CSVTU परीक्षा परिणाम में बड़ी चूक, अनुपस्थित छात्रा को 38 अंक देकर पास करने पर एजेंसी को कारण बताओ नोटिस
छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय (CSVTU) की परीक्षा व्यवस्था में बड़ी लापरवाही सामने आई है। बीटेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (AI) चौथे सेमेस्टर की परीक्षा में अनुपस्थित छात्रा को 38 अंक दे दिए गए। इतना ही नहीं छात्रा को परीक्षा परिणाम में उत्तीर्ण भी घोषित कर दिया गया।
मामला सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन में हड़कंप मच गया। छात्रा के सहपाठियों ने जब इस गड़बड़ी की शिकायत की तो परीक्षा विभाग ने रिकॉर्ड की जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि छात्रा ने संबंधित परीक्षा दी ही नहीं थी। इसके बाद विश्वविद्यालय ने परीक्षा परिणाम में सुधार किया।
अनुपस्थित छात्रा को कैसे मिले अंक
यह पूरा मामला CSVTU से संबद्ध एक निजी इंजीनियरिंग कॉलेज का है। यहां बीटेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (AI) चौथे सेमेस्टर की डिस्क्रीट स्ट्रक्चर विषय की परीक्षा हुई थी। परीक्षा में छात्रा शामिल नहीं हुई थी। इसके बावजूद जारी परिणाम में उसके नाम के सामने 38 अंक दर्ज थे। इन अंकों के आधार पर छात्रा को पास भी कर दिया गया था।
18 सितंबर को विश्वविद्यालय ने परीक्षा परिणाम जारी किया था। परिणाम देखने के बाद छात्रा के सहपाठियों को इस गड़बड़ी की जानकारी मिली। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत मिलने के बाद परीक्षा विभाग ने परीक्षा रिकॉर्ड की जांच की। उत्तर पुस्तिकाओं और उपस्थिति रिकॉर्ड को देखा गया। जांच में साफ हुआ कि छात्रा परीक्षा में मौजूद नहीं थी।
जांच में एजेंसी की गलती आई सामने
विश्वविद्यालय की जांच में पता चला कि अंक दर्ज करने में तकनीकी गलती हुई थी। परीक्षा परिणाम तैयार करने वाली एजेंसी एमपीकॉन की ओर से यह त्रुटि हुई।
विश्वविद्यालय के अधिकारियों के अनुसार एमपीकॉन परीक्षा से जुड़े काम संभाल रही है। एजेंसी द्वारा डेटा एंट्री के दौरान गलत अंक दर्ज हो गए। इसी कारण अनुपस्थित छात्रा के नाम अंक दिखाई दिए।
हालांकि इस घटना ने विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। परीक्षा परिणाम जारी होने से पहले रिकॉर्ड की जांच व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
शिकायत के बाद सुधारा गया परिणाम
मामले की पुष्टि होने के बाद CSVTU ने संशोधित परीक्षा परिणाम तैयार किया। संशोधित परिणाम संबंधित कॉलेज को भेज दिया गया है। विश्वविद्यालय ने कॉलेज प्रशासन को छात्रा को नए परिणाम की जानकारी देने के निर्देश दिए हैं। अब छात्रा के रिकॉर्ड में सही स्थिति दर्ज कर दी गई है।
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए परीक्षा प्रक्रिया की निगरानी और मजबूत की जाएगी।
एमपीकॉन को जारी हुआ नोटिस
CSVTU ने परीक्षा परिणाम में हुई गलती को गंभीरता से लिया है। विश्वविद्यालय ने एमपीकॉन को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में एजेंसी से तीन दिन के भीतर जवाब मांगा गया है। विश्वविद्यालय ने पूछा है कि इस लापरवाही के लिए कार्रवाई क्यों नहीं की जाए।
CSVTU ने एजेंसी से यह भी पूछा है कि उसका अनुबंध खत्म क्यों नहीं किया जाए। साथ ही एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने को लेकर भी जवाब मांगा गया है।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार एमपीकॉन से पहले भी लापरवाही को लेकर जानकारी दी गई थी। एजेंसी को सुधार के लिए निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद दोबारा ऐसी गलती सामने आई।
कुलपति ने कार्रवाई के संकेत दिए
CSVTU के कुलपति डॉ. अरुण अरोरा ने मामले को गंभीर बताया है। उन्होंने कहा कि परीक्षा कार्य में लगातार लापरवाही सामने आ रही है। कुलपतिके अनुसार एजेंसी को पहले भी सुधार के निर्देश दिए गए थे। अब इस मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
उन्होंने बताया कि एजेंसी पर जुर्माना लगाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके अलावा ब्लैकलिस्ट करने की अनुशंसा कार्यपरिषद की बैठक में की जा सकती है।
परीक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रणाली को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। छात्रों का कहना है कि परिणाम जारी होने से पहले ऐसी गलतियों की जांच जरूरी है। एक अनुपस्थित छात्र को अंक मिलना परीक्षा रिकॉर्ड की गंभीर चूक मानी जा रही है। विश्वविद्यालय अब इस तरह की गलतियों को रोकने के लिए नई व्यवस्था पर काम कर सकता है।
CSVTU प्रदेश के प्रमुख तकनीकी विश्वविद्यालयों में शामिल है। ऐसे में परीक्षा परिणामों में पारदर्शिता बनाए रखना विश्वविद्यालय के लिए बड़ी जिम्मेदारी है।