भूपेश बघेल को हाईकोर्ट से झटका : चुनाव याचिका में नई मांग खारिज, अब 3 नवंबर को होगी सुनवाई
Umeshwari Baghel | Oct 13, 2026, 19:37 IST
हाईकोर्ट का बड़ा फैसला
Bhupesh Baghel Election Petition: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से जुड़े चुनावी विवाद में नया मोड़ आया है। हाईकोर्ट ने चुनाव याचिका में नए बिंदु जोड़ने की मांग वाला उनका आवेदन खारिज कर दिया है। यह मामला 2023 के पाटन विधानसभा चुनाव से जुड़ा है। बीजेपी नेता विजय बघेल ने चुनाव के दौरान नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए याचिका दाखिल की थी।
हाईकोर्ट में भूपेश बघेल को राहत नहीं
अब हाईकोर्ट ने अपना आदेश सुनाते हुए आवेदन स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। इस फैसले के बाद चुनाव याचिका पर आगे की सुनवाई का रास्ता साफ है। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 3 नवंबर 2026 की तारीख तय की है। हालांकि आवेदन खारिज होने का मतलब यह नहीं है कि चुनाव याचिका पर अंतिम फैसला आ गया है।
आखिर किस चुनाव को लेकर चल रहा विवाद?
चुनाव परिणाम आने के बाद विजय बघेल ने हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दाखिल की थी। उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया था। याचिका में भूपेश बघेल के निर्वाचन को चुनौती दी गई थी।
विजय बघेल का आरोप है कि मतदान से पहले लागू प्रचार प्रतिबंध के दौरान भी भूपेश बघेल ने निर्वाचन क्षेत्र में रैली निकाली थी। इसी आधार पर उन्होंने हाईकोर्ट से चुनाव रद्द करने की मांग की थी।
मतदान से पहले 48 घंटे का क्या है नियम?
इस दौरान सार्वजनिक चुनावी सभाओं और जुलूसों जैसी गतिविधियों पर रोक रहती है। इसका उद्देश्य मतदाताओं को बिना किसी अंतिम समय के प्रचार दबाव के अपना फैसला लेने का अवसर देना है।
विजय बघेल की चुनाव याचिका का मुख्य आरोप इसी अवधि में कथित चुनाव प्रचार से जुड़ा है। उनका दावा है कि भूपेश बघेल ने चुनाव प्रचार से संबंधित नियमों का पालन नहीं किया। हालांकि यह आरोप अभी न्यायिक जांच के दायरे में है। हाईकोर्ट ने इस आधार पर भूपेश बघेल के निर्वाचन को अवैध घोषित नहीं किया है।
भूपेश बघेल ने याचिका पर क्या आपत्ति जताई?
दरअसल, चुनाव संबंधी याचिकाएं दाखिल करने के लिए कानून में समय सीमा तय है। जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के तहत सामान्य तौर पर चुनाव परिणाम घोषित होने से 45 दिनों के भीतर चुनाव याचिका दाखिल करनी होती है।
भूपेश बघेल की ओर से इसी समय सीमा को लेकर सवाल उठाए गए थे। इस आपत्ति के कारण मामले की सुनवाई के दौरान विजय बघेल की गवाही की प्रक्रिया भी प्रभावित हुई थी। इसके बाद मामला केवल हाईकोर्ट तक सीमित नहीं रहा। कानूनी विवाद सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया।
सुप्रीम कोर्ट तक क्यों पहुंचा मामला?
इसी बीच भूपेश बघेल की ओर से याचिका में नए बिंदु जोड़ने के लिए आवेदन पेश किया गया था। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने इस आवेदन पर फैसला सुरक्षित रखा था। अब आवेदन खारिज कर दिया गया है। हालांकि उपलब्ध रिपोर्ट में उन नए बिंदुओं का पूरा विवरण नहीं दिया गया है जिन्हें शामिल करने की मांग की गई थी।
आवेदन खारिज होने से क्या फर्क पड़ेगा?
यह भी समझना जरूरी है कि किसी आवेदन का खारिज होना और चुनाव को अवैध घोषित करना दो अलग-अलग बातें हैं। फिलहाल अदालत ने केवल आवेदन पर आदेश दिया है। मूल चुनाव याचिका का अंतिम निपटारा बाकी है।
अब 3 नवंबर की सुनवाई पर नजर
अब इस मामले में अगली सुनवाई 3 नवंबर 2026 को होगी। उस दिन अदालत में आगे की प्रक्रिया और संबंधित पक्षों की दलीलों पर नजर रहेगी। सबसे बड़ा सवाल यही है कि विजय बघेल की चुनाव याचिका में लगाए गए आरोपों पर आगे क्या कार्रवाई होगी। क्या अदालत में गवाही की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी या पहले अन्य कानूनी मुद्दों का निपटारा होगा?
फिलहाल इतना साफ है कि भूपेश बघेल को अपने आवेदन पर हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है। चुनाव याचिका पर अंतिम फैसला आने तक कानूनी लड़ाई जारी रहेगी।
पुराने शिक्षाकर्मियों की टीईटी छूट पर हाईकोर्ट का निर्देश, 60 दिन में फैसला लेगी सरकार; प्रमोशन पर टिकी नजरें
By Neel Tiwari
राजस्थान में मरीजों की सेहत से खिलवाड़? जांच में फेल 131 बैच की दवाएं इस्तेमाल, रोकने वाली व्यवस्था पर सवाल
By Raghvendra Singh Rathore
भर्ती की उम्र पर बड़ा फैसला, 7 समूहों के भर्ती नियम बदले, कहीं 18 तो कहीं 21 साल में मिलेगा आवेदन का मौका, GAD का आदेश लागू
By VINAY VERMA
राजस्थान में DAP संकट पर रामपाल जाट का आरोप, 58 हजार टन खाद की कमी का दावा, किसानों को 500 रुपए में मिल रहा यूरिया
By Raghvendra Singh Rathore
MP High Court News: जेके सीमेंट फैक्ट्री पर अवैध खनन का आरोप, हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब
By Anshika Singh Chauhan
हाईकोर्ट ने 11 साल बाद सूचना सहायकों को दी राहत, नौकरी से हटाने का आदेश रद्द; बकाया वेतन भी मिलेगा
By Mukesh Sharma
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल: 162 कर्मचारियों के विभाग बदले, मुख्यमंत्री सचिवालय से लेकर गृह और वित्त विभाग तक नई पदस्थापना, GAD ने जारी किए तीन आदेश
By VINAY VERMA