DGP-IG कॉन्फ्रेंस का अंतिम दिन: आंतरिक सुरक्षा पर रणनीति तैयार, चुना जाएगा मॉडल स्टेट, PM मोदी करेंगे CM-मंत्रियों से मुलाकात
RAIPUR. राजधानी रायपुर में आयोजित 60वें DGP-IG कॉन्फ्रेंस का आज तीसरा और अंतिम दिन है। यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण सम्मेलन माना जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आला पुलिस अधिकारियों के साथ ब्रेकफास्ट पर जरूरी चर्चा करेंगे। इसके बाद मुख्य बैठकों का सिलसिला फिर से शुरू हो जाएगा।
पहले सत्र में कुछ राज्यों को अपनी पुलिसिंग की प्रैक्टिस प्रेजेंटेशन देने का अवसर मिलेगा। साथ ही, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग को पुलिसिंग में कैसे बढ़ाया जाए, इस विषय पर चर्चा होगी। यह एक बड़ा कदम है जो टेक्नोलॉजी को सुरक्षा से जोड़ता है।
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सुरक्षा एजेंसियों की जरूरतें और 'मॉडल स्टेट' का चुनाव
दूसरे सत्र का मुख्य फोकस सुरक्षा गाइडलाइन को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया पर रहेगा। राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से यह सत्र सबसे महत्वपूर्ण है। सुरक्षा एजेंसियों की वास्तविक ज़रूरतों, राज्यों से मिले इनपुट पर अंतिम गाइडलाइन का एक ड्राफ्ट तैयार किया जाएगा। इसी सत्र में देश के सामने मौजूद जियो-पॉलिटिकल चैलेंज पर भी व्यापक चर्चा होगी।
इस कॉन्फ्रेंस में एक ‘मॉडल स्टेट (Model State)’ को भी चुना जाएगा। मॉडल स्टेट की पुलिसिंग को पूरे देश में लागू करने की तैयारी की जाएगी। यह पहल देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने में मदद करेगी।
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PM मोदी और सीएम साय की होगी मुलाकात
सभी सत्रों के समाप्त होने और गाइडलाइन को अंतिम रूप मिलने के बाद कॉन्फ्रेंस समापन की प्रक्रिया शुरू होगी। समापन के तुरंत बाद, प्रधानमंत्री मोदी से छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुलाकात करेंगे। इस दौरान उनके मंत्रिमंडल के सदस्य और संगठन के नेता भी मौजूद रहेंगे। इस मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री वापस दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे।
दूसरे दिन 13 घंटे तक मैराथन बैठक
रायपुर में DGP-IG कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन शनिवार को, राष्ट्रीय सुरक्षा पर 13 घंटे की लंबी मैराथन बैठक हुई थी। इस बैठक की पूरी कमान सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संभाली थी। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल समेत देश की पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के शीर्ष अधिकारी इस बैठक में मौजूद रहे थे।
PM मोदी ने एक्स (X) पर अपनी बात रखी। उन्होंने लिखा कि, DGP/IGP कॉन्फ्रेंस में सुरक्षा व्यवस्था के अनेक पहलुओं पर चर्चा हुई है। उन्होंने कहा कि यह फोरम बेस्ट प्रैक्टिस और इनोवेशन को साझा करने का मंच है।
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नक्सलवाद उन्मूलन और विजन 2047 पर हुई चर्चा
शनिवार को कुल चार सत्र आयोजित हुए थे, जिनमें अलग-अलग राज्यों के DGP ने अपने-अपने प्रेजेंटेशन दिए। बैठक का मुख्य फोकस राष्ट्रीय सुरक्षा, उभरती चुनौतियां और पिछली सिफारिशों पर हुए अमल की समीक्षा पर था। एजेंडा में महिला सुरक्षा को तकनीक के माध्यम से और भी मजबूत करने पर एक विशेष चर्चा शामिल थी।
छत्तीसगढ़ के डीजीपी अरुण देव गौतम ने ‘बस्तर 2.0’ की अपनी योजना सामने रखी। उन्होंने मार्च 2026 तक नक्सलवाद के पूर्ण उन्मूलन के बाद बस्तर में विकास की क्या रणनीति होगी, इस पर विस्तार से जानकारी दी। एक सत्र में आतंकवाद-निरोध (Counter-Terrorism) के ट्रेंड्स और उपायों पर भी गहन चर्चा हुई। साथ ही, विजन 2047 पर आईबी के विशेष निदेशक ने एक जरूरी प्रेजेंटेशन दिया।