ट्राइबल स्कूलों में 766 प्राचार्य पद खाली, लेकिन सिर्फ 12 प्राचार्यों को प्रमोशन
समझें क्या है पूरा मामला...
- टी-संवर्ग के सरकारी स्कूलों में बड़ी संख्या में पद रिक्त हैं।
- विभाग सिर्फ 12 व्याख्याताओं को प्राचार्य पद पर पदोन्नत करने की तैयारी में है।
- इंद्रावती भवन में पदस्थापना के लिए 17 अगस्त को काउंसलिंग होगी।
- कोंडागांव में 93 प्राचार्य पद रिक्त हैं, बलरामपुर में 80, कांकेर में 78 पद खाली हैं।
- काउंसलिंग सूची पर 13 अगस्त शाम 4 बजे तक आपत्ति दर्ज की जा सकती है।
छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के दावों के बीच चौंकाने वाली हकीकत सामने आई है। स्कूल शिक्षा विभाग के टी-संवर्ग यानी ट्राइबल वाले स्कूलों में प्राचार्यों के 766 पद रिक्त हैं। लेकिन विभाग ने सिर्फ 12 व्याख्याताओं को पदोन्नत कर इन खाली कुर्सियों को भरने की तैयारी की है।
लोक शिक्षण संचालनालय यानी DPI (Directorate of Public Instruction) ने पदोन्नति-सह-पदस्थापना के लिए 17 अगस्त 2026 को काउंसलिंग बुलाई है। दरअसल विभागीय पदोन्नति समिति यानी DPC (Departmental Promotion Committee) की बैठक 7 मार्च 2025 को हुई थी, जिसमें कुल 14 लोक सेवकों के प्रकरणों पर विचार किया गया था।
अब इन 14 में से सिर्फ 11 व्याख्याताओं को काउंसलिंग के लिए इंद्रावती भवन बुलाया गया है।
प्रमोशन सूची में कटौती की गई
प्रमोशन की सूची में भी कटौती की गई है। सूची में शामिल दो व्याख्याताओं, कृष्णचंद यादव और राजेश कुमार सिंह को काउंसलिंग से बाहर रखा गया है।
इसकी वजह यह है कि इन दोनों की सेवानिवृत्ति की तिथि 31 दिसंबर 2026 है। सरकारी नियम के मुताबिक जिन शिक्षकों की सेवानिवृत्ति में एक वर्ष से कम समय होता है, उन्हें इस प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाता।
एक व्याख्याता को मिलेगा अलग तरीके से प्रमोशन
दूसरी तरफ एक व्याख्याता, रिटायर्ड कुमार वैद्य को उनकी वर्तमान संस्था में ही प्राचार्य पद पर पदोन्नत किया जा रहा है। यानी उनके मामले में सामान्य काउंसलिंग प्रक्रिया अपनाने के बजाय सीधे उनकी मौजूदा पदस्थापना में ही प्रमोशन दिया जा रहा है।
इससे साफ है कि रिटायरमेंट के करीब पहुंच चुके शिक्षकों के मामलों को अलग तरीके से निपटाया जा रहा है।
कोंडागांव में सबसे ज्यादा पद खाली
जिलेवार आंकड़ों के मुताबिक कोंडागांव में सबसे ज्यादा 93 प्राचार्य पद रिक्त हैं। इसके बाद बलरामपुर में 80, कांकेर उत्तर बस्तर में 78, बस्तर में 66 और सूरजपुर में 59 पद खाली हैं।
बीजापुर में 55, गरियाबंद में 40, जशपुर में 39 और दंतेवाड़ा में 37 पद रिक्त हैं। सुकमा में भी 37 पद खाली हैं। कोरबा में 29 और एमसीबी यानी मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 27 पद रिक्त बताए गए हैं।
अन्य जिलों की स्थिति
नारायणपुर में 25, कोरिया में 23, सरगुजा में 21 और रायगढ़ में 17 पद खाली हैं। जीपीएम यानी गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में भी 17 पद रिक्त हैं।
मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 11, बालोद में 6 और धमतरी में 5 पद खाली हैं। कबीरधाम में सिर्फ 1 पद रिक्त है। इनके अलावा DIET (District Institute of Education and Training) संस्थान के पद भी इस रिक्ति सूची में शामिल हैं।
आज है आपत्ति दर्ज कराने की आखिरी तारीख
काउंसलिंग सूची या रिक्त पदों पर आपत्ति 13 अगस्त शाम 4 बजे तक दर्ज कराई जा सकती है। इसके बाद काउंसलिंग 17 अगस्त को इंद्रावती भवन में आयोजित होगी।
शिक्षक अपडेट के लिए eduportal.cg.nic.in पर जानकारी देख सकते हैं। विभाग ने साफ किया है कि इस तारीख के बाद आपत्तियों पर विचार नहीं किया जाएगा।
अब आगे क्या होगा
17 अगस्त की काउंसलिंग के बाद यह तय होगा कि किन व्याख्याताओं को किन स्कूलों में प्राचार्य पद पर पदस्थ किया जाएगा। हालांकि सिर्फ 12 पदोन्नति से 766 खाली पदों में से बेहद छोटा हिस्सा ही भर पाएगा।
आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि शेष खाली पदों को भरने के लिए विभाग आगे क्या ठोस कदम उठाता है।
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