CSVTU Paper Leak : पेपर लीक का डिजिटल खेल; थाने से निकला प्रश्नपत्र, फिर चिट और WhatsApp से हुई नकल
NEWS IN SHORT
- पेपर लीक मामले में सीएसवीटीयू ने शुरू की जांच
- कॉलेज प्रबंधन पर गंभीर आरोप, एफआईआर दर्ज होगी
- सामूहिक नकल की पुष्टि, परीक्षा केंद्र होंगे निरस्त
- प्रश्नपत्र लीक करने वाले कॉलेज संचालक की पहचान
- जांजगीर और बिलासपुर रीजन में परीक्षा दोबारा हो सकती है
NEWS IN DETAIL
छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय (CSVTU) की फार्मेसी परीक्षा में पेपर लीक और सामूहिक नकल के मामले में अब नया मोड़ आ गया है। विश्वविद्यालय की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि जांजगीर के एक निजी फार्मेसी कॉलेज से प्रश्नपत्र और उसके उत्तर लीक किए गए थे। इसके बाद इन उत्तरों को रायपुर के एक सरगना के माध्यम से अन्य छात्रों तक पहुंचाया गया।
कॉलेज प्रबंधन की लापरवाही
जांच में यह भी सामने आया कि कॉलेज प्रबंधन ने निर्धारित समय से पहले थाने और शासकीय पॉलीटेक्निक से प्रश्नपत्र का बंडल निकाला। बंडल को बिना ऑब्जर्वर की मौजूदगी में खोला गया और प्रश्नपत्र को वॉट्सऐप पर वायरल कर दिया गया। इतना ही नहीं, कॉलेज ने पहले से ही यह तय किया था कि किन परीक्षार्थियों तक उत्तर पहुंचाने हैं। एमसीक्यू के उत्तर छोटी-छोटी चिट्स पर लिखकर छात्रों तक पहुंचाए गए।
एफआईआर की तैयारी
वर्तमान में विश्वविद्यालय प्रशासन पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रहा है और संदिग्धों के खिलाफ बिलासपुर में एफआईआर दर्ज करने की तैयारी में है। जांच के बाद जांजगीर-चांपा और बिलासपुर रीजन में संबंधित परीक्षा दोबारा कराई जा सकती है। पेपर लीक और सामूहिक नकल के कारण उक्त परीक्षा को निरस्त किए जाने की संभावना है, जिससे करीब एक हजार परीक्षार्थियों को फिर से परीक्षा देनी पड़ सकती है।
उड़न दस्ते की कार्रवाई
सीएसवीटीयू ने गुरुवार को डी-फार्मेसी द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा आयोजित की थी। परीक्षा शुरू होने से पहले ही प्रश्नपत्र और उसके उत्तर वॉट्सऐप पर वायरल हो गए थे। विश्वविद्यालय के उड़नदस्ता दल ने जांजगीर-चांपा के चार परीक्षा केंद्रों में दबिश दी। जांच में यह पाया गया कि छात्रों की उत्तरपुस्तिकाओं में एमसीक्यू के उत्तर एक जैसे मिले थे। कई परीक्षार्थी वीक्षकों की मौजूदगी में एआई और वॉट्सऐप के माध्यम से उत्तर लिखते हुए पकड़े गए।
कॉलेजों की मान्यता पर संकट
सीएसवीटीयू के नियमों के अनुसार सामूहिक नकल के मामलों में कॉलेजों की मान्यता समाप्त की जा सकती है। जांजगीर और जीपीएम जिले के चार फार्मेसी कॉलेजों की मान्यता समाप्त की जा सकती है। विवि प्रशासन ने बताया कि इस मामले पर सोमवार को विशेष बैठक होगी, जिसमें अध्यादेश और जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई तय की जाएगी।
थाने से प्रश्न-पत्र का बाहर निकलना
प्रारंभिक जांच में यह भी पाया गया कि प्रश्नपत्र समय से पहले थाने से बाहर निकाले गए थे, जबकि ये प्रश्नपत्र केंद्रों के नजदीकी थानों में सुरक्षित रखे जाते हैं। इस मामले में यह जांच की जाएगी कि किन केंद्रों में समय से पहले प्रश्नपत्र के बंडल खोले गए। जिन परीक्षा केंद्रों पर यह मामला सामने आया है, वहां के सीसीटीवी कैमरों की स्थिति और रिकॉर्डिंग की जांच की जाएगी।
नवीन एडवाइजरी और सख्ती बढ़ाने की योजना
विवि अब सभी परीक्षा केंद्रों के लिए नई एडवाइजरी जारी करने की तैयारी में है, ताकि निगरानी और सख्ती बढ़ाई जा सके। इसके साथ ही पेपर लीक मामले में एक निजी कॉलेज संचालक का नाम सामने आया है। विवि अब बिलासपुर आईजी से जांच कराने के लिए पत्राचार कर रहा है। जांजगीर और बिलासपुर रीजन में संबंधित परीक्षा को फिर से कराए जाने की संभावना है।
निष्कर्ष
पेपर लीक और सामूहिक नकल के इस मामले में सीएसवीटीयू प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करने का ऐलान किया है। इसमें जिन केंद्रों में नकल की पुष्टि होगी, उन केंद्रों की मान्यता समाप्त की जा सकती है। यह मामला विश्वविद्यालय प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है, जिसमें कई गंभीर कदम उठाए जा रहे हैं।
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