मुस्लिम युवा अनुमति बिना न जाएं गरबा, नाम छिपाने वालों पर हो कार्रवाई-अध्यक्ष सलीम राज बोले धार्मिक परंपराओं का सम्मान करना जरुरी
रायपुर। डॉ. सलीम राज ने कहा कि गरबा केवल मनोरंजन का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि इसका धार्मिक महत्व भी है। ऐसे में यदि मुस्लिम युवा गरबा में शामिल होना चाहते हैं तो उन्हें आयोजन से जुड़ी परंपराओं का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि गरबा आयोजन में यदि तिलक लगाया जाता है, कलावा बांधा जाता है या दूसरी धार्मिक परंपराएं निभाई जाती हैं तो कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों को उनका सम्मान करना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि दूसरे धर्म के आयोजन में जाने से पहले वहां के नियमों को समझना जरूरी है। इससे किसी तरह का विवाद पैदा नहीं होगा और सभी लोग आपसी सम्मान के साथ धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शामिल हो सकेंगे।
मां और बेटियों के साथ जाएं गरबा
वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने मुस्लिम युवाओं से यह भी कहा कि अगर वे गरबा देखने या कार्यक्रम में शामिल होने जाना चाहते हैं तो अपने परिवार के साथ जाएं। उन्होंने युवाओं से अपनी मां और बेटियों के साथ गरबा में जाने की अपील की।
उनका कहना है कि परिवार के साथ धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शामिल होने से बेहतर माहौल बनता है। साथ ही किसी तरह के विवाद या गलतफहमी की आशंका भी कम होती है। उन्होंने युवाओं से जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करने और आयोजन की गरिमा बनाए रखने की बात कही।
महिलाओं को लेकर भी दी हिदायत
डॉ. सलीम राज ने मुस्लिम युवाओं से दूसरे समाज की महिलाओं के साथ गरबा में शामिल होने से बचने की भी बात कही। उन्होंने गरबा आयोजनों में छेड़छाड़ और दूसरी आपत्तिजनक गतिविधियों की शिकायतों को लेकर चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि किसी भी धार्मिक या सांस्कृतिक आयोजन में महिलाओं का सम्मान सबसे जरूरी है। युवाओं को ऐसा कोई काम नहीं करना चाहिए जिससे किसी महिला को परेशानी हो या विवाद की स्थिति बने। उन्होंने कहा कि गरबा आयोजनों में आने वाले सभी लोगों को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए।
पहचान छिपाकर एंट्री पर कार्रवाई की मांग
वक्फ बोर्ड अध्यक्ष ने गरबा आयोजनों में पहचान छिपाकर या गलत नाम बताकर प्रवेश करने वालों पर कार्रवाई की भी मांग की है। उनका कहना है कि किसी व्यक्ति को अपनी पहचान छिपाकर किसी आयोजन में शामिल नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति गलत नाम या गलत पहचान के जरिए गरबा कार्यक्रम में प्रवेश करता है और उसके कारण विवाद या कानून-व्यवस्था की स्थिति बनती है तो मामले में कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। ऐसे मामलों में जांच के बाद FIR दर्ज करने की कार्रवाई भी की जानी चाहिए।
डॉ. सलीम राज ने कहा कि आयोजन समितियों को भी प्रवेश व्यवस्था को लेकर सतर्क रहना चाहिए। पहचान सत्यापन और सुरक्षा व्यवस्था बेहतर होने से किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति को रोका जा सकता है।
‘लव जिहाद’ के आरोपों का भी किया जिक्र
डॉ. सलीम राज ने गरबा आयोजनों में मुस्लिम युवकों की मौजूदगी को लेकर लगने वाले ‘लव जिहाद’ और छेड़छाड़ जैसे आरोपों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को ऐसा व्यवहार नहीं करना चाहिए जिससे समाज में विवाद या तनाव पैदा हो।
हालांकि, किसी व्यक्ति पर इस तरह के आरोप लगने की स्थिति में कार्रवाई के लिए ठोस तथ्य और कानूनी प्रक्रिया जरूरी होगी। केवल आरोप के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी नहीं माना जा सकता।
वक्फ बोर्ड अध्यक्ष का यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब नवरात्रि और गरबा आयोजनों की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। अलग-अलग जगहों पर आयोजन समितियां सुरक्षा व्यवस्था और प्रवेश नियमों को लेकर तैयारियां कर रही हैं। आयोजकों से भी पहचान सत्यापन, महिलाओं की सुरक्षा और कार्यक्रम में अनुशासन बनाए रखने के लिए सतर्क रहने की अपील की जा रही है।
FAQ
- क्या मुस्लिम युवा गरबा आयोजनों में शामिल हो सकते हैं?
हां, मुस्लिम युवा गरबा आयोजनों में शामिल हो सकते हैं, लेकिन उन्हें आयोजनों की परंपराओं और नियमों का सम्मान करना चाहिए। - गरबा में भाग लेते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
गरबा में भाग लेते समय युवाओं को परिवार के साथ जाना चाहिए और महिलाओं के सम्मान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। - गलत पहचान से गरबा में प्रवेश करने पर क्या कार्रवाई की जाएगी?
अगर कोई व्यक्ति गलत पहचान बताकर गरबा में प्रवेश करता है और इससे विवाद होता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।