टीम इंडिया की जीत में छत्तीसगढ़ की बेटी का योगदान: जानिए कौन हैं टीम की फिजियो एक्सपर्ट आकांक्षा सत्यवंशी

Harrison Masih | Nov 04, 2025, 18:12 IST
chhattisgarh-akanksha-satyavanshi-womens-cricket-world-cup-2025 the sootr
जहां एक सपना टूटा, वहीं से शुरू हुई नई उड़ान... दो बार मेडिकल में असफल होने के बाद आकांक्षा सत्यवंशी ने हार नहीं मानी। उसी जज़्बे ने उन्हें वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम का अहम हिस्सा बना दिया।

Raipur. भारत की विमेंस क्रिकेट टीम ने वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास रच दिया है। इस गौरवशाली पल के पीछे छत्तीसगढ़ की बेटी आकांक्षा सत्यवंशी का भी अहम योगदान रहा है, जिन्होंने बतौर फिजियो एक्सपर्ट और मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव खिलाड़ियों को फिट और आत्मविश्वासी बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी मेहनत, समर्पण और संघर्ष की कहानी हर उस युवा के लिए प्रेरणा है, जो हार के बाद भी आगे बढ़ने का हौसला रखता है।



आकांक्षा का संघर्ष: असफलता से सफलता तक का सफर

आकांक्षा की कहानी तब शुरू हुई, जब उनका डॉक्टर बनने का सपना टूट गया। दो बार मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम में असफल होने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और नया रास्ता चुना- फिजियोथैरेपी। शुरुआत में यह निर्णय मजबूरी जैसा था, लेकिन जल्द ही आकांक्षा ने इसे अपनी पहचान बना लिया। उनके भाई अभिनव सत्यवंशी ने उन्हें प्रेरित करते हुए कहा- “BCCI में भी टीम इंडिया के साथ फिजियोथैरेपिस्ट होता है, और तुझे वहीं पहुंचना है।” यही बात आकांक्षा के जीवन का टर्निंग पॉइंट बन गई।



क्रिकेट वर्ल्ड कप तक पहुंचने की कहानी

फिजियोथैरेपी में ग्रेजुएशन पूरी करने के बाद आकांक्षा ने अपने करियर की शुरुआत छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट टीम (CSCS) के साथ की। उनके काम से प्रभावित होकर उन्हें नेशनल क्रिकेट एकेडमी (NCA) बुलाया गया, जहां उन्होंने सीनियर महिला टीम के साथ काम किया। इसके बाद आकांक्षा को टीम इंडिया के मुख्य फिजियो एक्सपर्ट पैनल में शामिल किया गया। 2023 में अंडर-19 विमेंस टीम के साथ वर्ल्ड कप जीतने के बाद, इस बार सीनियर विमेंस टीम की ऐतिहासिक जीत में भी उनका योगदान रहा।



ये खबर भी पढ़ें... भारत की बेटियों ने ICC विमेंस वर्ल्ड कप 2025 जीत रचा इतिहास, देखिए फाइनल में टूटे रिकॉर्ड्स की पूरी लिस्ट



ये खबर भी पढ़ें... जेमिमा के शतक से भारत ने रचा इतिहास, ऑस्ट्रेलिया को हराकर पहुंचा फाइनल में



सीएम ने दी बधाई

मैदान के बाहर भी निभाई अहम भूमिका

आकांक्षा का काम सिर्फ खिलाड़ियों की फिजिकल फिटनेस तक सीमित नहीं था। टीम मैनेजमेंट के अनुसार, उन्होंने वर्ल्ड कप के दौरान मेंटल हेल्थ पर भी विशेष ध्यान दिया। मैच का प्रेशर बढ़ने पर वह खिलाड़ियों को संभालतीं, मोटिवेट करतीं और उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाती थीं। टीम के एक सदस्य ने कहा- “जब खिलाड़ी चोट से उबरकर मैदान में लौटते हैं, तो उसके पीछे आकांक्षा जैसी फिजियो एक्सपर्ट की महीनों की मेहनत होती है।”



घर में जश्न का माहौल, परिवार का गर्व

फाइनल मैच के बाद टीम इंडिया के साथ आकांक्षा ने भी जश्न मनाया। उन्होंने वीडियो कॉल पर अपने परिवार को स्टेडियम और मेडल दिखाया, जिससे पूरा परिवार खुशी से झूम उठा। यह पहली बार है जब छत्तीसगढ़ की किसी बेटी ने वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय महिला टीम के सपोर्ट स्टाफ में जगह बनाई है।



ये खबर भी पढ़ें... जानिए कौन हैं ODI क्रिकेट में इतिहास रचने वाली जेमिमा रोड्रिग्स, जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया के 8वें वर्ल्ड कप सपने को तोड़ा?



ये खबर भी पढ़ें... महिला वर्ल्ड कप क्रिकेट 2025 में विजेता टीम का 239% बढ़ा इनाम, सुनकर हैरान हो जाएंगे आप



फिल्म जगत से भी जुड़ा नाम

आकांक्षा ने सिर्फ खेल जगत में नहीं, बल्कि बॉलीवुड में भी अपनी पहचान बनाई। उन्होंने एक्ट्रेस तापसी पन्नू को फिल्म ‘शाबाश मिथू’ की शूटिंग के दौरान ट्रेनिंग दी थी। इस फिल्म में तापसी को क्रिकेटर मिथाली राज का किरदार निभाना था, और इसके लिए उन्हें असली क्रिकेटर्स जैसी फिजिकल ट्रेनिंग आकांक्षा ने ही दी थी।







Tags:
  • भारतीय महिला क्रिकेट टीम
  • ICC विमेंस वर्ल्ड कप
  • महिला वर्ल्ड कप क्रिकेट 2025
  • आकांक्षा सत्यवंशी