महिला एवं बाल विकास विभाग में बड़ा फेरबदल, उप संचालक से DPO तक बदले गए
Raipur। छत्तीसगढ़ के महिला एवं बाल विकास विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। शासन ने उप संचालक, जिला कार्यक्रम अधिकारी (DPO) और सहायक संचालक की पदस्थापना बदल दी है। मंत्रालय, महानदी भवन नवा रायपुर से जारी आदेश में सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई जिम्मेदारी संभालने के निर्देश दिए गए हैं। लिस्ट जारी होने के बाद से ही आदेश पर सवाल उठने लगे हैं। लेकिन विभाग का दावा है कि इस तबादले से कामकाज में प्रशासनिक कसावट आएगी।
संचालनालय में बदलाव
तबादला सूची में जगरानी एक्का को प्रभारी संयुक्त संचालक, संचालनालय महिला एवं बाल विकास की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं चन्द्रबेश सिंह सिसोदिया, अजय शर्मा और बृजेन्द्र सिंह ठाकुर को उप संचालक के रूप में संचालनालय में पदस्थ किया गया है। इसी तरह श्रुति नेरकर को उप संचालक, राज्य स्तरीय संसाधन केन्द्र रायपुर की जिम्मेदारी मिली है। यानी विभाग के मुख्यालय स्तर पर भी अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बड़ा बदलाव किया गया है।
जिलों में नई तैनाती
जिला स्तर पर भी कई अधिकारियों को नई जिम्मेदारी दी गई है। अशोक पांडेय को जिला कार्यक्रम अधिकारी दुर्ग, वरूण नागेश को DPO गरियाबंद और राजकुमार जाम्बुलकर को DPO राजनांदगांव बनाया गया है। येे वहीं वरुण नागेश हैं, जिन पर दंतेवाड़ा मे रहने के दौरान सैक्सुअल हैरेसमेंट का आरोप लगा था। जांच कमेटी ने भी आरोपों को सही पाया था।
वहीं लुपेन्द्र महिनाग को प्रभारी DPO धमतरी, ऋतीश कुमार टंडन को प्रभारी DPO बेमेतरा, अतुल दाण्डेकर को प्रभारी DPO सक्ती और अनुकूल पांडेय को प्रभारी DPO जशपुर की जिम्मेदारी दी गई है।
आयोग में भी बदलाव
तबादला सूची में अवनी बिस्वाल का नाम भी शामिल है। उन्हें रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के प्रभारी सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं सुधाकर बोदले को उप संचालक, क्षेत्रीय महिला प्रशिक्षण संस्थान, सरगुजा भेजा गया है।
तत्काल संभालना होगा पद
शासन के आदेश के मुताबिक सभी अधिकारियों को नवीन पदस्थापना स्थल पर तत्काल कार्यभार ग्रहण करना होगा। लंबे समय से विभागीय स्तर पर अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव की चर्चा के बीच जारी हुई यह सूची प्रशासनिक कामकाज के लिहाज से अहम मानी जा रही है।
विभाग में बढ़ेगी जवाबदेही
महिला एवं बाल विकास विभाग सीधे तौर पर आंगनबाड़ी, पोषण, महिला कल्याण और बाल संरक्षण जैसी योजनाओं से जुड़ा है। ऐसे में जिलों में DPO स्तर पर हुए बदलाव का असर योजनाओं की निगरानी और क्रियान्वयन पर भी पड़ेगा। अब नई पदस्थापना के बाद अधिकारियों के सामने मैदानी कामकाज और योजनाओं की मॉनिटरिंग को पटरी पर रखने की चुनौती होगी।
FAQ
- छत्तीसगढ़ महिला एवं बाल विकास विभाग में कितने अधिकारियों का तबादला हुआ है?
महिला एवं बाल विकास विभाग में उप संचालक, DPO और सहायक संचालक स्तर के कुल 14 अधिकारियों की नई पदस्थापना की गई है। - महिला एवं बाल विकास विभाग में किन पदों पर बदलाव किया गया है?
विभाग में उप संचालक, जिला कार्यक्रम अधिकारी (DPO), सहायक संचालक और आयोग सचिव स्तर के अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं। - नए पदस्थापित अधिकारियों को कब कार्यभार संभालना होगा?
शासन के आदेश के अनुसार सभी अधिकारियों को अपनी नई पदस्थापना वाली जगह पर तत्काल कार्यभार ग्रहण करना होगा।
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