सीएम विष्णुदेव साय के घर के कॉलेज ही नेक की ग्रेडिंग में फिसड्डी, कुनकुरी से जशपुर तक सभी कॉलेजों के सारे पद खाली
News in Short
. सीएम के क्षेत्र के कॉलेजों की हालत कमजोर
. नेक ग्रेडिंग में नीचे हैं कॉलेज
. कॉलेजों में शिक्षकों के पद खाली
. कुनकुरी से जशपुर तक यही हालत
News in Detail :
छत्तीसगढ़ में सरकार के मुखिया यानी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के इलाके में उच्च शिक्षा की स्थिति बेहद कमजोर है। वैसे तो सीएम का इलाका पूरा प्रदेश होता है लेकिन हम बात कर रहे हैं उनके गृह क्षेत्र की। उनके विधानसभा क्षेत्र कुनकुरी से लेकर गृह जिले जशपुर तक एक भी कॉलेज ऐसा नहीं है जो नेक की ए ग्रेडिंग में आया हो। सभी कॉलेज या तो बी ग्रेड के हैं या सी ग्रेड के। यहां तक कि इन कॉलेजों में सारे पद खाली पड़े हुए हैं। हम ये बात इसलिए कर रहे हैं क्योंकि इस सरकार को ढाई साल यानी आधा समय हो गया है।
सीएम के कॉलेज - कम है नॉलेज :
सीएम विष्णुदेव साय के गृह जिले के कॉलेजों में ही नॉलेज की भारी कमी है। राष्ट्रीय स्तर पर कॉलेजों का मूल्यांकन करने वाली संस्था नेक यानी National Assessment and Accreditation Council की ग्रेडिंग में सीएम के इलाके के कॉलेज बेहद कमजोर हैं। सीएम के जिले जशपुर में 12 कॉलेज आते हैं। जिनमें से एक डी ग्रेड, चार सी ग्रेड और तीन बी ग्रेड में हैं। बाकी की कोई ग्रेडिंग नहीं है। सीएम के विधानसभा क्षेत्र कुनकुरी में तीन कॉलेज हैं, ये तीनों कॉलेज सी ग्रेड के हैं। यह स्थिति तब है जबकि सरकार को दो साल से ज्यादा का वक्त हो गया है। हालांकि सरकार कहती है कि ये पिछले सालों में किए गए मूल्यांकन की रैंकिंग है। अब जब नई रैंकिंग होगी तो स्थिति बेहतर होगी।
इन कॉलेजों की यह है ग्रेडिंग :
जशपुर :
एनईएस कॉलेज - बी
विजय भूषण सिंहदेव कॉलेज - बी
संत रामेश्वर गहिरा गुरु कॉलेज - डी
नायक नित्यानंद साय कॉलेज - सी
कुनकुरी :
बाला साहेब देशपांडे कॉलेज - सी
शासकीय महाविद्यालय - सी
लिखन साय सरकारी कॉलेज - सी
पत्थलगांव :
ठाकुर शोभासिंह कॉलेज - बी
कॉलेजों के सारे पद खाली :
इन कॉलेजों में अलग अलग विषयों के 18 पद स्वीकृत हैं। इन 18 पदों में से सारे के सारे खाली पड़े हैं। इनमें एक भी प्रोफेसर नहीं है। यह सरकारी जानकारी है जिसमें यह स्थिति बताई गई है।
इन विषयों के पद खाली :
इतिहास
अर्थशास्त्र
भूगोल
राजनीति शास्त्र
रसायन शास्त्र
वाणिज्य
गणित
अंग्रेजी
वनस्पति शास्त्र
माइक्रो बायोलॉजी
कंप्यूटर साइंस
समाज शास्त्र
अब आगे क्या :
ऐसा नहीं है कि सरकार ने ग्रेडिंग बढ़ाने के कोई उपाय नहीं किए हैं। रैंकिंग सुधारने के कई तरीके अपनाए गए हैं। सरकार को उम्मीद है कि अगली बार जब ग्रेडिंग होगी तो स्थिति बेहतर होगी। सरकार का कहना है कि वो उच्च शिक्षा को लेकर गंभीर है। जल्द ही इन कॉलेजों के पद भी भर दिए जाएंगे। अब तक जो उपाय किए गए हैं उनमें वर्कशॉप, सेमिनार, मैराथन, उच्च शिक्षण प्रेक्टिस जैसे कई आयोजन किए हैं।
निष्कर्ष :
यह स्थिति उच्च शिक्षा के प्रति सरकार की गंभीरता को दिखाती है। यह ग्रेडिंग भले ही दो साल पहले की हो लेकिन सवाल यही उठता है कि तब भी सरकार पढ़ाई को लेकर गंभीर नहीं थी। पद खाली होना यह दिखाता है कि जब सीएम के इलाके कॉलेजों में पढ़ाने के लिए प्रोफेसर नहीं हैं तो बाकी के कॉलेजों की स्थिति समझी जा सकती है।
यह खबरें भी पढ़ें...
एमपी के 100 कॉलेजों में अर्थशास्त्र के सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति का आदेश
छत्तीसगढ़ के कॉलेजों में 700 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू
पंजाब के सरकारी कॉलेजों में 1158 पदों पर असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती, जानें डिटेल
एमपी विधानसभा में उच्च शिक्षा पर दोहरी चर्चा : 140 पद खाली तो कहीं 27.50 करोड़ के भुगतान पर सवाल