देशी शराब बनाने वालों को मिलेगा बढ़ावा, मनपसंद एप के ग्राहकों की प्राइवेसी का खास ख्याल
RAIPUR. छत्तीसगढ़ सरकार अपनी महुआ नीति में बदलाव करने जा रही है। महुआ उत्पादकों की इनकम बढ़ाने के लिए सीएम विष्णुदेव साय ने अधिकारियों को दूसरे राज्यों की महुआ नीति का अध्ययन करने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने समीक्षा बैठक में कहा कि देशी शराब बनाने वालों को प्रोत्साहित किया जाय। साथ ही मनपसंद एप के ग्राहकों की प्राइवेसी का भी ख्याल रखा जाए।
अवैध मदिरा पर नियंत्रण
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश में अवैध मदिरा के विनिर्माण, धारण, परिवहन एवं विक्रय पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पुलिस विभाग के समन्वय से कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश आबकारी विभाग के अधिकारियों को दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के सीमावर्ती जिलों में स्थापित आबकारी चेक पोस्ट को क्रियाशील रखें। राज्य में स्थित आसवनियों, बॉटलिंग इकाईयों, होटल, बार, क्लब की नियमित सघन जांच सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री साय ने मंत्रालय महानदी भवन में आबकारी विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान यह निर्देश दिए।
देशी मदिरा को बढ़ावा
महुआ संग्राहकों की बढ़े इनकम
उन्होंने महुआ संग्राहक वनवासियों को आय के बेहतर साधन उपलब्ध हो सकें, इस उद्देश्य से अन्य राज्यों में प्रचलित महुआ नीति का अध्ययन करने के निर्देश दिये गये। विभाग द्वारा मदिरा दुकानों में कार्यरत कार्मिकों की उपस्थिति के संबंध में लागू आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली (AEBAS) की मुख्यमंत्री ने सराहना की।
मनपसंद एप की गोपनीयता
इसी तरह देशी-विदेशी मदिरा के उपभोक्ताओं को उनकी पसंद अनुरूप मदिरा उपलब्धता की जानकारी प्राप्त करने के लिए शुरू किये गये ‘मनपसंद ऐप’ में उपयोगकर्ता के डाटा की गोपनीयता बनाए रखने एवं ऐप में प्राप्त सुझाव एवं शिकायत पर त्वरित कार्यवाही के निर्देश बैठक में दिये गये। मदिरा दुकानों में आवश्यक साफ-सफाई रखने, मदिरा के ब्राण्ड-लेबल का समुचित प्रदर्शन किये जाने तथा निर्धारित पंजियों का संधारण सुनिश्चित किये जाने के निर्देश भी बैठक में दिये गये।
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