लेटलतीफ ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करेगा PWD, जमें अधिकारियों के तबादले तय
समझें क्या है पूरा मामला
छत्तीसगढ़ PWD ने निर्माण कार्यों में सुस्ती और लापरवाही पर अब सीधा शिकंजा कस दिया है। PWD ने ठेकेदारों के लिए भी नियम सख्त कर दिए हैं। तय समय में काम पूरा नहीं करने, निर्माण की गुणवत्ता से समझौता करने या लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई होगी। ऐसे ठेकेदारों को आगामी निविदाओं से बाहर करने के साथ ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। विभागीय सचिव ने रायपुर परिक्षेत्र के निर्माणाधीन सड़क और भवनों को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं। 2024-25 तक स्वीकृत और अधूरे पड़े सभी कामों को अब 31 मार्च 2027 तक हर हाल में पूरा करना होगा। यानी विभाग ने अधूरे प्रोजेक्ट खींचने की गुंजाइश खत्म कर दी है।
अधूरे कामों की पूरी सूची बनेगी
विभाग ने स्वीकृत, निर्माणाधीन और निविदा प्रक्रिया में चल रहे कार्यों की स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को हर काम की प्रगति पर नजर रखने और तय समय-सीमा के हिसाब से निर्माण आगे बढ़ाने को कहा गया है। सड़क हो या सरकारी भवन, अब फाइलों में प्रगति दिखाने के बजाय मौके पर काम नजर आना जरूरी होगा।
दफ्तर छोड़कर साइट पर पहुंचेंगे अफसर
अभियंताओं को निर्माण कार्यों की वास्तविक स्थिति खुद देखने के निर्देश दिए गए हैं। प्राक्कलन तैयार करने से पहले मौके का निरीक्षण अनिवार्य किया गया है। विभाग अब सिर्फ कागजी रिपोर्ट के भरोसे नहीं रहना चाहता। सड़क की हालत, जमीन की स्थिति और निर्माण की वास्तविक जरूरत देखने के बाद ही अनुमान तैयार करने को कहा गया है।
हर महीने होगी प्रगति की निगरानी
निर्माण कार्यों की रफ्तार और गुणवत्ता पर लगातार नजर रखने की व्यवस्था बनाई गई है। ठेकेदारों के काम का मासिक मूल्यांकन होगा। काम संतोषजनक मिलने पर भुगतान की प्रक्रिया नियमित रखने के निर्देश हैं। मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंताओं को अपने अधीनस्थ कार्यपालन अभियंताओं के काम की नियमित निगरानी करने को कहा गया है।
रायपुर मंडल का होगा नया बंटवारा
रायपुर और नवा रायपुर में कामकाज को ज्यादा प्रभावी बनाने के लिए रायपुर मंडल क्रमांक-1 के चारों संभागों का पुनर्गठन किया जाएगा। इनके कार्यक्षेत्र नए सिरे से तय होंगे। मकसद साफ है-अधिकारियों की जिम्मेदारी तय हो और निर्माण कार्यों की मॉनिटरिंग में कोई पेंच न रहे।
तीन साल से एक जगह तो तबादला
PWD में लंबे समय से एक ही टेबल पर जमे अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की तैयारी है। तीन साल से ज्यादा समय से एक ही स्थान पर काम कर रहे अधिकारी-कर्मचारियों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इनकी नई पदस्थापना 30 सितंबर 2026 तक सुनिश्चित करनी होगी। विभाग का यह कदम प्रशासनिक कसावट और पारदर्शिता बढ़ाने के नाम पर उठाया गया है।
अब बहाने नहीं, नतीजे चाहिए
PWD के नए निर्देशों ने साफ कर दिया है कि अधूरे प्रोजेक्ट, खराब निर्माण और लंबी खिंचती फाइलों को अब आसानी से नहीं छोड़ा जाएगा। ठेकेदारों पर कार्रवाई से लेकर अधिकारियों के तबादले तक का फैसला इसी दिशा में है। अब असली परीक्षा फील्ड में होगी-31 मार्च 2027 तक कितनी सड़कें और इमारतें जमीन पर पूरी होती हैं।
FAQ
- छत्तीसगढ़ PWD ने ठेकेदारों पर क्या कार्रवाई तय की है?
तय समय में काम पूरा नहीं करने और खराब गुणवत्ता वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। - PWD के अधूरे काम कब तक पूरे करने होंगे?
2024-25 तक स्वीकृत और अधूरे कामों को 31 मार्च 2027 तक पूरा करना होगा। - PWD में किन अधिकारियों का तबादला होगा?
एक ही जगह पर तीन साल से अधिक समय से तैनात अधिकारी-कर्मचारियों की नई पदस्थापना की जाएगी।
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