छत्तीसगढ़ गैस घोटाला : पूर्व मंत्री का रिश्तेदार और दो बड़े अफसर गिरफ्तार, ऐसे चुराई जा रही थी LPG

Umeshwari Baghel | May 09, 2026, 20:23 IST
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छत्तीसगढ़ के महासमुंद में 1.5 करोड़ रुपए के एलपीजी गैस चोरी घोटाले का खुलासा हुआ है। पुलिस ने खाद्य विभाग के दो अधिकारियों और एक गैस एजेंसी संचालक को गिरफ्तार किया है।

NEWS IN SHORT

  • 1.5 करोड़ का LPG घोटाला पुलिस ने पकड़े तीन आरोपी
  • विभाग के दो अधिकारी और गैस एजेंसी संचालक गिरफ्तार
  • महासमुंद में गैस चोरी के मामले में पुलिस ने की बड़ी कार्रवाई
  • पुलिस ने सात एलपीजी टैंकर और 100 सिलिंडर किए जब्त
  • घोटाले में फरार आरोपी की तलाश, जांच जारी

NEWS IN DETAIL

Mahasamund। छत्तीसगढ़ गैस घोटाला :छत्तीसगढ़ पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 1.5 करोड़ रुपये के एलपीजी गैस चोरी घोटाले का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने (खाद्य विभाग छत्तीसगढ़) खाद्य विभाग के दो अधिकारियों और एक पूर्व मंत्री के रिश्तेदार को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में महासमुंद जिले के जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव, सहायक खाद्य अधिकारी मनीष यादव और गौरव गैस एंजेसी के संचालक पंकज चंद्राकर शामिल हैं। पंकज चंद्राकर पूर्व राज्य मंत्री पूनम चंद्राकर का रिश्तेदार है। वहीं, इस मामले में दो अन्य आरोपी संतोष ठाकुर और सार्थक ठाकुर फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।



ये है पूरा मामला

इस मामले की शुरुआत 2025 में हुई थी जब महासमुंद जिले के सिंघोड़ा थाना पुलिस ने गैस चोरी के इरादे से 90 मीट्रिक टन एलपीजी गैस से भरे छह ट्रकों को पकड़ा। ट्रकों के दस्तावेजों की जांच की गई, लेकिन आरोपी कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाए। इसके बाद ट्रकों को थाना में ही रखा गया। चूंकि ट्रकों में गैस भरी हुई थी, पुलिस ने सुरक्षा के कारण जिला प्रशासन से अनुमति लेकर गैस से भरे ट्रकों को ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स के हवाले कर दिया।



गैस चोरी का खुलासा

जांच में यह सामने आया कि ट्रकों को प्लांट तक पहुंचाने के बाद, कोई वजन नहीं किया गया था। आठ दिनों तक गैस को बुलेट टैंकों और निजी टैंकरों में खाली किया गया। इस दौरान आरोपियों ने खाद्य अधिकारियों की मदद से गैस को बिना बिल के विभिन्न एजेंसियों को सप्लाई कर दिया। पुलिस की जांच में यह भी पता चला कि कई टन गैस गायब हो गई थी। दस्तावेजों की जांच में यह पाया गया कि 47 टन गैस को अप्रैल में खरीदी गई थी, जबकि 107 टन गैस बेची गई थी, जो रिकॉर्ड में गड़बड़ी को दर्शाता है।



IMP FACTS

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सख्त कार्रवाई

पुलिस ने इस घोटाले की जांच की और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसके साथ ही सात एलपीजी टैंकर, चार बड़े बुलेट टैंक, 100 गैस सिलिंडर, कंप्यूटर और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है।



घोटाले से जुड़ी और जानकारी

पुलिस का कहना है कि गैस चोरी के इस मामले में और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। जांच जारी है और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।



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