बिजली कनेक्शन के लिए जरूरी होगा ई-केवाईसी, 7 सितंबर से दफ्तरों में भी सुविधा

Umeshwari Baghel | Sept 02, 2026, 19:21 IST
बिजली विभाग का बड़ा फरमान
छत्तीसगढ़ में बिजली उपभोक्ताओं के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य की जा रही है। 1 सितंबर से प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। 7 सितंबर से बिजली कार्यालयों में भी आधार लिंक कराने की सुविधा मिलेगी। इससे अवैध कनेक्शन की पहचान और बिजली व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी।

समझें क्या है पूरा मामला

  • बिना KYC नहीं चलेगा बिजली कनेक्शन, 7 सितंबर से नया नियम लागू
  • बिजली उपभोक्ताओं के लिए जरूरी खबर, आधार से लिंक होगा कनेक्शन
  • छत्तीसगढ़ में बिजली कनेक्शन की होगी पहचान, शुरू हुई ई-KYC प्रक्रिया
  • मोर बिजली ऐप से घर बैठे KYC, दफ्तरों में भी मिलेगी सुविधा
  • अवैध कनेक्शन पर लगेगी लगाम, सभी उपभोक्ताओं का होगा सत्यापन

छत्तीसगढ़ में बिजली उपभोक्ताओं के लिए जरूरी बदलाव होने जा रहा है। अब बिजली कनेक्शन को आधार से जोड़ने के लिए ई-केवाईसी कराना अनिवार्य किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) ने प्रदेशभर में उपभोक्ताओं की पहचान सत्यापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।



1 सितंबर से ई-केवाईसी की शुरुआत मोर बिजली ऐप के जरिए की गई है। वहीं 7 सितंबर से उपभोक्ता अपने नजदीकी बिजली कार्यालयों में पहुंचकर भी यह प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।



बिजली कनेक्शन को आधार से जोड़ा जाएगा

सीएसपीडीसीएल का उद्देश्य प्रदेश के सभी बिजली उपभोक्ताओं की जानकारी को अपडेट करना है। इसके तहत स्मार्ट मीटर और सामान्य मीटर दोनों को उपभोक्ता के आधार नंबर से जोड़ा जाएगा। इससे बिजली कनेक्शन की वास्तविक जानकारी विभाग के रिकॉर्ड में दर्ज हो सकेगी।



शुरुआत में उपभोक्ता घर बैठे मोर बिजली ऐप के माध्यम से ई-केवाईसी करा सकते हैं। इसके लिए फेस रीडिंग और आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर आने वाले ओटीपी के जरिए सत्यापन किया जा रहा है।



7 सितंबर से बिजली दफ्तरों में होगी सुविधा

जो उपभोक्ता मोबाइल ऐप के माध्यम से ई-केवाईसी नहीं कर पा रहे हैं, उनके लिए बिजली कार्यालयों में सुविधा शुरू की जाएगी। 7 सितंबर से सभी जोन कार्यालयों में जाकर उपभोक्ता अपना सत्यापन करा सकेंगे।



कार्यालय में थंब इंप्रेशन, आधार नंबर और मोबाइल ओटीपी के जरिए प्रक्रिया पूरी होगी। इसके बाद बिजली विभाग के कर्मचारी जरूरत पड़ने पर घर-घर जाकर भी उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी करेंगे।



अवैध कनेक्शन और गलत नामों की होगी पहचान

बिजली विभाग के अनुसार ई-केवाईसी के बाद ऐसे उपभोक्ताओं की पहचान हो सकेगी, जो किसी दूसरे व्यक्ति के नाम पर बिजली कनेक्शन का उपयोग कर रहे हैं। इसके अलावा अवैध बिजली उपयोग करने वालों पर भी कार्रवाई आसान होगी।



हालांकि विभाग ऐसे उपभोक्ताओं को नाम परिवर्तन और दस्तावेज अपडेट कराने के लिए पर्याप्त समय देगा। जिन लोगों ने लंबे समय से कनेक्शन अपने नाम नहीं कराया है, वे इस प्रक्रिया के जरिए रिकॉर्ड सही करा सकेंगे।



उपभोक्ताओं को मिलेगा फायदा

आधार लिंक होने से बिजली खाते की पहचान आसान होगी। उपभोक्ता का सीए नंबर आधार डेटाबेस से सत्यापित हो जाएगा। इससे भविष्य में बिजली सेवाओं से जुड़ी सुविधाएं तेजी से मिल सकेंगी।



वहीं सब्सिडी पाने वाले पात्र बीपीएल उपभोक्ताओं को भी डीबीटी के माध्यम से सीधे बैंक खाते में लाभ पहुंचाने में मदद मिलेगी। विभाग का मानना है कि इससे बिजली चोरी रोकने और व्यवस्था को पारदर्शी बनाने में सहायता मिलेगी।



ई-केवाईसी के लिए नहीं लगेगा कोई शुल्क

सीएसपीडीसीएल ने साफ किया है कि ई-केवाईसी की पूरी प्रक्रिया निशुल्क होगी। यदि कोई कर्मचारी इसके लिए पैसे मांगता है तो उपभोक्ता इसकी शिकायत 1912 हेल्पलाइन नंबर पर कर सकते हैं।



विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि घर पर आने वाले कर्मचारियों की पहचान जरूर जांच लें। कर्मचारी का सीएसपीडीसीएल आईडी कार्ड देखने के बाद ही अपनी निजी जानकारी साझा करें।



इन दस्तावेजों की होगी जरूरत

ई-केवाईसी कराने के लिए उपभोक्ता के पास आधार कार्ड, आधार से लिंक मोबाइल नंबर और बिजली बिल में दर्ज सीए नंबर होना जरूरी होगा। सब्सिडी लेने वाले बीपीएल उपभोक्ताओं को राशन कार्ड और बैंक खाते की जानकारी भी देनी पड़ सकती है। यदि कार्यालय में जाकर बायोमेट्रिक सत्यापन कराया जाता है तो पासपोर्ट साइज फोटो की जरूरत भी हो सकती है।



प्रदेश में करोड़ों उपभोक्ताओं का होगा सत्यापन

सीएसपीडीसीएल के अनुसार प्रदेश में बड़ी संख्या में बिजली उपभोक्ता हैं। इनमें करीब 65 लाख घरेलू निम्न दबाव उपभोक्ता, लगभग 5 लाख गैर घरेलू उपभोक्ता, 6 लाख कृषि पंप उपभोक्ता और 4 हजार से ज्यादा उच्च दबाव उपभोक्ता शामिल हैं। इतने बड़े स्तर पर होने वाली इस प्रक्रिया का मकसद बिजली व्यवस्था को सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है।



मदद के लिए ये नंबर जारी

ई-केवाईसी से जुड़ी किसी भी समस्या के लिए उपभोक्ता सीएसपीडीसीएल की 1912 हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा आधार से संबंधित सहायता के लिए 1947 नंबर पर भी जानकारी ली जा सकती है।



FAQ

  1. छत्तीसगढ़ में बिजली ई-केवाईसी कब से शुरू हुई है?
    छत्तीसगढ़ में बिजली उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी प्रक्रिया 1 सितंबर से शुरू हो चुकी है। 7 सितंबर से उपभोक्ता बिजली कार्यालयों में जाकर भी अपना KYC करा सकेंगे।
  2. बिजली कनेक्शन की ई-केवाईसी कराने के लिए कौन से दस्तावेज जरूरी होंगे?
    ई-केवाईसी के लिए आधार कार्ड, आधार से लिंक मोबाइल नंबर और बिजली बिल में दर्ज सीए नंबर जरूरी होगा। सब्सिडी लेने वाले उपभोक्ताओं को बैंक खाते और बीपीएल कार्ड की जानकारी भी देनी पड़ सकती है।
  3. क्या बिजली ई-केवाईसी कराने के लिए कोई शुल्क देना होगा?
    नहीं, बिजली ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी तरह निशुल्क है। अगर कोई कर्मचारी इसके लिए पैसे मांगता है तो उपभोक्ता 1912 हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत कर सकते हैं।

ये खबरें भी पढ़े...

गर्मी में बिजली कनेक्शन कटने से दंपती में झगड़ा, 1 लाख का आया था बिल, महिला ने लगा ली फांसी



महतारी वंदन योजना में अब ई-केवाईसी अनिवार्य, 15 दिन में नहीं कराया तो रुक जाएगी ₹1000 की राशि



CM हेल्पलाइन: शिकायत दर्ज होना आसान, समाधान होना बड़ी चुनौती। राजस्व विभाग सबसे आगे



मोबाइल ऐप से होगी बेरोजगारों की अटेंडेंस, मई में शुरू होगा नया पोर्टल, 21 साल से कम उम्र के 10 हजार आवेदक होंगे बाहर



Tags:
  • हेल्पलाइन
  • मोबाइल ऐप
  • ई-केवाईसी
  • बिजली उपभोक्ताओं
  • बिजली कनेक्शन