सीएम सचिवालय में बड़ा फेरबदल : छह अफसरों को मिली नई जिम्मेदारियां
छत्तीसगढ़ सरकार ने मुख्यमंत्री सचिवालय (सीएम सचिवालय) के कामकाज को अधिक चुस्त- दुरुस्त और प्रभावी बनाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर एक बड़ा फेरबदल किया है। शासन द्वारा जारी नए आदेश के तहत सचिवालय के छह वरिष्ठ अधिकारियों के बीच विभागों और संभागों की जिम्मेदारियों का नए सिरे से बंटवारा किया गया है। इस पुनर्गठन का मुख्य उद्देश्य नीतिगत फैसलों में तेजी लाना और जनशिकायतों का त्वरित निपटारा करना है।
इस नए बदलाव में प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह को सबसे अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। सचिवालय के कामकाज पर उनका पूरा प्रशासनिक नियंत्रण रहेगा। इसके अलावा वे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), राष्ट्रपति भवन, केंद्रीय मंत्रियों और अन्य राज्य सरकारों से जुड़े महत्वपूर्ण नीतिगत मामलों में समन्वय का काम संभालेंगे। साथ ही वित्त, सामान्य प्रशासन, खनिज और उद्योग जैसे कोर विभागों की समीक्षा भी सुबोध सिंह के जिम्मे होगी।
संभाग और विभागों का नया बंटवारा
सचिवालय के अन्य पांच अधिकारियों को अलग-अलग संभागों की निगरानी के साथ-साथ महत्वपूर्ण विभागों का प्रभार दिया गया है:
मुकेश कुमार बंसल (सचिव) : इन्हें रायपुर संभाग की निगरानी सौंपी गई है। वे जनता से सीधे सरोकार रखने वाले विभागों जैसे— कृषि, बिजली, जनसंपर्क, खाद्य, सहकारिता और जल संसाधन विभाग का कामकाज देखेंगे।
पी. दयानंद (सचिव) : इन्हें बिलासपुर संभाग की जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही वे मुख्यमंत्री सहायता कोष, स्वास्थ्य सेवाएं, मेडिकल शिक्षा और लोक निर्माण विभाग (PWD) जैसे बड़े और महत्वपूर्ण महकमों की फाइलों का निपटारा करेंगे।
रजत बंसल (विशेष सचिव) : इन्हें सरगुजा संभाग की कमान सौंपी गई है। रजत बंसल पंचायत एवं ग्रामीण विकास, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा तथा आवास एवं पर्यावरण जैसे विकासोन्मुखी विभागों का कार्यभार संभालेंगे।
प्रभात मलिक (संयुक्त सचिव) : इन्हें दुर्ग संभाग का जिम्मा मिला है। मलिक मुख्य रूप से मुख्यमंत्री के समय प्रबंधन (भेंट, बैठकें, दौरा) और जनदर्शन (जनता की शिकायतें) का कामकाज देखेंगे। इसके अलावा श्रम, नगरीय प्रशासन, रोजगार, गृह (पुलिस), जेल, परिवहन, संस्कृति, पर्यटन, महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण विभाग भी इन्हीं के पास रहेगा। वे कुनकुरी और जशपुर जिलों के विकास कार्यों की विशेष रूप से मॉनिटरिंग करेंगे।
राहुल भगत (सचिव) : इन्हें बस्तर संभाग की कमान सौंपी गई है, जहां वे कानून-व्यवस्था और क्षेत्रीय विकास से जुड़े अहम मामलों की निगरानी करेंगे।
बेहतर गवर्नेंस की दिशा में कदम
बदलाव का संदेश : इस प्रशासनिक फेरबदल से साफ है कि सरकार विकास कार्यों और जन-सुनवाई को लेकर बेहद गंभीर है। अधिकारियों को संभाग स्तर पर जिम्मेदारी देने से क्षेत्रीय समस्याओं का तेजी से निराकरण हो सकेगा, वहीं विभागों के नए बंटवारे से फाइलों के निपटारे में गति आएगी।
निष्कर्ष
सीएम सचिवालय में किया गया यह प्रशासनिक फेरबदल सुशासन को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। अधिकारियों के बीच संभागों और विभागों का यह संतुलित बंटवारा न केवल सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और गति लाएगा, बल्कि इससे मैदानी स्तर पर जनशिकायतों का त्वरित निवारण भी संभव हो सकेगा।
FAQ
- सीएम सचिवालय का प्रशासनिक नियंत्रण किसे मिला?
Ans. प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह को। - 'जनदर्शन' और दुर्ग संभाग का जिम्मा किसे सौंपा गया?
Ans. संयुक्त सचिव प्रभात मलिक को। - रायपुर संभाग, कृषि और बिजली विभाग किसे मिले?
Ans. सचिव मुकेश कुमार बंसल को। - सरगुजा संभाग और शिक्षा व पंचायत विभाग किसे सौंपा गया?
Ans. विशेष सचिव रजत बंसल को।
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