बंगाल चुनाव में छत्तीसगढ़ का डिजिटल हथियार ; पखांजूर के बंगाली युवाओं से भाजपा की बड़ी काउंटर स्ट्रेटेजी
NEWS IN SHORT
- पखांजूर में बंगाली समुदाय भाजपा के डिजिटल अभियान का हिस्सा।
- टीएमसी के बयान पर भाजपा का कड़ा काउंटर अभियान।
- छत्तीसगढ़ में मछली पालन योजनाओं का प्रचार।
- सोशल मीडिया पर भाजपा के 27 लाख फॉलोवर्स, टीएमसी के 24 लाख।
- पखांजूर में महिला और युवा बन रहे डिजिटल वॉरियर्स।
NEWS IN DETAIL
बंगाल के चुनावी मैदान में अब छत्तीसगढ़ का भी बड़ा योगदान देखने को मिल रहा है। पखांजूर, जो कि कांकेर जिले का एक छोटा सा कस्बा है, अब भाजपा का डिजिटल कैंपेन हेडक्वार्टर बन चुका है। यहां के बंगाली समुदाय के युवा न केवल अपनी लोकल भाषा में वीडियो बना रहे हैं, बल्कि वे सीधे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयानों का कड़ा जवाब भी दे रहे हैं।
कैसे पखांजूर बना डिजिटल सेंटर
छत्तीसगढ़ के पखांजूर में बसे बंगाली समुदाय के लोग अब भाजपा की डिजिटल टीम का हिस्सा बन चुके हैं। ये लोग ममता बनर्जी के बयान जैसे "भाजपा के आने के बाद बंगाल में मछली बंद हो जाएगी" का काउंटर तैयार कर रहे हैं। यहां हर दिन नए वीडियो तैयार किए जाते हैं, जो बंगाल में भाजपा के प्रचार को और प्रभावी बनाते हैं।
टीएमसी के बयान पर भाजपा का काउंटर
टीएमसी के तरफ से भाजपा पर कई आरोप लगाए गए थे, जैसे बंगाल में महिलाओं को 3 हजार रुपये महीना देने का वादा झूठा है। पर पखांजूर के युवाओं ने इसका जवाब दिया। यहां के महिलाओं ने बताया कि छत्तीसगढ़ में भाजपा के तहत मछली पालन पर कई योजनाएं चल रही हैं और यहां मछली का कारोबार बंद नहीं हुआ। इसके अलावा, भाजपा का वादा किया था कि महिलाओं को एक हजार रुपये मिलेंगे, और वह पूरा हुआ। इस तरह से छत्तीसगढ़ में भाजपा के कार्यों को बंगाली में बताने का काम पखांजूर के लोग कर रहे हैं।
किस तरह चल रहा सोशल मीडिया का युद्ध
पखांजूर के इस डिजिटल वॉरियर कैंपेन के पीछे छत्तीसगढ़ भाजपा के संगठन महामंत्री पवन साय और गृह मंत्री विजय शर्मा की रणनीति काम कर रही है। इन दोनों के नेतृत्व में 56 विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, राष्ट्रीय संयोजक अमित मालवीय और छत्तीसगढ़ के सोशल मीडिया संयोजक मितुल कोठारी भी इस डिजिटल युद्ध में शामिल हैं। भाजपा के सोशल मीडिया पेज पर 27 लाख फॉलोवर्स हैं, जबकि टीएमसी के पेज पर 24 लाख फॉलोवर्स हैं।
बंगाल चुनावी रण में छत्तीसगढ़ का बढ़ता प्रभाव
इन वीडियो और सोशल मीडिया अभियानों के जरिए भाजपा बंगाल में टीएमसी के नैरेटिव को पलटने की पूरी कोशिश कर रही है। अब पखांजूर का यह छोटा सा कस्बा एक बड़ा डिजिटल युद्ध स्थल बन चुका है, जो छत्तीसगढ़ के डिजिटल अभियान का प्रतीक बन चुका है।
निष्कर्ष
पश्चिम बंगाल चुनाव में ममता बनर्जी को भाजपा के इस डिजिटल काउंटर का सामना करना पड़ रहा है, और पखांजूर का यह प्रयास भाजपा की रणनीति का एक अहम हिस्सा बन चुका है।
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