नक्सल खात्मे पर उठे सवाल, कांग्रेस ने पूछा क्या अब बस्तर में आम आदिवासी का एनकाउंटर बंद होगा, सरकार बोली 99 फीसदी खत्म
RAIPUR : छत्तीसगढ़ में नक्सल खात्मे का दावा सरकार ने कर दिया है। लेकिन अब नक्सल अंत पर सवाल उठने लगे हैं। कांग्रेस ने सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या अब आम आदिवासी का खून नहीं बहेगा इसकी गारंटी सरकार लेगी। क्या अब निर्दोष लोगों का एनकाउंटर नहीं होगा,उनकी सुरक्षा की गारंटी रहेगी। वहीं बीजेपी ने कहा कि अब बस्तर में खून नहीं बल्कि विकास की गंगा बहेगी।
कांग्रेस ने उठाए 10 सवाल :
1. 31 मार्च बीत गया, क्या साय सरकार इस बात की अधिकारिक घोषणा करेगी, प्रदेश से नक्सलवाद पूर्णतः समाप्त हो चुका है, अब प्रदेश का कोई भी इलाका नक्सल प्रभावित नहीं है?
2. क्या सरकार इसकी गारंटी लेगी, प्रदेश नक्सल के नाम से हो रही हिंसा से मुक्त हो चुका है? अब प्रदेश में कोई नक्सल हिंसा नहीं होगी?
3. नक्सलवाद समाप्ति के लिए सरकार ने क्या पैमाना माना था और उनमें से कितने पैमाने पूरे हो चुके है? प्रदेश की जनता जानना चाहती है।
4. अब बस्तर में किसी निर्दोष का खून नहीं बहेगा? अब बस्तर का आम आदिवासी मारा नहीं जाएगा?
5. यदि नक्सलवाद समाप्त हो गया है तो राज्य सरकार ने अभी तक बस्तर से कितने सुरक्षाबलों के कैंप हटाना शुरू किया? कितने सुरक्षा बलों की बटालियन की बस्तर से वापसी करना शुरू किया गया?
6. नागरिक बस्तर में कहीं भी, किसी भी समय बेरोक-टोक आ जा सकते है, सरकार उनकी सुरक्षा की पूरी गारंटी लेगी क्या? प्रदेश की जनता जानना चाहती है।
7. क्या अब नक्सलवाद के नाम पर निर्दोष आदिवासियों का एनकाउंटर नहीं होगा?
8. क्या नक्सल के नाम पर जो सुरक्षा लोगों को दी गयी थी, सरकार उनको भी रिव्यू करेगी?
9. क्या अब बस्तर के जल, जंगल, जमीन पर आदिवासियों का बेरोक-टोक अधिकार रहेगा? बेखौफ होकर आदिवासी अपने वनोपजों का संग्रहण कर सकेंगे, सरकार इसकी गारंटी देगी?
10. झीरम जैसे राजनैतिक हत्याकांड के आरोपियों को सजा मिलेगी या उनको भी सरकार ने माफ कर दिया?
बीजेपी का जवाब :
सरकार के मुताबिक, अब छत्तीसगढ़ में सक्रिय नक्सलियों की संख्या बेहद कम रह गई है। कुछ लोग ही बचे हैं, जो सक्रिय नहीं हैं। कुछ लोग वर्दी छोड़कर गांवों में वापस लौट चुके हैं। हालांकि कांकेर के नॉर्थ एरिया में कुछ गतिविधियां अभी भी चिन्हित की गई हैं। विजय शर्मा का कहना है कि उनके लिए अभी भी विकल्प खुला हुआ है। गृहमंत्री ने पिछले दो वर्षों के आंकड़े पेश करते हुए बताया कि करीब 3000 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर पुनर्वास लिया। वहीं 2000 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा 536 नक्सली मुठभेड़ों में मारे गए। सरकार का दावा है कि इन कार्रवाइयों से नक्सल संगठन का 99% ढांचा खत्म हो चुका है। पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज सुन्दरराज पी ने कहा कि इसके साथ ही बस्तर संभाग नक्सलियों से लगभग पूरी तरह मुक्त हो गया है। यह 1947 मिली आजादी के बाद दूसरी आजादी जैसा ही है। 25 मार्च को पापा राव के सरेंडर के बाद नक्सलियों का कोई भी एक्टिव लीडर बाकी नहीं रह गया है। 20-25 नक्सलियों के इधर - उधर मौजूद रहने की सूचना जरूर है, लेकिन वे भी पुनर्वास के लिए किसी न किसी तरह पुलिस के संपर्क में हैं। इसके बाद भी उनमें से कोई अगर हथियार उठाएगा, तो पुलिस गोली का जवाब गोली से देगी।
सीएम का दावा :
सीएम ने कहा कि आज 31 मार्च का दिन छत्तीसगढ़ के लिए बहुत ऐतिहासिक दिन है। छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद समाप्त हो रहा है। इसके लिए हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता की ओर से बहुत धन्यवाद। उन्होंने कहा कि ये नक्सलवाद छत्तीसगढ़ के विकास में बहुत बड़ी बाधा था और गृहमंत्री ने संकल्प लिया था कि 31 मार्च 2026 तक इसको समाप्त करना है और उनका संकल्प पूरा हुआ है। अब बस्तर क्षेत्र बहुत तेज़ी से विकास करेगा जो 40 वर्षों से विकास से अछूता था।
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