छत्तीसगढ़ में सीमेंट हुआ महंगा; कंपनियों की मनमानी रातों-रात 30 रुपए महंगी हुई प्रति बोरी, अब घर बनाना होगा और महंगा
NEWS IN SHORT
- कंपनियों की मनमानी सीमेंट के दामों में फिर से 30 रुपए की बढ़ोतरी हुई हैं
- सीमेंट के दाम चिल्हर और थोक में बढ़े हैं इससे सरकारी कामों पर असर पड़ेगा
- सीमेंट कंपनियों की मनमानी सरकार के विरोध का कोई असर नहीं
- सीमेंट के दाम बढ़ने से छत्तीसगढ़ के ठेकेदारों को झटका लगा हैं
- अल्ट्राटेक, एसीसी और जेके लक्ष्मी के सीमेंट दामों में भारी बढ़ोतरी हुई हैं
NEWS IN DETAIL
Raipur। छत्तीसगढ़ में (cement price hike)सीमेंट कंपनियों ने एक बार फिर से अपनी मनमर्जी दिखाते हुए सीमेंट के दाम में 30 रुपए की बढ़ोतरी कर दी है। यह बढ़ोतरी कल से लागू हो गई है, और इसके साथ ही सरकारी कामों के लिए इस्तेमाल होने वाले नॉन ट्रेड सीमेंट के दाम भी बढ़ गए हैं।
अब सीमेंट के दाम चिल्हर में 300 से 350 रुपए प्रति बोरी तक पहुंच गए हैं, जबकि थोक में दाम 260 से 340 रुपए हो गए हैं। सबसे महंगा नॉन ट्रेड सीमेंट जो पहले 310 रुपए था, अब 340 रुपए में बिक रहा है।
अभी 30 रुपए की बढ़ोतरी की गई है, लेकिन भविष्य में इसके दाम में और 20 से 30 रुपए की वृद्धि की संभावना है। सीमेंट कंपनियों की इस तरह दाम बढ़ाने की मनमानी सालों से जारी है। खासतौर से मानसून के दौरान जब डिमांड कम होती है, तब भी ये कंपनियां दाम बढ़ा देती हैं।
विरोध और सरकारी कदम
रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल भी सीमेंट दामों की बढ़ोतरी के खिलाफ आवाज उठा चुके हैं। इसके अलावा, पिछले साल प्रदेश सरकार ने भी इन कंपनियों की बैठक आयोजित की थी
और सीमेंट दाम बढ़ाने से पहले सरकार को सूचित करने की बात कही थी। बावजूद इसके, कंपनियां सरकारी फरमान को नकारते हुए दाम बढ़ाते जा रही हैं। बैठक के बाद भी कई बार दाम बढ़ाए जा चुके हैं, और अब फिर से यही स्थिति देखने को मिल रही है।
छत्तीसगढ़ सीमेंट रेट : कंपनियों के नए दाम
इस बढ़ोतरी के बाद, सीमेंट कंपनियों के दाम इस प्रकार हो गए हैं
अल्ट्राटेक सीमेंट 60 बोरी का दाम 270 से बढ़कर 300 रुपए हो गया है।
एसीसी सीमेंट का दाम 250 से बढ़कर 280 रुपए हो गया है।
जेके लक्ष्मी सीमेंट 230 से बढ़कर 260 रुपए हो गया है।
नोवोको सीमेंट का दाम भी 230 से बढ़कर 260 रुपए हो गया है।
कारोबारियों का कहना है कि कंपनियों द्वारा दाम बढ़ाने के पीछे कोई ठोस कारण नहीं बताया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि यह दाम बढ़ोतरी सिर्फ अप्रैल महीने का टार्गेट पूरा करने के लिए की जा रही है।
नॉन ट्रेड सीमेंट का दाम अन्य राज्यों से अधिक
छत्तीसगढ़ के सरकारी ठेकेदारों का कहना है कि राज्य की सीमेंट कंपनियों से जो नॉन ट्रेड सीमेंट दूसरे राज्यों में भेजा जाता है, वह वहां के ठेकेदारों को छत्तीसगढ़ के दाम से 40 रुपए कम में मिल जाता है।
इसका मतलब है कि सरकार की नीतियां और नियमों का पालन करते हुए अन्य राज्यों में सीमेंट सस्ते दामों में उपलब्ध है, जबकि छत्तीसगढ़ में इसकी कीमत ज्यादा है, जो सरकारी कामों को प्रभावित कर रहा है।
सरकारी कामों पर असर
बिल्डर एसोसिएशन ऑफ इंडिया छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष रूपेश सिंघल ने इस बढ़े दाम पर चिंता जताते हुए कहा कि इससे सरकारी कामों में भी समस्या आएगी।
पहले से ही अन्य निर्माण सामग्री के दामों में वृद्धि हो चुकी है, और अब सीमेंट की कीमतों में वृद्धि ने सरकारी निर्माण कार्यों को और भी महंगा बना दिया है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस वृद्धि के पीछे कोई स्पष्ट कारण नहीं है, और सीमेंट कंपनियों को इस बढ़ोतरी के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
निष्कर्ष
सीमेंट कंपनियों के दामों में बढ़ोतरी से राज्य सरकार की चिंताएं बढ़ गई हैं। हालांकि, सरकार ने पहले भी इन कंपनियों से दाम बढ़ाने से पहले सूचित करने की बात की थी
लेकिन कंपनियां इसके बावजूद मनमानी कर रही हैं। इस बढ़ोतरी से ना केवल सरकारी कामों को नुकसान हो रहा है, बल्कि आम आदमी पर भी इसका असर पड़ रहा है।
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