छत्तीसगढ़ में टेक्सटाइल सेक्टर ने पकड़ी रफ्तार, हजारों युवाओं के रोजगार का रास्ता तैयार
कोसा की विरासत से आधुनिक टेक्सटाइल तक...छत्तीसगढ़ में कपड़े के साथ रोजगार की नई कहानी बुनी जा रही है। जी हां, छत्तीसगढ़ टेक्सटाइल सेक्टर में अपनी नई पहचान बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में तकनीकी वस्त्र यानी टेक्निकल टेक्सटाइल के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की जा रही है, इसमें एग्रो, मेडिकल, कंस्ट्रक्शन और स्मार्ट टेक्सटाइल जैसे आधुनिक क्षेत्रों पर खास फोकस किया जा रहा है। सरकार की कोशिश है कि टेक्सटाइल उद्योग में निवेश बढ़े, स्थानीय युवाओं के लिए बड़े स्तर पर रोजगार के अवसर तैयार हों और छत्तीसगढ़ के पारंपरिक वस्त्रों को आधुनिक बाजार से जोड़ा जाए।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के अनुसार, छत्तीसगढ़ में टेक्सटाइल सेक्टर के विकास की बड़ी संभावनाएं हैं। सरकार ने औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में टेक्सटाइल सेक्टर को थ्रस्ट सेक्टर के रूप में शामिल किया है। इस क्षेत्र में निवेश करने वाले उद्यमियों के लिए आकर्षक प्रोत्साहन और अनुदान का प्रावधान किया गया है। इन प्रावधानों के बाद टेक्सटाइल क्षेत्र में निवेशकों की रुचि बढ़ी है और प्रदेश में नई इकाइयों की स्थापना का रास्ता खुला है।
अहम है टेक्सटाइल सेक्टर
प्रदेश सरकार की औद्योगिक नीति में निवेश के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने पर खास जोर है। इसी सोच के तहत एक हजार से अधिक लोगों को रोजगार देने वाली औद्योगिक इकाइयों के लिए विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है।
टेक्सटाइल और अपैरल उद्योग श्रम आधारित क्षेत्र है, इसमें बड़े स्तर पर प्रत्यक्ष रोजगार की संभावना रहती है। नई इकाइयों के आने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के रास्ते खुलेंगे। साथ ही सहायक उद्योगों और स्थानीय स्तर पर नए कारोबार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
सरकार का आधुनिक क्षेत्रों पर फोकस
- एग्रो टेक्सटाइल: खेती और बागवानी में फसल संरक्षण, पौधों की सुरक्षा और उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए एग्रो टेक्सटाइल का इस्तेमाल किया जाता है। कृषि प्रधान छत्तीसगढ़ में स्थानीय जरूरतों के अनुसार इसके उत्पादन और नए प्रयोग की संभावनाएं हैं।
- मेडिकल टेक्सटाइल: स्वास्थ्य सेवाओं में विशेष वस्त्र, सुरक्षात्मक सामग्री और दूसरे तकनीकी उत्पादों का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। इस क्षेत्र में निर्माण इकाइयां आने से छत्तीसगढ़ के टेक्सटाइल उद्योग को नए बाजार मिलेंगे।
- कंस्ट्रक्शन टेक्सटाइल: सड़क, पुल, जल संरक्षण और दूसरी बुनियादी परियोजनाओं में Geotextiles और अन्य तकनीकी वस्त्रों का उपयोग बढ़ रहा है। छत्तीसगढ़ में इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के साथ इस क्षेत्र में भी नए औद्योगिक अवसर बनने की आस है।
- स्मार्ट टेक्सटाइल: सेंसर और दूसरी तकनीकों से लैस स्मार्ट टेक्सटाइल भविष्य की जरूरतों से जुड़ा क्षेत्र है। इससे पारंपरिक वस्त्र कौशल को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़कर नए उत्पाद तैयार करने का अवसर मिलेगा।
नवा रायपुर में टेक्सटाइल हब
नवा रायपुर अटल नगर में टेक्सटाइल क्षेत्र की नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना को गति मिल रही है। सरकार की योजना यहां ऐसा इको-सिस्टम तैयार करने की है, जहां डिजाइन, उत्पादन, कौशल विकास, आधुनिक तकनीक और बाजार आपस में जुड़े हों।
नवा रायपुर के लेयर-2 स्थित ग्राम कुर्रू में टेक्सटाइल पार्क विकसित किया जा रहा है। विनिर्माण गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए इस परियोजना के लिए CSIDC को 100 एकड़ भूमि आवंटित की गई है।
टेक्सटाइल पार्क में निवेश की शुरुआत अब जमीन पर भी दिखाई दे रही है। स्विफ्ट टेक्सटाइल प्राइवेट लिमिटेड ने जून 2026 में 235 करोड़ रुपए के निवेश से गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का भूमिपूजन किया है। इस इकाई से करीब 4,650 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।
वहीं पुनीत क्रिएशन के साथ 175 करोड़ रुपए के निवेश का समझौता किया गया है। इन परियोजनाओं को मिलाकर टेक्सटाइल पार्क में करीब 10,000 युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है। इससे नवा रायपुर का टेक्सटाइल पार्क आने वाले समय में प्रदेश में विनिर्माण और रोजगार का बड़ा केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
कोसा की परंपरा को आधुनिक फैशन से जोड़ने की तैयारी
छत्तीसगढ़ का कोसा सिल्क देश और दुनिया में अपनी अलग पहचान रखता है। खासकर चांपा और आसपास के क्षेत्रों की कोसा परंपरा प्रदेश की सांस्कृतिक और आर्थिक विरासत का अहम हिस्सा है।
अब इसी पारंपरिक कौशल को आधुनिक डिजाइन, तकनीक, ब्रांडिंग और बड़े बाजार से जोड़ने की तैयारी है। इससे छत्तीसगढ़ की पारंपरिक वस्त्र कला को नए उत्पादों और आधुनिक डिजाइनों के साथ आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा।
निफ्ट से युवाओं को मिलेंगे नए अवसर
छत्तीसगढ़ में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (निफ्ट) की स्थापना भी इसी दिशा में अहम कदम होगी। इससे प्रदेश के युवाओं को फैशन डिजाइन, टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी और इससे जुड़े आधुनिक क्षेत्रों में उच्च स्तरीय शिक्षा और प्रशिक्षण के अवसर मिलेंगे।
इसका लाभ स्थानीय बुनकरों, शिल्पकारों और उद्यमियों को भी मिलने की संभावना है। डिजाइन और तकनीकी नवाचार के जरिए स्थानीय उत्पादों को नए बाजार और नए ग्राहक मिल सकते हैं। राष्ट्रीय स्तर के संस्थान और प्रदेश में स्थापित होने वाली नई टेक्सटाइल इकाइयों के बीच बेहतर तालमेल से डिजाइन से लेकर मैन्युफैक्चरिंग तक मजबूत वैल्यू चेन तैयार करने में मदद मिलेगी।
'लोकल टू ग्लोबल' की दिशा में छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का कहना है कि आज छत्तीसगढ़ का कोसा, बस्तर की बुनाई और प्रदेश के पारंपरिक हथकरघा उत्पाद देश-दुनिया में अपनी अलग पहचान बना रहे हैं। सरकार का लक्ष्य छत्तीसगढ़ के हथकरघा उत्पादों को 'लोकल टू ग्लोबल' की नई पहचान दिलाना है। इसके लिए आधुनिक डिजाइन, कौशल उन्नयन, प्रशिक्षण, ब्रांडिंग, मार्केटिंग और नए बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री साय के अनुसार, नवा रायपुर में प्रदेश की पहली गारमेंट इकाई स्थापित की जा रही है। इससे लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। वहीं निफ्ट की स्थापना से प्रदेश के युवाओं को डिजाइन और टेक्सटाइल क्षेत्र में नए अवसर मिलेंगे और छत्तीसगढ़ का हैंडलूम उद्योग नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकेगा।
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