छत्तीसगढ़ के बलरामपुर के जिस रकबे में अफीम की खेती, गिरदावरी रिपोर्ट में उसे बताया गया अन्य अनाज

Arun Tiwari | Mar 11, 2026, 23:38 IST
Photograph: (the sootr)
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर में अफीम की खेती पर सियासी घमासान। सरकारी गिरदावरी रिपोर्ट में अफीम को 'अन्य अनाज' बताने पर भूपेश बघेल ने सरकार को घेरा।

News in Short

  • छत्तीसगढ़ के बलरामपुर में अफीम को 'अन्य अनाज' के रूप में दर्ज किया गया।
  • पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गिरदावरी रिपोर्ट ट्विटर पर पोस्ट की है।
  • अफीम की खेती पहले दुर्ग, फिर बलरामपुर और अब करौंधा में मिली है।
  • गिरदावरी रिपोर्ट सरकार की खरीदी नीति के लिए फसल रिकॉर्ड तैयार करती है।
  • सियासी विवाद बढ़ा, भाजपा और कांग्रेस के बीच अफीम मुद्दे पर बयानबाजी जारी है।

News in Detail

RAIPUR. छत्तीसगढ़ में अफीम को अन्य अनाज माना जाता है। यह सरकारी रिपोर्ट कह रही है। गिरदावरी रिपोर्ट में बलरामपुर के जिस रकबे में अफीम की फसल उसे अन्य अनाज लिखा गया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने एक्स अकाउंट पर गिरदावरी रिपोर्ट पोस्ट की है।



अफीम बनी अनाज:

छत्तीसगढ़ में इन दिनों सियासत में अफीम खूब चाटी जा रही है। पहले दुर्ग में अफीम की खेती मिल गई। इसके बाद बलरामपुर में अफीम की फसल मिल गई। छत्तीसगढ़ में अफीम को अब अनाज मान लिया गया। सरकार की गिरदावरी रिपोर्ट तो कुछ यही कहती है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बलरामपुर के उस खेत की रिपोर्ट अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट की है। इस गिरदावरी रिपोर्ट में जिस रकबे में अफीम की फसल थी उसे अन्य अनाज लिखा हुआ था।



भूपेश बघेल ने कहा कि 'अफ़ीम' अब 'अन्य अनाज' है. ऐसा कहना है भाजपा की विष्णु देव साय सरकार का.


ये बलरामपुर के उस भू-खंड की गिरदावरी रिपोर्ट है, जहां भाजपा नेता की निगरानी में कल अफ़ीम की खेती पकड़ी गई है. इस रिपोर्ट में बताया गया है कि इस भू-खंड में 'अन्य अनाज' बोया गया है.


अफ़ीम' को 'अन्य अनाज' बताने का श्रेय कौन लेगा- "मोदी की गारंटी" या "विष्णु का सुशासन" या फिर दोनों?



क्या होती है गिरदावरी रिपोर्ट:

गिरदावरी रिपोर्ट में सरकार खेतों के भौतिक अध्ययन कर फसलों का रिकॉर्ड तैयार करवाती है। इससे पता चलता है कि प्रदेश में कितने रकबे में कौन कौन सी फसल बोई गई है। इसी आधार पर सरकार अपनी खरीदी नीति तैयार करती है।



एक जगह और मिली अफीम:

पहले दुर्ग फिर बलरामपुर और अब एक जगह और अफीम की खेती मिली है। भूपेश बघेल का कहना है कि बलरामपुर ज़िले के करौंधा के पास खजुरी पंचायत में डेढ़ एकड़ में अफ़ीम की खेती मिली है। यह तीसरा मामला है।



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