सरकार ने जारी की नई किराया दरें, साधारण से लेकर एसी और स्लीपर बसों तक यात्रियों की जेब पर पड़ेगा असर

VINAY VERMA | Oct 13, 2026, 22:49 IST
यात्रियों को महंगाई का झटका
रायपुर। छत्तीसगढ़ में बस से सफर करने वालों को महंगाई का झटका लगा है। राज्य सरकार ने बसों के किराये की नई दरें तय कर दी हैं। परिवहन विभाग ने 12 अक्टूबर 2026 को इसकी अधिसूचना जारी की है। नई दरों में साधारण, डीलक्स, एसी और स्लीपर बसों का किराया तय किया गया है।

अब बस में सफर करने वालों को अपनी जेब के हिसाब से खर्च का हिसाब लगाना होगा। हालांकि, अधिसूचना में किराये की नई दरें दी गई हैं, लेकिन इससे पहले के किराये से कितनी बढ़ोतरी हुई है, यह जानने के लिए पुरानी दरों से तुलना जरूरी है।



साधारण बस का किराया भी तय

नई दरों के मुताबिक, साधारण बस में पहले 5 किलोमीटर का किराया 10 रुपए होगा। इसके बाद हर किलोमीटर के लिए 1.75 रुपए देने होंगे। यानी दूरी बढ़ने के साथ यात्रियों का खर्च भी बढ़ेगा। साधारण रात्रिकालीन बस सेवा में सामान्य किराये से 10 प्रतिशत ज्यादा वसूला जाएगा। रात में लंबी दूरी तय करने वाले यात्रियों को इसका ध्यान रखना होगा।




डीलक्स बस में अलग दरें

डीलक्स बस में शुरुआती 5 किलोमीटर का किराया 12 रुपए तय किया गया है। इसके बाद हर किलोमीटर पर 2.20 रुपए लगेंगे। डीलक्स नॉन-एसी स्लीपर और सेमी-स्लीपर बसों में भी यही दर लागू होगी। वहीं, एसी डीलक्स स्लीपर और सेमी-स्लीपर में शुरुआती 5 किलोमीटर के लिए 12 रुपए और उसके बाद हर किलोमीटर के लिए 3.20 रुपए देने होंगे।



एसी और स्लीपर का हिसाब

वोल्वो, स्केनिया और मर्सिडीज जैसी सुपर लग्जरी एसी बसों में शुरुआती 5 किलोमीटर का किराया 12 रुपए होगा। इसके बाद प्रति किलोमीटर 3.30 रुपए लगेंगे। एसी स्लीपर और सेमी-स्लीपर सेवाओं में भी अलग-अलग श्रेणियों के हिसाब से दरें तय की गई हैं। एसी सेमी-स्लीपर की सीट के लिए 3 रुपए प्रति किलोमीटर और स्लीपर बर्थ के लिए 3.30 रुपए प्रति किलोमीटर का प्रावधान है।




रात की बसों के लिए शर्तें

अधिसूचना में रात्रिकालीन बस सेवा की परिभाषा भी तय की गई है। सूर्यास्त से सूर्योदय के बीच चलने वाली और एक तरफ 200 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तय करने वाली बसें इस श्रेणी में आएंगी। रात में चलने, एसी, स्लीपर या सेमी-स्लीपर सेवा का उल्लेख बस की आरसी और परमिट में दर्ज होना जरूरी होगा।



इन यात्रियों को मुफ्त सफर

सरकार ने कुछ श्रेणियों के यात्रियों को किराये में राहत भी दी है। नेत्रहीन, मानसिक रूप से दिव्यांग, दोनों पैरों से चलने में असमर्थ दिव्यांग और 80 साल या उससे अधिक उम्र के बुजुर्गों को एक सहायक के साथ 100 प्रतिशत किराया छूट मिलेगी। एचआईवी/एड्स से पीड़ित पात्र व्यक्तियों को भी निर्धारित शर्तों के तहत यह सुविधा मिलेगी। कुछ श्रेणियों में फोटोयुक्त प्रमाण-पत्र जरूरी होगा।



नक्सल प्रभावितों को आधा किराया

नक्सल प्रभावितव्यक्तियों को राज्य के भीतर यात्रा के लिए 50 प्रतिशत किराया छूट मिलेगी। इसके लिए पुलिस अधीक्षक की अनुशंसा पर कलेक्टर द्वारा जारी प्रमाण-पत्र दिखाना होगा। किराये की गणना में 50 पैसे या उससे अधिक होने पर रकम अगले पूरे रुपए तक बढ़ाई जाएगी। 50 पैसे से कम राशि छोड़ दी जाएगी।




सवाल यही है कि यात्रियों की जेब पर कितना अतिरिक्त बोझ पड़ेगा? नई अधिसूचना में किराये की दरें तो तय कर दी गई हैं, लेकिन वास्तविक बढ़ोतरी का आकलन पुरानी दरों से तुलना के बाद ही हो सकेगा।



FAQ



  1. बस के किराए में कितनी बढ़ोतरी हुई है?
    नई अधिसूचना में बसों के किराए की दरें निर्धारित की गई हैं, लेकिन वास्तविक बढ़ोतरी के लिए पुरानी दरों की तुलना करना आवश्यक है।
  2. रात में बस यात्रा करने पर किराया में क्या अंतर है?
    साधारण रात्रिकालीन बस सेवा में सामान्य किराये से 10 प्रतिशत अधिक वसूला जाएगा।
  3. किसे बस किराए में राहत मिलेगी?
    नेत्रहीन, मानसिक रूप से दिव्यांग, और 80 साल या उससे अधिक उम्र के बुजुर्गों को एक सहायक के साथ 100 प्रतिशत किराया छूट मिलेगी। नक्सल प्रभावित व्यक्तियों को राज्य के भीतर यात्रा के लिए 50 प्रतिशत किराया छूट मिलेगी।
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