अब बिना वारंट के हो सकती है गिरफ्तारी, छत्तीसगढ़ के कलेक्टरों को सुपर पॉवर
इस सप्ताह छत्तीसगढ़ में कई बड़े राजनीतिक और प्रशासनिक फैसले हुए। प्रदेश में तीन महीने रासुका लगाने का फैसला किया गया। इससे किसी की गिरफ्तारी के लिए वारंट की जरुरत नहीं होगी। हालांकि ऐसा नहीं है कि कहीं से किसी को भी उठा लिया जाएगा, यह सब कानून के मुताबिक ही होगा।
छत्तीसगढ़ के कलेक्टरों को इसका पॉवर मिल जाएगा। बीजेपी को नया प्रभारी मिल गया है। अब स्मृति छत्तीसगढ़ में सरकार रिपीट करने का फॉर्मूला तैयार करेंगी। संगठन की मजबूती के लिए पवन साय की जगह कर्मवीर सिंह आ रहे हैं। छत्तीसगढ़ में सप्ताह भर हुई अहम घटनाओं के लिए पढ़िए छत्तीसगढ़ की चिट्ठी।
छत्तीसगढ़ में रासुका :
छत्तीसगढ़ में कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। सरकार ने प्रदेश के सभी 33 जिलों के कलेक्टरों यानी जिला दंडाधिकारियों को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA), 1980 के तहत विशेष शक्तियों का इस्तेमाल करने के लिए अधिकृत किया है।
गृह विभाग की ओर से जारी आदेश के मुताबिक यह व्यवस्था 1 अक्टूबर 2026 से 31 दिसंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी। सरकार के इस आदेश के बाद प्रदेश के सभी जिला दंडाधिकारी निर्धारित परिस्थितियों में रासुका के तहत निवारक निरोध की कार्रवाई कर सकेंगे। इसका मकसद ऐसी गतिविधियों को पहले ही रोकना है, जिनसे लोक व्यवस्था, राज्य की सुरक्षा या आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति एवं संचालन पर खतरा पैदा होने की आशंका हो।
गृह विभाग की अधिसूचना में कहा गया है कि सरकार को ऐसी सूचनाएं मिली हैं, जिनमें कुछ तत्वों की गतिविधियों से सांप्रदायिक सौहार्द, लोक व्यवस्था और राज्य की सुरक्षा प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए सभी जिलों के जिला दंडाधिकारियों को NSA के तहत निर्धारित शक्तियों का प्रयोग करने के लिए अधिकृत किया गया है।
स्मृति को कमान :
भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक स्तर पर बड़ा बदलाव करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री और पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ का नया प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया है। वहीं सिद्धार्थ शंभू को राज्य का सह-प्रभारी बनाया गया है। संगठन स्तर पर हुए फेरबदल के तहत कर्मवीर सिंह छत्तीसगढ़ बीजेपी के नए संगठन महामंत्री बनाए गए हैं।
वहीं, अब तक छत्तीसगढ़ में संगठन महामंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे पवन साय को झारखंड भेजा गया है। वे झारखंड बीजेपी के संगठन महामंत्री होंगे। गए। कर्मवीर सिंह उत्तरप्रदेश से आते हैं। वे अभी झारखंड में संगठन महामंत्री का दायित्व संभाल रहे थे।
नए डीजीपी की तैयारी :
छत्तीसगढ़ सरकार के अंदर चल रही कुछ आईपीएस अफसरों को डीजी बनाने की तैयारी का मामला प्रधानमंत्री कार्यालय पहुंच गया है। पीएमओ में यह शिकायत की गई है कि बिना केंद्रीय गृह मंत्रालय की अनुमति के तीन अफसरों को डीजी के पद पर प्रमोशन देने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक राज्य सरकार में तीन नए Ex-Cadre DG स्तर के पद सृजित कर 1994, 1995 और 1996 बैच के तीन IPS अधिकारियों को DG/Special DG स्तर पर पदोन्नत करने का प्रस्ताव विचाराधीन है। बताया जा रहा है कि इन पदों के सृजन के लिए कैबिनेट की मंजूरी कराने की तैयारी की जा रही है। जबकि इन पदों के संबंध में केन्द्र सरकार, खासतौर पर गृह मंत्रालय की पूर्व स्वीकृति आवश्यक है। यही गलती 2018 में रमन सरकार ने की थी। रमन सरकार के इस फैसले को हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया था।
पुलिस के पास थी महेंद्र कर्मा की हत्या की जानकारी :
झीरम कांड के सुलगते सवाल ठंडे नहीं पड़ रहे हैं। हम आपको झीरम का वो सच बता रहे हैं जो आपको झकझोर देगा। द सूत्र के पास वे गोपनीय दस्तावेज़ हैं जो हैरान करने वाले हैं। पुलिस को झीरम कांड के सवा महीने पहले पता चल गया था कि नक्सलियों ने कांग्रेस नेता महेंद्र कर्मा की हत्या की तैयारी की है।
इसके लिए नक्सलियों ने एक अलग से फोर्स बनाई जो आधुनिक हथियारों से लैस थी और नक्सली बहुत बड़ी वारदात करने वाले हैं। पुलिस की जानकारी के बाद भी झीरम कांड कैसे हु गया यह बड़ा सवाल। पुलिस की लापरवाही और अनदेखी ने कांग्रेस नेताओं की पूरी पीढ़ी को नक्सलियों के हवाले कर खत्म करवा दिया।
वहीं झीरम घाटी नक्सली हमले का मामला अब हाईकोर्ट पहुंच गया है। जगदलपुर की विशेष एनआईए अदालत से 10 आरोपियों को सुनाई गई फांसी की सजा को बचाव पक्ष ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में चुनौती दी है। बचाव पक्ष के वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद चौधरी ने बताया कि सभी दोषियों के परिजनों से चर्चा के बाद बिलासपुर हाईकोर्ट में अपील दाखिल की गई है।
दुबई से लौटते ही वांटेड गिरफ्तार :
महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप केस में CBI ने एक और वांटेड आरोपी को पकड़ लिया है। एजेंसी ने अभिषेक कुमार को हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया। बताया गया कि वह दुबई से भारत लौटा था। एयरपोर्ट पर गिरफ्तारी के बाद उसे स्थानीय कोर्ट में पेश किया गया, जहां से ट्रांजिट रिमांड मिलने पर CBI उसे रायपुर लेकर पहुंची।
रायपुर लाने के बाद CBI ने अभिषेक कुमार को कोर्ट में पेश किया। जांच एजेंसी ने पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड मांगी। कोर्ट ने 2 दिन की CBI रिमांड मंजूर की है। अब इन दो दिनों में एजेंसी आरोपी से उसके संपर्क, पैसों के लेनदेन और महादेव ऐप के कथित नेटवर्क से जुड़ी गतिविधियों को लेकर पूछताछ करेगी।
तांत्रिक से साढ़े 3 करोड़ कुर्क :
रायपुर स्मार्ट सिटी में 500 करोड़ रुपए के सब-कॉन्ट्रैक्ट का झांसा देकर 15 करोड़ रुपए ठगने के मामले में ED ने बड़ा कदम उठाया है। ED ने आरोपी तांत्रिक बाबा उर्फ केके श्रीवास्तव के खिलाफ रायपुर की विशेष PMLA अदालत में अभियोजन शिकायत दाखिल की है। इससे पहले 22 सितंबर को आरोपी की 3.25 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्ति भी अस्थायी रूप से कुर्क की गई है।
ED की जांच के मुताबिक पूरा मामला जून 2023 से शुरू हुआ। केके श्रीवास्तव ने मेसर्स रावत एसोसिएट्स के प्रोप्राइटर को बताया कि रायपुर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में करीब 500 करोड़ रुपए का बड़ा सब-कॉन्ट्रैक्ट मिलने वाला है। इसके लिए परफॉरमेंस सिक्योरिटी के नाम पर रकम जमा कराने का भरोसा दिलाया गया। इसी झांसे में पीड़ित से करीब 15 करोड़ रुपए ले लिए गए।
हड़ताल के बाद सरकार झुकी :
छत्तीसगढ़ के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में काम कर रहे MBBS इंटर्न डॉक्टरों के लिए सरकार ने स्टाइपेंड बढ़ाने का फैसला किया है। अब इंटर्न डॉक्टरों को हर महीने 25 हजार रुपए मिलेंगे। चिकित्सा शिक्षा विभाग के आदेश के मुताबिक बढ़ा हुआ स्टाइपेंड 1 अक्टूबर 2026 से लागू होगा। यानी अगले महीने से ही इंटर्न डॉक्टरों को बढ़ी हुई रकम मिलनी शुरू हो जाएगी।
CGPSC से चयन, गई नौकरी :
सरकारी मेडिकल कॉलेज में नौकरी मिली, पदस्थापना भी तय हुई, लेकिन समय पर जॉइन नहीं किया तो नियुक्ति ही हाथ से निकल गई। छत्तीसगढ़ के अलग-अलग मेडिकल कॉलेजों में सहायक प्राध्यापक के पद पर चुने गए 13 डॉक्टरों की नियुक्ति सरकार ने रद्द कर दी है। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने 25 सितंबर को इसका आदेश जारी किया है।
इन सभी डॉक्टरों का चयन छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के जरिए हुआ था। चयन के बाद चिकित्सा शिक्षा विभाग ने 24 जून 2026 को नियुक्ति और पदस्थापना का आदेश जारी किया था। इसके बाद डॉक्टरों को तय समय के भीतर संबंधित मेडिकल कॉलेज में पहुंचकर काम संभालना था।
ये खबरें भी पढ़ें…
पुलिस के पास थी महेंद्र कर्मा की हत्या की जानकारी, महीने भर पहले मिल गया था झीरम प्लान
स्मृति ईरानी छत्तीसगढ़ BJP की नई प्रभारी, सिद्धार्थ शंभू को सह-प्रभारी की जिम्मेदारी
छत्तीसगढ़ की चिट्ठी: मृत्युदंड के बाद भी मुकम्मल नहीं झीरम, घर का जोगी जोगड़ा
एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टर का स्टाइपेंड 25 हजार रुपए, 1 अक्टूबर से मिलेगा बढ़ा हुआ मानदेय