यह जीत न्यायपालिका पर भरोसे और संघर्ष की मिसाल है। सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप ने यह स्पष्ट कर दिया है कि चयन प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और पात्रता सर्वोपरि है। संशोधित परिणामों के बाद अब 57 नव-नियुक्त सिविल जज राज्य की न्यायिक सेवा को सुदृढ़ करेंगे, हालांकि अंतिम नियुक्तियाँ आगामी अदालती आदेशों के अधीन रहेंगी।
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