central-government-vacant-posts-doubled
10 साल में दोगुना केंद्र में खाली पदों का आंकड़ा, जानें किस मंत्रालय के क्या हैं हाल?
Aman Vaishnav | Aug 23, 2026, 13:13 IST
केंद्र में खाली पदों का आंकड़ा
केंद्र सरकार में खाली पदों की संख्या 10 साल में दोगुनी होकर 8.24 लाख पहुंच गई है। कुल मंजूर पदों में रिक्तियों की हिस्सेदारी 2015 के 11.5% से बढ़कर 2024 में 21% तक पहुंच गई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार केंद्र सरकार के दफ्तरों में खाली पदों की संख्या तेजी से बढ़ी है। बीते एक दशक में यह करीब दोगुनी हो गई है। 2015 में 4.21 लाख पद खाली थे। वहीं 2024 में यह आंकड़ा बढ़कर 8.24 लाख हो गया।
कुल मंजूर पदों में खाली पदों की हिस्सेदारी भी बढ़ी है। यह 11.5% से बढ़कर 21% हो गई। यानी हर पांचवां सरकारी पद अभी खाली है।
![central-government-vacant-posts-doubled]()
इस दौरान मंजूर पदों की संख्या में 2.74 लाख का इजाफा हुआ। लेकिन भरे हुए पदों की संख्या 1.29 लाख घट गई।
व्यय विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र के 80 मंत्रालयों और विभागों में कुल 39 लाख 23 हजार 212 पद मंजूर हैं। इनमें से 30 लाख 99 हजार 656 पद भरे हुए हैं। बाकी 8 लाख 23 हजार 556 पद खाली पड़े हैं।
2015 में तस्वीर अलग थी। तब 36 लाख 49 हजार 468 मंजूर पदों में से 32 लाख 28 हजार 921 पद भरे थे। सिर्फ 4 लाख 20 हजार 547 पद खाली थे।
![central-government-vacant-posts-doubled]()
गृह मंत्रालय में मंजूर पद करीब 1.02 लाख बढ़े हैं। इसी दौरान भर्तियां लगभग 49 हजार 621 बढ़ीं। नियुक्तियां तो हुईं, लेकिन स्वीकृत पद उससे तेज रफ्तार से बढ़े। नतीजा यह हुआ कि रिक्तियां 58,774 से बढ़कर 1 लाख 10 हजार 885 हो गईं।
2015 में रेलवे में एक भी पद खाली नहीं था। 2024 में यहां 2 लाख 40 हजार 125 पद यानी 16.2% पद खाली हैं। हेल्थ विभाग में भी यही हाल है। यहां वैकेंसी शून्य से बढ़कर 5.8% हो गई है।
![central-government-vacant-posts-doubled]()
डिफेंस (सिविलियन) में सबसे ज्यादा 2 लाख 41 हजार 643 पद खाली हैं। यह मंजूर पदों का 43.4% है। 2015 में यह आंकड़ा 31.9% था। यानी नौ साल में रिक्ति दर काफी बढ़ी है।
पोस्ट यानी डाक विभाग में खाली पदों की संख्या आठ गुना से ज्यादा बढ़ी है। 2015 में यहां सिर्फ 7,561 पद खाली थे। 2024 में यह संख्या 61,546 तक पहुंच गई है।
![central-government-vacant-posts-doubled]()
कॉमर्स विभाग में स्थिति सबसे खराब है। यहां 55.4% पद खाली हैं। यह पूरी लिस्ट में सबसे ज्यादा रिक्ति दर है। 2015 में यह आंकड़ा 37.1% था। सिविल एविएशन में 45.2% और लेबर विभाग में 41.5% पद खाली हैं।
खाली पदों को भरने के बजाय कई विभाग आउटसोर्सिंग का रास्ता अपना रहे हैं। इसके लिए सरकारी विभाग जीईएम प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हैं।
पिछले साल इस प्लेटफॉर्म से रिकॉर्ड 10 लाख कर्मचारी आउटसोर्स किए गए। जानकारी के अनुसार, कई मंत्रालय अब ठेके पर कर्मचारी रखने के बजाय सीधे कंपनियों को ही काम सौंप रहे हैं।
![central-government-vacant-posts-doubled]()
सरकारी कंपनियों यानी सीपीएसयू में भी ठेके पर काम करने वालों की संख्या तेजी से बढ़ी है। 2015 में यह आंकड़ा 18.6% था। 2025 में यह बढ़कर 49.1% हो गया है।
पब्लिक एंटरप्राइज सर्वे-2015 के अनुसार, 2015 में देश के 298 सीपीएसयू में कुल 15 लाख 87 हजार 149 कर्मचारी काम कर रहे थे। इनमें से 2 लाख 95 हजार 975 कर्मचारी ठेके पर थे।
2025 में यह तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। अब 475 पीएसयू में कुल 15 लाख 42 हजार 339 कर्मचारी हैं। इनमें सिर्फ 7 लाख 83 हजार 728 रेगुलर कर्मचारी हैं। बाकी 7 लाख 58 हजार 611 कर्मचारी ठेके पर काम कर रहे हैं।
यह आंकड़े साफ बताते हैं कि सरकारी नौकरियों में स्थायी भर्ती की जगह अस्थायी और आउटसोर्स मॉडल तेजी से बढ़ रहा है।
संसद में दीनदयाल जन आजीविका योजना का सच उजागर,138 युवाओं के आवेदन रिजेक्ट
रेलवे की बदहाल व्यवस्था, 201 स्टेशनों पर शौचालय की कमी, 458 पर नलों से बह रहा जहर
MP में नल-जल मिशन के दावों की खुली पोल: 8 जिलों के 50% परिवार पानी को तरसे
एमपी मनरेगा में खुलासा, 1 करोड़ मजदूरों में सिर्फ 2% को मिला 100 दिन का काम
कुल मंजूर पदों में खाली पदों की हिस्सेदारी भी बढ़ी है। यह 11.5% से बढ़कर 21% हो गई। यानी हर पांचवां सरकारी पद अभी खाली है।
मंजूर पद बढ़े, भर्तियां घटीं
व्यय विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र के 80 मंत्रालयों और विभागों में कुल 39 लाख 23 हजार 212 पद मंजूर हैं। इनमें से 30 लाख 99 हजार 656 पद भरे हुए हैं। बाकी 8 लाख 23 हजार 556 पद खाली पड़े हैं।
2015 में तस्वीर अलग थी। तब 36 लाख 49 हजार 468 मंजूर पदों में से 32 लाख 28 हजार 921 पद भरे थे। सिर्फ 4 लाख 20 हजार 547 पद खाली थे।
central-government-vacant-posts-doubled
गृह मंत्रालय में भी बढ़ी रिक्तियां
रेलवे और हेल्थ में नया संकट
central-government-vacant-posts-doubled
डिफेंस में सबसे ज्यादा खाली पद
डाक विभाग में आठ गुना उछाल
central-government-vacant-posts-doubled
कॉमर्स विभाग में आधे पद खाली
आउटसोर्सिंग का बढ़ता चलन
पिछले साल इस प्लेटफॉर्म से रिकॉर्ड 10 लाख कर्मचारी आउटसोर्स किए गए। जानकारी के अनुसार, कई मंत्रालय अब ठेके पर कर्मचारी रखने के बजाय सीधे कंपनियों को ही काम सौंप रहे हैं।
central-government-vacant-posts-doubled
सरकारी कंपनियों में भी ठेके का दबदबा
पब्लिक एंटरप्राइज सर्वे-2015 के अनुसार, 2015 में देश के 298 सीपीएसयू में कुल 15 लाख 87 हजार 149 कर्मचारी काम कर रहे थे। इनमें से 2 लाख 95 हजार 975 कर्मचारी ठेके पर थे।
2025 में यह तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। अब 475 पीएसयू में कुल 15 लाख 42 हजार 339 कर्मचारी हैं। इनमें सिर्फ 7 लाख 83 हजार 728 रेगुलर कर्मचारी हैं। बाकी 7 लाख 58 हजार 611 कर्मचारी ठेके पर काम कर रहे हैं।
यह आंकड़े साफ बताते हैं कि सरकारी नौकरियों में स्थायी भर्ती की जगह अस्थायी और आउटसोर्स मॉडल तेजी से बढ़ रहा है।
ये खबरें भी पढ़िए...
रेलवे की बदहाल व्यवस्था, 201 स्टेशनों पर शौचालय की कमी, 458 पर नलों से बह रहा जहर
MP में नल-जल मिशन के दावों की खुली पोल: 8 जिलों के 50% परिवार पानी को तरसे
एमपी मनरेगा में खुलासा, 1 करोड़ मजदूरों में सिर्फ 2% को मिला 100 दिन का काम
MP में 3 IAS अधिकारियों के तबादले, भोपाल नगर निगम को मिले नए अपर आयुक्त, जानें किसे कहां मिली जिम्मेदारी
By Sumit Kumar
एमपी में सरकारी नौकरियों की हकीकत: दो विभागों में हजारों पद, बाकी विभागों में वैकेंसी का इंतजार!
By Atul Dwivedi
कन्या भोज करने गईं बच्चियों के कपड़े उतरवाए, रिटायर्ड शिक्षिका ने 4 घंटे कमरे में बंद रख कर की मारपीट
By Amresh Kushwaha
दीपावली और छठ पर यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे का बड़ा कदम, जोधपुर और बाड़मेर से चलेंगी ट्रेनें
By Jageshwar prasad
रीवा में चोरी से पहले पेट पूजा: चोर ने खाया पूड़ी-अचार, फिर लॉकर तोड़कर ले गया लाखों का माल
By Arohi Raj
अकाल पर सियासत, किरोड़ी का गहलोत पर पलटवार-नियमों से होगा सर्वे,अफवाहों से नहीं चलेगी सरकार
By Mukesh Sharma
सड़क हादसे में मौत पर परिवार को मिलेंगे 24.39 लाख रुपए, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने करीब 7 लाख बढ़ाया मुआवजा
By Umeshwari Baghel