छत्तीसगढ़ में सरकारी स्कूल के छात्रों को मुफ्त NEET-JEE कोचिंग
Durg NEET JEE Free Coaching : छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को अब मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए निजी कोचिंग संस्थानों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। स्कूल शिक्षा विभाग ने कक्षा 11वीं और 12वीं के चयनित मेधावी विद्यार्थियों के लिए NEET और JEE की निशुल्क विशेष कक्षाएं शुरू करने की तैयारी की है। नियमित कोचिंग अगस्त 2026 से प्रारंभ होगी।
इस योजना में सरकारी स्कूलों के अनुभवी विषय विशेषज्ञ विद्यार्थियों को भौतिकी, रसायन विज्ञान, गणित और जीव विज्ञान की तैयारी कराएंगे। कक्षाओं का पाठ्यक्रम प्रतियोगी परीक्षाओं के पैटर्न के अनुसार तैयार किया जाएगा।
किन विद्यार्थियों को मिलेगा योजना का लाभ
मुफ्त कोचिंग का लाभ दुर्ग जिले के शासकीय विद्यालयों में पढ़ने वाले कक्षा 11वीं और 12वीं के चयनित विद्यार्थियों को मिलेगा। योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को समान अवसर उपलब्ध कराना है।
NEET और JEE की तैयारी के लिए विद्यार्थियों को सामान्य स्कूली पाठ्यक्रम के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले प्रश्नों का अभ्यास कराया जाएगा। विभाग का प्रयास है कि सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी भी राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं में बेहतर परिणाम हासिल कर सकें।
हालांकि विद्यार्थियों के चयन की विस्तृत प्रक्रिया, कोचिंग केंद्रों और कक्षाओं के समय की जानकारी संबंधित स्कूलों तथा शिक्षा विभाग की ओर से अलग से जारी की जा सकती है।
40 विषय विशेषज्ञ शिक्षकों को मिली जिम्मेदारी
योजना को लागू करने के लिए बुधवार को संयुक्त संचालक शिक्षा, दुर्ग संभाग डॉ. के.वी. राव ने जिले के विषय विशेषज्ञ शिक्षकों के साथ बैठक की। बैठक में सरकारी स्कूलों के लगभग 40 शिक्षकों को कोचिंग कार्यक्रम की जिम्मेदारियों और संचालन व्यवस्था की जानकारी दी गई।
डॉ. राव ने कहा कि सरकारी स्कूलों के शिक्षक मेरिट और निर्धारित चयन प्रक्रिया के माध्यम से नियुक्त होते हैं। उनके शैक्षणिक अनुभव और विषय ज्ञान का सीधा लाभ विद्यार्थियों को मिलना चाहिए। इसी उद्देश्य से योग्य शिक्षकों को NEET और JEE की तैयारी से जोड़ा जा रहा है।
शिक्षकों को मिलेगा तीन दिन का विशेष प्रशिक्षण
विशेष कक्षाएं शुरू होने से पहले चयनित शिक्षकों को तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण में राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थानों के विशेषज्ञ मार्गदर्शन देंगे।
शिक्षकों को NEET और JEE के नवीन परीक्षा पैटर्न, प्रश्नों की कठिनाई, समय प्रबंधन और विद्यार्थियों की समस्या हल करने की तकनीक समझाई जाएगी। इसके साथ ही उन्हें ऐसे शिक्षण तरीकों की जानकारी दी जाएगी, जिनसे विद्यार्थी कम समय में कठिन विषयों को आसानी से समझ सकें। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद अगस्त से नियमित कोचिंग शुरू करने की योजना है।
विषय और टॉपिक के अनुसार पढ़ाएंगे शिक्षक
शिक्षा विभाग ने कोचिंग कक्षाओं को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने के लिए विषयवार जिम्मेदारियां तय की हैं। प्रत्येक शिक्षक को उसकी विशेषज्ञता के अनुसार विषय और टॉपिक दिए जाएंगे।
बैठक में समय-सारिणी, पाठ्यक्रम, अभ्यास प्रश्नों और विद्यार्थियों की नियमित समीक्षा पर भी चर्चा हुई। विद्यार्थियों की तैयारी का समय-समय पर आकलन किया जाएगा। कमजोर विषयों की पहचान कर अतिरिक्त मार्गदर्शन देने की व्यवस्था भी की जा सकती है।
निजी कोचिंग का आर्थिक बोझ होगा कम
NEET और JEE की निजी कोचिंग के लिए विद्यार्थियों के परिवारों को बड़ी रकम खर्च करनी पड़ती है। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण कई प्रतिभाशाली छात्र नियमित कोचिंग नहीं ले पाते।
सरकारी स्कूलों में निशुल्क कक्षाएं शुरू होने से ऐसे विद्यार्थियों को अपने ही शिक्षकों से प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने का अवसर मिलेगा। इससे निजी कोचिंग का आर्थिक बोझ कम होने के साथ ग्रामीण और कम आय वाले परिवारों के बच्चों की भागीदारी भी बढ़ सकती है।
क्या है योजना का उद्देश्य
शिक्षा विभाग का लक्ष्य केवल अतिरिक्त कक्षाएं संचालित करना नहीं है। योजना के माध्यम से सरकारी स्कूलों में प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर शैक्षणिक माहौल तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है।
विशेषज्ञ शिक्षकों, निर्धारित पाठ्यक्रम, नियमित अभ्यास और परीक्षा आधारित मार्गदर्शन के माध्यम से विद्यार्थियों को मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं के लिए तैयार किया जाएगा।
IMP FACTS
योजना क्षेत्र: दुर्ग जिला
लाभार्थी: सरकारी स्कूलों के 11वीं और 12वीं के चयनित विद्यार्थी
कोचिंग: NEET और JEE की निशुल्क तैयारी
कक्षाएं शुरू: अगस्त 2026 से
शिक्षक: 40 विषय विशेषज्ञ
शिक्षक प्रशिक्षण: 3 दिन
प्रशिक्षण देने वाले: राष्ट्रीय स्तर के कोचिंग विशेषज्ञ
तैयारी का आधार: परीक्षा पैटर्न, प्रश्नों का स्तर और आधुनिक शिक्षण तकनीक
व्यवस्था: विषयवार पाठ्यक्रम, समय-सारिणी और शिक्षकों की जिम्मेदारी तय
निष्कर्ष
दुर्ग जिले के सरकारी स्कूलों में मुफ्त NEET-JEE कोचिंग शुरू होने से मेधावी विद्यार्थियों को बड़ी सुविधा मिलेगी। योजना का प्रभाव विद्यार्थियों के चयन, नियमित कक्षाओं, शिक्षकों के प्रशिक्षण और लगातार मूल्यांकन पर निर्भर करेगा। व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू हुई तो सरकारी स्कूलों के अधिक विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं में सफलता हासिल कर सकेंगे।
FAQ
- मुफ्त NEET-JEE कोचिंग किन विद्यार्थियों को मिलेगी?
दुर्ग जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 11वीं और 12वीं के चयनित विद्यार्थियों को यह सुविधा मिलेगी। - विशेष कोचिंग कक्षाएं कब से शुरू होंगी?
NEET और JEE की नियमित मुफ्त कोचिंग कक्षाएं अगस्त 2026 से शुरू होंगी। - विद्यार्थियों को कौन पढ़ाएगा?
सरकारी स्कूलों के 40 विषय विशेषज्ञ शिक्षक पढ़ाएंगे। कक्षाएं शुरू होने से पहले उन्हें तीन दिन का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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