सीजीपीएससी असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में सीरीज सिलेक्शन, जांच की उठी मांग
समझें क्या है पूरा मामला
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग यानी सीजीपीएससी (CGPSC – Chhattisgarh Public Service Commission) की वर्ष 2019 में विज्ञापित असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती फिर सवालों के घेरे में है। 27 विषयों के 1384 पदों के लिए यह परीक्षा नवंबर 2020 में हुई थी। डेटा एनालिसिस में सामने आया है कि कई विषयों में लगातार रोल नंबर वाले अभ्यर्थियों का बड़े पैमाने पर चयन हुआ है। इसे सीरीज सिलेक्शन या क्लस्टर इफेक्ट कहा जा रहा है। यह भर्ती पूर्व PSC अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी के कार्यकाल में हुई थी, जिनके समय में पहले भी पेपर लीक का मामला सामने आ चुका है।
क्या है सीरीज सिलेक्शन पैटर्न
वाणिज्य विषय में रोल नंबर 190206100102 से 127 तक कुल 26 रोल नंबर आते हैं। इनमें से केवल 4 रोल नंबर — 107, 110, 115 और 122 — को छोड़कर बाकी 24 अभ्यर्थी लिखित परीक्षा में पास हुए।
डेटा एनालिसिस के लिए हर विषय के रोल नंबरों को 4 बराबर हिस्सों में बाँटा गया। इस विश्लेषण में पाया गया कि शुरुआती 25 प्रतिशत रोल नंबर वाले अभ्यर्थी सबसे अधिक संख्या में चयनित हुए।
अन्य विषयों में भी मिलीं सीरीज
वनस्पति शास्त्र में रोल नंबर 190211100002 से 008 और 011 से 013 तक की सीरीज मिली। इसी विषय में 229 से 240 तक लगातार चयन हुआ। भूगोल में एक ही सीरीज से 15 अभ्यर्थियों का चयन हुआ। रोल नंबर 52 से 71 के बीच। इतिहास, अंग्रेजी, अर्थशास्त्र और प्राणी शास्त्र में भी इसी तरह की लगातार रोल नंबर वाली सीरीज सामने आई हैं।
टामन सोनवानी के कार्यकाल पर सवाल
यह भर्ती परीक्षा पूर्व PSC अध्यक्ष (रिटायर्ड IAS) टामन सिंह सोनवानी के कार्यकाल में हुई। इन्हीं के कार्यकाल में PSC 2021 मुख्य परीक्षा का पेपर लीक हुआ था, जिसमें प्रशासन में बैठे अधिकारियों के परिजनों का चयन हुआ था। उस मामले की CBI जांच चल रही है। असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा 5-6 नवंबर 2020 को हुई थी और इंटरव्यू जनवरी से अगस्त 2021 के बीच हुए। यह वही दौर है जब PSC 2021 की प्रक्रिया भी चल रही थी।
अभ्यर्थियों और प्रोफेसरों की शिकायत
कई अभ्यर्थियों, प्रोफेसरों और PSC अधिकारियों ने इस भर्ती में गड़बड़ी की शिकायत की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को इस संबंध में लिखित शिकायत भी हो चुकी है। PSC सचिव राहुल वेंकट का कहना है कि शिकायत पर क्या कार्रवाई हुई, इसकी जानकारी जाँचकर ही दी जा सकेगी।
कॉम्प्रोमाइज के बिना संभव नहीं
छत्तीसगढ़ PSC के पूर्व अध्यक्ष (2015-17) आरएस विश्वकर्मा का कहना है कि किसी भी लिखित परीक्षा या अंतिम चयन में इस तरह सीरीज में या बल्क में पास होना सामान्य रूप से संभव नहीं है। उनके अनुसार यह तभी हो सकता है जब कोई समझौता हुआ हो। उन्होंने असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती की जाँच की माँग की है।
क्यों उठ रहे हैं और सवाल
परीक्षा केंद्रों में रोल नंबर हमेशा क्रम में जारी होते हैं और टेबल पर भी इसी क्रम में लिखे होते हैं। रोल नंबर, अभ्यर्थियों की पूरी जानकारी यहाँ तक कि मोबाइल नंबर भी PSC के पास होता है। आशंका जताई जा रही है कि परीक्षा से पहले कुछ अभ्यर्थियों से संपर्क कर पेपर या सवालों की जानकारी दी गई हो, जिससे यह सीरीज पैटर्न बना हो।
CBI का सीमित दायरा
मुख्य परीक्षा 2021 में जाँच के आदेश के दौरान कई शिकायतें EOW-ACB को भेजी गईं, लेकिन राज्य सरकार ने केंद्र को केवल मुख्य परीक्षा 2021 की CBI जाँच की सिफारिश की थी। CBI के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार एजेंसी केवल उसी परीक्षा की जाँच कर सकती है जिसके लिए आदेश मिला है। अन्य परीक्षाओं की गड़बड़ी में हस्तक्षेप
उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता।
टामन सोनवानी के कार्यकाल में हुई अन्य भर्तियाँ
टामन सिंह सोनवानी का कार्यकाल 2 जून 2020 से 8 सितंबर 2023 तक रहा। इस दौरान राज्य सेवा परीक्षा 2020 (143 पद), असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती (1384 पद), वन सेवा परीक्षा (178 पद), सहायक संचालक कृषि (25 पद) और सिविल जज (32 पद) जैसी कई भर्तियाँ हुईं। 2021 और 2022 में भी कई और भर्तियाँ इसी कार्यकाल में संपन्न हुईं।
FAQ
- CGPSC असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में सीरीज सिलेक्शन क्या है?
उ. सीरीज सिलेक्शन यानी क्लस्टर इफेक्ट — इसका मतलब है लगातार या नजदीकी रोल नंबर वाले अभ्यर्थियों का बड़ी संख्या में एक साथ चयन हो जाना। डेटा एनालिसिस में कई विषयों में यह पैटर्न मिला है जैसे वाणिज्य में 26 में से 24 लगातार रोल नंबर पास हुए। - CGPSC असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती किसके कार्यकाल में हुई थी और इस पर सवाल क्यों उठ रहे हैं?
उ. यह भर्ती पूर्व PSC अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी के कार्यकाल में हुई थी। इन्हीं के कार्यकाल में PSC 2021 मुख्य परीक्षा का पेपर लीक भी हुआ था जिसकी CBI जाँच चल रही है। इसी समानांतर दौर में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती भी हुई थी, इसलिए सवाल उठ रहे हैं। - CGPSC असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती भर्ती की जाँच हो रही है?
उ. अभी तक इस भर्ती की कोई आधिकारिक जाँच घोषित नहीं हुई है। मुख्यमंत्री को लिखित शिकायत हो चुकी है। PSC सचिव ने कहा है कि शिकायत पर क्या कार्रवाई हुई, यह जाँचकर बताया जाएगा। पूर्व PSC अध्यक्ष ने जाँच की माँग की है।
ये खबरें भी पढ़ें...
UPSC ने AI से पकड़े 569 संदिग्ध आवेदन, CGPSC और व्यापम पर उठे सवाल
बिलासपुर में प्रदेश का पहला डिजिटल नालंदा परिसर, CGPSC से NEET तक तैयारी होगी आसान
CGPSC भर्ती घोटाला : अब तक हुई 100 से अधिक भर्ती की होगी जांच
CGPSC और D.El.Ed परीक्षा एक ही दिन! हाई कोर्ट ने दखल देने से किया इंकार