छत्तीसगढ़ में क्रिकेट की तर्ज पर हॉकी लीग, बस्तर के बाद होगा सरगुजा ओलंपिक

Arun Tiwari | Aug 05, 2026, 09:40 IST
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छत्तीसगढ़ में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए 157 करोड़ रुपए की मंजूरी मिली है। राज्य में पहली बार हॉकी लीग और बस्तर के बाद सरगुजा ओलंपिक का आयोजन किया जाएगा।

RAIPUR : छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में खेल संस्कृति को नई दिशा देने की तैयारी में है। इसी कड़ी में पहली बार प्रदेश स्तर पर हॉकी लीग आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल अधोसंरचना उपलब्ध कराने के लिए करीब 157 करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाओं को मंजूरी दी गई है। सरकार का उद्देश्य प्रदेश के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन के लिए तैयार करना है।



खेल की नई उड़ान:

नई योजनाओं के तहत खेल सुविधाओं के विस्तार के साथ खिलाड़ियों के प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया जाएगा। राज्य के विभिन्न जिलों में आधुनिक खेल मैदान, इंडोर स्टेडियम, प्रशिक्षण केंद्र और आवश्यक खेल उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। सरकार का मानना है कि बेहतर सुविधाएं मिलने से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं को आगे आने का अवसर मिलेगा।



पहली बार हॉकी लीग:

प्रदेश में पहली बार आयोजित होने वाली हॉकी लीग को खेल जगत के लिए बड़ी पहल माना जा रहा है। इससे हॉकी खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धी मंच मिलेगा और नई प्रतिभाओं की पहचान भी आसान होगी। लीग के माध्यम से खिलाड़ियों को नियमित प्रतियोगिताओं का अनुभव मिलेगा, जिससे उनका प्रदर्शन और आत्मविश्वास दोनों बढ़ेंगे। भविष्य में इसे और बड़े स्तर पर आयोजित करने की भी योजना है।



खिलाड़ियों को खास ट्रेनिंग:

खेल विभाग खिलाड़ियों के लिए वैज्ञानिक प्रशिक्षण व्यवस्था विकसित करने पर भी काम करेगा। प्रशिक्षकों की उपलब्धता बढ़ाने, आधुनिक तकनीक के उपयोग और खेल विज्ञान पर आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने की तैयारी है। इससे खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा सकेगा।



स्पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास:

सरकार खेल अधोसंरचना के विकास को भी प्राथमिकता दे रही है। विभिन्न जिलों में नए स्टेडियम, एथलेटिक ट्रैक, हॉकी मैदान, इंडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और अन्य खेल सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा। जिन स्थानों पर पहले से खेल परिसर मौजूद हैं, वहां उनका उन्नयन कर आधुनिक सुविधाएं जोड़ी जाएंगी, ताकि खिलाड़ी बेहतर माहौल में अभ्यास कर सकें।



नई प्रतिभा खोज:

नई योजनाओं का लाभ केवल पेशेवर खिलाड़ियों तक सीमित नहीं रहेगा। स्कूल और कॉलेज स्तर पर भी खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए विशेष कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। युवा खिलाड़ियों की प्रतिभा खोजने, उन्हें प्रशिक्षण देने और प्रतियोगिताओं में भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए अलग-अलग स्तर पर पहल की जाएगी।



इससे खेलों के प्रति युवाओं की रुचि बढ़ेगी और प्रदेश को भविष्य के उत्कृष्ट खिलाड़ी मिल सकेंगे। सरकार का मानना है कि खेल केवल प्रतियोगिता का माध्यम नहीं, बल्कि युवाओं के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण साधन भी हैं। इसलिए खेल सुविधाओं के विस्तार के साथ प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रोत्साहन, बेहतर प्रशिक्षण और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने पर लगातार निवेश किया जा रहा है। नई योजनाओं के लागू होने से प्रदेश का खेल वातावरण और अधिक सशक्त होगा।



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