छत्तीसगढ़ पीएससी का मास्टरस्ट्रोक, भर्तियों पर नहीं लगेगा एकतरफा स्टे

Aishwarya Dwivedi | Jun 18, 2026, 11:10 IST
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छत्तीसगढ़ पीएससी ने भर्ती परीक्षाओं को अदालती विवादों से बचाने के लिए हर विज्ञापन के साथ हाईकोर्ट में कैविएट लगाने की नई रणनीति बनाई है, जिससे भर्तियों पर एकतरफा रोक नहीं लगेगी।

समझें क्या है पूरा मामला

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने भर्ती परीक्षाओं के लिए नई रणनीति बनाई है। आयोग अब हर नई और पुरानी भर्ती के साथ कैविएट लगा रहा है। इससे हाईकोर्ट बिना पीएससी का पक्ष सुने एकतरफा रोक नहीं लगाएगा। यह कदम पुरानी भर्तियों के सालों तक लटकने के कारण उठाया गया है। इससे राज्य के युवाओं को समय पर सरकारी नौकरी मिल सकेगी।



युवाओं के लिए राहत भरी खबर

छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग अपनी छवि और कार्यप्रणाली में बड़ा बदलाव कर रहा है। अक्सर देखा जाता है कि सरकारी भर्तियां कोर्ट के चक्कर में फंस जाती हैं। इस वजह से उम्मीदवारों को सालों तक नियुक्तियों के लिए इंतजार करना पड़ता है।



अब इस समस्या को खत्म करने के लिए आयोग ने कमर कस ली है। सीजी पीएससी (CG PSC - Chhattisgarh Public Service Commission) ने एक फूलप्रूफ कानूनी प्लान तैयार किया है। इस प्लान के तहत अब किसी भी भर्ती पर एकतरफा रोक नहीं लग सकेगी।



क्या है पीएससी का कानूनी दांव

आयोग ने अब हर भर्ती परीक्षा के विज्ञापन के साथ अदालत का रुख किया है। सीजी पीएससी अब छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट (High Court) में कैविएट दाखिल कर रहा है। इसमें नए विज्ञापनों के साथ सालों पुराने विज्ञापन भी शामिल किए गए हैं। जिन पुरानी परीक्षाओं के परिणाम अभी अटके हैं, उन पर भी कैविएट लगाया गया है।



इस कानूनी कदम का सीधा और साफ मतलब है कि अदालत पीएससी का पक्ष सुनेगी। कोर्ट किसी भी अभ्यर्थी की याचिका पर सीधे भर्ती प्रक्रिया को नहीं रोकेगा। बिना आयोग की बात सुने परिणामों पर कोई अंतरिम आदेश भी जारी नहीं होगा।



छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग


क्यों जरूरी था यह सख्त कदम

छत्तीसगढ़ में इससे पहले कई बड़ी भर्तियां सालों तक कोर्ट में अटकी रही हैं। आयोग के इतिहास को देखें तो राज्य सेवा परीक्षा 2003 इसका बड़ा उदाहरण है। इस परीक्षा का विज्ञापन जुलाई 2003 में जारी किया गया था। लेकिन आरक्षण नीति और स्केलिंग पद्धति को लेकर विवाद खड़ा हो गया।



यह मामला अदालत की चौखट पर पहुंच गया। इस विवाद का अंतिम फैसला आते-आते दिसंबर 2014 का साल आ गया। इस लंबे और थका देने वाले इंतजार से हजारों युवाओं का भविष्य खराब हुआ। इसी दर्द को समझते हुए आयोग अब न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता ला रहा है। आयोग ने कई महत्वपूर्ण परीक्षाओं को सुरक्षित करने के लिए कैविएट लगाया है। इन परीक्षाओं की सूची और तारीखें इस प्रकार हैं:



राज्य सेवा परीक्षा 2024

इस परीक्षा के तहत कुल 246 पदों पर भर्ती होनी है। इसका विज्ञापन 4 दिसंबर 2024 को निकाला गया था। आयोग ने इस परीक्षा को सुरक्षित करने के लिए 11 मार्च 2025 को कोर्ट में कैविएट दाखिल कर दिया था।



प्रधानाध्यापक उच्च शिक्षा 2021

उच्च शिक्षा विभाग में प्रधानाध्यापक के 595 पदों पर भर्ती का विज्ञापन 8 सितंबर 2021 को आया था। इसका शुद्धि पत्र 20 दिसंबर 2024 को जारी हुआ। इसके तुरंत बाद 11 दिसंबर 2025 को कैविएट लगाया गया।



व्यवहार न्यायाधीश (कनिष्ठ श्रेणी) के 57 पदों के लिए 25 दिसंबर 2024 को विज्ञापन आया था। आयोग ने सतर्कता दिखाते हुए 4 अप्रैल 2025 को ही इसके लिए कैविएट दायर कर दिया था।



खानी निरीक्षक भर्ती

खनिज साधन विभाग में खानी निरीक्षक के 35 पदों पर भर्ती होनी है। इसका विज्ञापन 2 अप्रैल 2025 को जारी किया गया था। इसके ठीक दो दिन बाद यानी 4 अप्रैल 2025 को कैविएट लगा दिया गया।



स्वास्थ्य विभाग के तहत मनोरोग विशेषज्ञ के 216 पदों के लिए 30 अप्रैल 2025 को विज्ञापन आया था। आयोग ने 6 मई 2025 को इसके लिए अदालत में कैविएट दाखिल किया।



सहायक प्राध्यापक चिकित्सा महाविद्यालय

चिकित्सा शिक्षा विभाग में सहायक प्राध्यापक के 125 पदों पर भर्ती का विज्ञापन 19 नवंबर 2025 को आया था। इसके लिए 4 दिसंबर 2025 को कैविएट दायर किया गया।



महिला एवं बाल विकास विभाग के 47 पदों के लिए 15 अक्टूबर को विज्ञापन आया था। इसका शुद्धि पत्र 6 नवंबर 2025 को जारी हुआ। इसके बाद 20 नवंबर 2025 को कैविएट लगाया गया।



सहायक संचालक उद्योग

उद्योग विभाग में सहायक संचालक और प्रबंधक के 30 पदों के लिए 5 दिसंबर 2025 को विज्ञापन आया था। इस भर्ती के लिए भी 4 अप्रैल 2025 को ही एहतियातन कैविएट लगा दिया गया था। उद्योग विभाग में निरीक्षक वाष्पयंत्र के 2 पदों के लिए 23 अक्टूबर 2024 को विज्ञापन आया था। इसके लिए भी 4 अप्रैल 2025 को कोर्ट में कैविएट दाखिल किया गया।


प्लानिंग विभाग में असिस्टेंट डायरेक्टर के 21 पदों के लिए 13 जनवरी 2026 को नया विज्ञापन निकाला गया है। इस भर्ती को भी इसी कानूनी सुरक्षा घेरे में रखा गया है।



आंकड़ों में देखिए बड़ा बदलाव

आयोग के पुराने और नए आंकड़ों को देखें तो बड़ा बदलाव साफ नजर आता है। छत्तीसगढ़ राज्य के गठन से लेकर साल 2022 तक स्थितियां अलग थीं। इन 22 सालों के लंबे समय में केवल 22 परीक्षाओं में ही कैविएट लगाया गया था। लेकिन पिछली सरकार के समय भर्ती परीक्षाओं में जमकर विवाद हुए थे। इसके बाद आयोग ने अपनी पूरी कार्यप्रणाली को बदल दिया। आयोग ने पिछले केवल एक साल के भीतर ही 9 परीक्षाओं में कैविएट लगा दिया है। साल 2026 में भी एक परीक्षा में कैविएट लगाया जा चुका है।



छत्तीसगढ़ के युवाओं को समय पर सरकारी नौकरी


भर्ती प्रक्रिया में अब आएगी तेजी

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि कैविएट लगाना एक बहुत ही समझदारी भरा कदम है। इससे छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग को अदालत में अपना पक्ष रखने का पूरा मौका मिलेगा। आरक्षण, चयन सूची और परीक्षा परिणामों से जुड़े मुद्दों पर अब फिजूल की देरी नहीं होगी। इससे समय बचेगा और योग्य उम्मीदवारों को सही समय पर सरकारी नौकरी मिल सकेगी।



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