धर्मांतरण पर सख्त कानून से लेकर भर्ती-परीक्षाओं में नकल पर वार, साय कैबिनेट के 10 बड़े फैसलों ने बदला सियासी गणित

VINAY VERMA | Mar 10, 2026, 22:48 IST
Photograph: (THESOOTR)
छत्तीसगढ़ सरकार ने धर्मांतरण कानून, सोलर-बीजगैस अनुदान, और भूमि कानून में संशोधन के साथ 10 बड़े फैसले किए, जो राज्य की सियासी दिशा बदल सकते हैं।

छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण के मुद्दे पर साय सरकार ने बड़ा और सख्त कदम उठाने की तैयारी कर ली है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में 10 मार्च को मंत्रिपरिषद की बैठक हुई। जिसमें छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता विधेयक 2026 के प्रारूप को मंजूरी दे दी गई।



इसके तहत राज्य में एक धर्म से दूसरे धर्म में बदलने के लिए के शर्तें तय कर दी गई हैं। जिसमें बल प्रयोग, प्रलोभन, कपटपूर्ण नीति, अनुचित प्रभाव या झूठ जैसे तरीकों पर रोक रहेगी।



सरकार का कहना है कि यह कानून धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा करेगा। लेकिन, राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर पहले से ही बहस शुरू हो गई है। विपक्ष इसे सामाजिक ध्रुवीकरण का मुद्दा बता सकता है। जबकि सरकार इसे कानून-व्यवस्था और सामाजिक संतुलन का कदम बता रही है।



प्रदर्शनकारियों के 13 केस वापस लेगी सरकार

कैबिनेट ने राजनीतिक आंदोलनों से जुड़े मामलों में भी बड़ा फैसला लिया है। मंत्रिपरिषद की उपसमिति की सिफारिश के आधार पर सरकार 13 केसों को कोर्ट से वापस लेगी। ये मामले अलग-अलग राजनीतिक आंदोलनों और विरोध प्रदर्शनों से जुड़े बताए जा रहे हैं।



छत्तीसगढ़ सरकार का तर्क है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में आंदोलन करना नागरिकों का अधिकार है। कई मामलों में दर्ज प्रकरण परिस्थितियों के कारण दर्ज हुए थे। इसलिए समीक्षा के बाद उन्हें वापस लेने का निर्णय लिया गया। लेकिन ये मामले कौन से होंगे और किसको राहत मिलेगी इस बात पर नई बहस शुरु हो जाएगी।



सोलर और बायोगैस संयंत्रों को मिलेगा अनुदान

राज्य में अपारंपरिक ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट ने अनुदान दरों को भी मंजूरी दी है। प्रस्ताव के अनुसार सोलर प्लांट के 1.5 लाख रुपए का अनुदान दिया जाएगा।



इसके साथ ही घरेलू बायोगैस प्लांट के लिए अनुदान जारी रखने की मंजूरी दी गई है। सरकार का दावा है कि इससे ग्रामीण इलाकों में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा और बिजली-ईंधन पर निर्भरता कम होगी।



नगर और ग्राम निवेश कानून में संशोधन

मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश (संशोधन) विधेयक के प्रारूप को भी मंजूरी दी गई। यह कानून शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास, भूमि उपयोग और मास्टर प्लान से जुड़ी प्रक्रियाओं को प्रभावित करता है।



हाउसिंग बोर्ड कानून में बदलाव का रास्ता साफ

कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल अधिनियम में संसोधन को मंजूरी दी है। राज्य का हाउसिंग बोर्ड लंबे समय से आवासीय परियोजनाओं और जमीन से जुड़े कई मुद्दों में उलझा रहा है।



ऐसे में कानून में संशोधन कर इसे नए दौर के अनुरूप बनाने की कोशिश की जा रही है। सरकार का मानना है कि इससे आवासीय योजनाओं के क्रियान्वयन और जमीन के उपयोग से जुड़े मामलों में स्पष्टता आएगी।



भू-राजस्व संहिता की धाराओं में संशोधन

कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता में संशोधन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। भू-राजस्व संहिता राज्य में जमीन से जुड़े अधिकारों, रिकॉर्ड और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को नियंत्रित करती है। इन धाराओं में संशोधन के बाद जमीन से जुड़े कुछ प्रशासनिक प्रावधानों को अपडेट किया जाएगा।



राजनांदगांव में बनेगा क्रिकेट एकेडमी

कैबिनेट ने खेल के क्षेत्र में भी एक अहम फैसला लिया है। मंत्रिपरिषद ने जिला क्रिकेट एसोसिएशन राजनांदगांव को राजस्व भूमि की 5 एकड़ जमीन देने का निर्णय लिया है। इस जमीन पर एक आधुनिक क्रिकेट एकेडमी बनेगी। सरकार का कहना है कि इससे क्षेत्र के युवा खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।



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