कोरोना काल में फर्जी भुगतान का मामला, पूर्व CMHO डॉ. मीरा बघेल दोषी, क्या अब होगी कार्रवाई ?

Vikram Jain | May 10, 2024, 20:20 IST
Chhattisgarh fake payment case former CMHO Dr. Meera Baghel guilty Chhattisgarh Health Department
छत्तीसगढ़ में NGO को फर्जी भुगतान के मामले में दोषी रायपुर जिले की पूर्व सीएमएचओ डॉ. मीरा बघेल की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मामले में कार्रवाई के लिए संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं छत्तीसगढ़ के उपसंचालक ने स्वास्थ्य विभाग के अवर सचिव को पत्र लिखा है।

शिव शंकर सारथी, RAIPUR. छत्तीसगढ़ में कोरोना संकट काल में आपदा में अवसर ढूंढने वाली पूर्व CMHO डॉ. मीरा बघेलकी मुश्किलें बढ़ गई है। गैर सरकारी संगठन को फर्जी भुगतान के मामले में दोषी पूर्व सीएमएचओ (Former CMHO Dr. Meera Baghel) के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। मामले में दोषी पाए जाने के बाद अब स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई के लिए शासन को अनुशंसा भेजी गई है, जबकि यह अधिकारी रिटायर हो चुकी हैं। डॉ. बघेल छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल ( Former CM Bhupesh Baghel) के रिश्ते में भाभी हैं।



जानें क्या है पूरा मामला


स्वास्थ्य विभाग से जारी पत्र के अनुसार पूरा मामला कोरोना संकट काल के समय का है। कोविड-19 की दूसरी लहर के दौरान रायपुर जिले की मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी रहीं डॉ. मीरा बघेल ने 'डॉक्टर फार यू' (Doctor for U) की नाम के एनजीओ को 28 लाख का भुगतान किया था। जांच में यह भुगतान फर्जी पाया गया था, एनजीओ को फर्जी भुगतान ( Fake payment to NGO ) मामले में जांच प्रतिवेदन में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मीरा बघेल को दोषी ठहराए जाने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए भेजा गया था। बावजूद इसके उनके खिलाफ की गई जांच रिपोर्ट को ठंडे बस्ते में डालकर रख दिया गया था। लेकिन अब डॉ. बघेल रिटायर हो चुकी हैं, नई सरकार के आने के बाद अब जाकर कार्रवाई के लिए पत्र लिखा गया है। मामले में 29 अप्रैल को महिला अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं छत्तीसगढ़ के उपसंचालक ने स्वास्थ्य विभाग के अवर सचिव को पत्र लिखा है।



ये खबर भी पढ़ें...




विभाग का दोहरा चरित्र?


29 अप्रैल 2024 को जारी पत्र के मुताबिक कथित घोटाला में मीरा बघेल पर दोष सिद्ध हुआ है। पत्र के विषय में भ्रष्टाचार अधिनियम 1988 यथा संशोधित भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 2018 की धारा 17 (A) के तहत जांच की मंजूरी मांगी गई है। द सूत्र के हाथ लगे पत्र में उप संचालक (विज्ञप्त) संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं छत्तीसगढ़, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में शासन स्तर पर निर्णय लिए जाने की मांग कर रहे हैं।



THE SOOTR


द सूत्र के पास मौजूद पत्र की मानें तो तत्कालीन CMHO मीरा बघेल के खिलाफ कार्रवाई किए जाने को लेकर कई पत्र जारी हुए। एक पत्र 6 जुलाई 2023 को भी लिखा गया था। इस तारीख में छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार थी, भूपेश बघेल मुख्यमंत्री थे, पत्र में जिस तत्कालीन CMHO मीरा बघेल को दोषी लिखा गया है, वो महिला अफसर सीएम भूपेश के रिश्ते में भाभी हैं। ऐसे में भ्रष्टाचार के मामले में कार्रवाई नहीं की गई।



चुनाव के लिए आगे आया था डॉ. मीरा का नाम


इधर भ्रष्टाचार के मामले में बारे में पत्र लिखे जा रहे थे,और उधर 2023 के विधानसभा चुनाव में धरसींवा विधानसभा सीट से डॉ. मीरा बघेल का नाम उम्मीदवार के लिए आगे चल रहा था। कांग्रेस के सूत्र के अनुसान परिवार के ही दो तीन लोग टिकट के लिए अड़ से गए थे, इसीलिए परिवार को कलह से बचाने मौजूदा विधायक (अनीता योगेंद्र शर्मा ) को ही फिर से उम्मीदवार बनाया गया, लेकिन अनीता योगेंद्र शर्मा, बीजेपी के अनुज शर्मा से चुनाव हार गईं।



Tags:
  • former CM Bhupesh Baghel
  • पूर्व सीएम भूपेश बघेल
  • डॉ. मीरा बघेल
  • पूर्व CMHO डॉ. मीरा बघेल
  • एनजीओ को फर्जी भुगतान
  • former CMHO Dr. Meera Baghel
  • Dr. Meera Baghel
  • Fake payment to NGO