हल्दी-अदरक बीज घोटाला : 25 करोड़ की योजना पर उठे सवाल, जांच के आदेश

Umeshwari Baghel | Sept 15, 2026, 20:56 IST
कागजों पर बंट गए हल्दी के बीज
छत्तीसगढ़ में हल्दी और अदरक बीज वितरण योजना पर सवाल उठे हैं। 10 करोड़ रुपए की सब्सिडी में गड़बड़ी के आरोपों के बाद कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने जांच के आदेश दिए हैं। बीज की गुणवत्ता, प्रमाणन, सप्लाई और भुगतान प्रक्रिया की जांच होगी।

समझें क्या है पूरा मामला

  • हल्दी बीज योजना में गड़बड़ी के आरोपों पर जांच शुरू
  • 10 करोड़ की सब्सिडी और बीज सप्लाई पर उठे सवाल
  • मंत्री ने बीज प्रमाणन से भुगतान तक जांच के दिए निर्देश
  • कई जिलों में किसानों को लाभ नहीं मिलने की शिकायत
  • हल्दी-अदरक बीज वितरण मामले में अधिकारियों पर नजर

Raipur। छत्तीसगढ़ में हल्दी और अदरक बीज वितरण योजना को लेकर विवाद बढ़ गया है। किसानों को दिए गए बीजों की गुणवत्ता और सब्सिडी भुगतान में गड़बड़ी के आरोपों के बाद कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने जांच के आदेश दिए हैं। अब बीज की गुणवत्ता से लेकर भुगतान तक पूरे मामले की जांच होगी।



बीज की गुणवत्ता और सप्लाई पर सवाल

मामला मसाला विस्तार योजना से जुड़ा है। इस योजना के तहत किसानों को हल्दी और (बीज घोटाला) अदरक की खेती के लिए सब्सिडी वाले बीज उपलब्ध कराए जाने थे। आरोप है कि कई जिलों में ऐसे बीज पहुंचाए गए जिनकी गुणवत्ता और प्रमाणिकता पर सवाल खड़े हुए।



शिकायतों में कहा गया है कि कुछ बीजों के रजिस्ट्रेशन, लॉट नंबर और प्रमाणन को लेकर गड़बड़ी हुई। किसानों को दिए गए बीज तय मानकों पर खरे नहीं उतरने के आरोप भी लगाए गए हैं।



मंत्री ने दिए जांच के निर्देश

कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने विभागीय अधिकारियों को पूरे मामले की जांच करने कहा है। जांच में बीज के प्रमाण पत्र, टैग, लॉट नंबर, एक्सपायरी डेट, सप्लाई प्रक्रिया और भुगतान की जानकारी की जांच होगी। इसके साथ ही यह भी देखा जाएगा कि जिन किसानों के नाम योजना में शामिल किए गए हैं, उन्हें वास्तव में बीज मिला या नहीं।



25 करोड़ की योजना पर उठे सवाल

इस योजना के तहत प्रदेश में करीब 2076 हेक्टेयर क्षेत्र में हल्दी और अदरक की खेती कराने का लक्ष्य रखा गया था। इसके लिए करीब 25 करोड़ रुपए की योजना बनाई गई थी। बीज वितरण के लिए कई एजेंसियों को जिम्मेदारी दी गई थी। आरोप है कि कुछ जगहों पर एक ही संस्था से कई जिलों में बीज सप्लाई कराया गया।



किसानों के नाम पर लाभ लेने का आरोप

शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कई जिलों में ऐसे किसानों के नाम भी लाभार्थी सूची में शामिल किए गए जिन्हें बीज नहीं मिला। कुछ किसानों ने योजना का लाभ नहीं मिलने की बात कही है। मामले में जगदलपुर, कोंडागांव, धमतरी, राजनांदगांव, दुर्ग, बिलासपुर, अंबिकापुर, बलरामपुर, जशपुर और महासमुंद जैसे जिलों का नाम सामने आया है।



विभाग ने पहले नकारे थे आरोप

मामले को लेकर विभागीय अधिकारियों ने पहले किसी भी तरह की बड़ी गड़बड़ी से इनकार किया था। अधिकारियों का कहना था कि तय लक्ष्य के अनुसार ही भुगतान प्रक्रिया चल रही है। अब मंत्री के जांच आदेश के बाद विभागीय स्तर पर भी हलचल बढ़ गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगा कि योजना में वास्तव में कितनी अनियमितता हुई है।



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