CGPSC Scam : पूर्व CM के OSD का नाम बताकर ठगे 3 करोड़, ED का बड़ा खुलासा

Umeshwari Baghel | Sept 14, 2026, 18:51 IST
सीजीपीएससी घोटाले में ईडी का दावा
CGPSC घोटाले में ED की जांच तेज हो गई है। एजेंसी का दावा है कि चयन का भरोसा देकर अभ्यर्थियों से 3 करोड़ रुपए से ज्यादा जुटाए गए। पूर्व OSD चेतन बोरघरिया के खाते में 66.64 लाख रुपए के लेनदेन की जांच जारी है।

समझें क्या है पूरा मामला

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती परीक्षा घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। जांच एजेंसी ने दावा किया है कि कुछ लोगों ने अभ्यर्थियों को चयन की गारंटी देने का भरोसा देकर करोड़ों रुपये जुटाए। इस मामले में बलरामपुर-रामानुजगंज के तत्कालीन अपर कलेक्टर चेतन बोरघरिया की भूमिका की जांच की जा रही है।



अभ्यर्थियों से जुटाई गई करोड़ों की रकम

ED के अनुसार CGPSC राज्य सेवा परीक्षा 2021 में चयन कराने के नाम पर अभ्यर्थियों से 3 करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम ली गई। जांच में उत्कर्ष चंद्राकर, अनिल चंद्राकर और डॉ. विकास चंद्राकर के नाम सामने आए हैं। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि यह रकम किन लोगों तक पहुंची और इसका इस्तेमाल कहां किया गया।



चेतन बोरघरिया के खाते में 66 लाख से ज्यादा जमा

ED की जांच में चेतन बोरघरिया के बैंक खाते में हुए लेनदेन को अहम माना जा रहा है। एजेंसी के मुताबिक उनके खाते में 170 अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए 66.64 लाख रुपए नकद जमा हुए। जांच में चेतन और उत्कर्ष चंद्राकर के बीच आर्थिक लेनदेन की जानकारी भी सामने आई है।



OSD पद के नाम का इस्तेमाल करने का आरोप

जांच एजेंसी का कहना है कि अभ्यर्थियों को भरोसा दिलाने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यालय में OSD रहे चेतन बोरघरिया के नाम और पद का कथित इस्तेमाल किया गया। अभ्यर्थियों को बताया गया कि परीक्षा में मदद कर उनका चयन कराया जा सकता है।



पेपर लीक और चयन कराने का बनाया गया नेटवर्क

ED के मुताबिक मामला केवल पैसों के लेनदेन तक सीमित नहीं था। जांच में दावा किया गया है कि अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने की कोशिश की गई। कुछ अभ्यर्थियों को रायपुर के एक मैरिज पैलेस में बुलाकर कथित रूप से पेपर दिखाने की बात सामने आई है।



रिसोर्ट में रखकर कराई गई तैयारी

जांच में यह भी सामने आया कि कुछ अभ्यर्थियों को बारनवापारा अभयारण्य क्षेत्र के रिसोर्ट में ठहराया गया था। ED का दावा है कि वहां मुख्य परीक्षा से जुड़े कथित लीक प्रश्नपत्र के आधार पर तैयारी कराई गई।



मोबाइल और डिजिटल सबूतों से जांच आगे बढ़ी

ED ने पहले चेतन बोरघरिया के ठिकानों पर तलाशी ली थी। इस दौरान मोबाइल फोन और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए। एजेंसी का कहना है कि डिजिटल जांच में चेतन और उत्कर्ष चंद्राकर के बीच बातचीत से वित्तीय लेनदेन से जुड़े संकेत मिले हैं।



फिगरकेव कंपनी के लेनदेन की भी जांच

जांच के दौरान फिगरकेव ई-कॉम कंपनी से जुड़े वित्तीय लेनदेन भी ED के रडार पर आए हैं। एजेंसी यह पता कर रही है कि क्या इस कंपनी का इस्तेमाल पैसों को इधर-उधर करने के लिए किया गया था।



ED जांच में बड़ा खुलासा


11 सितंबर को हुई थी चेतन की गिरफ्तारी

ED ने CGPSC मामले में चेतन बोरघरिया को 11 सितंबर को गिरफ्तार किया था। इसके बाद रायपुर की विशेष पीएमएलए अदालत ने उन्हें छह दिन की ED हिरासत में भेजा। एजेंसी अब मामले में पैसों के पूरे नेटवर्क और अन्य संभावित लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।



EOW-ACB केस के बाद ED ने शुरू की जांच

CGPSC परीक्षा 2020 और 2021 में कथित अनियमितताओं को लेकर रायपुर EOW-ACB में FIR दर्ज की गई थी। बाद में CBI ने भी मामले की जांच शुरू की। अब ED अपराध से जुड़ी कमाई और मनी ट्रेल की जांच कर रही है।



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